Saturday, 31 January 2026

30 लाख दस्तावेजों में बिल गेट्स से जुड़े चौंकाने वाले दावे, ईमेल्स ने बढ़ाई हलचल


  अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) की ओर से जारी की गई जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी 30 लाख से अधिक नई फाइलों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। इन दस्तावेजों में दुनिया के बड़े उद्योगपतियों और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं। इन्हीं में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स को लेकर भी गंभीर दावे किए गए हैं।

जारी फाइलों में जिन ईमेल्स का उल्लेख है, उनके मुताबिक एपस्टीन और बिल गेट्स के बीच संवाद हुआ था। इन ईमेल्स में गेट्स से जुड़ी निजी जानकारियों का जिक्र बताया जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर उनके निजी संबंधों और स्वास्थ्य से जुड़े दावे शामिल हैं। दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन ने एक आंतरिक ईमेल में दावा किया था कि गेट्स ने उनसे कुछ संवेदनशील ईमेल हटाने का अनुरोध किया था।

फाइलों में यह भी कहा गया है कि जुलाई 2013 के आसपास, जब गेट्स ने एपस्टीन से दूरी बनानी शुरू की, उसी दौरान एपस्टीन ने अपने एक ईमेल में नाराजगी जाहिर की और कुछ कथित राजों का जिक्र किया। इन दावों में विदेशी महिलाओं और निजी संबंधों से जुड़े संदर्भ भी शामिल बताए गए हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इन दस्तावेजों में किए गए दावे अभी आरोपों के स्तर पर हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। न ही इस मामले में बिल गेट्स की ओर से किसी नए आधिकारिक बयान की पुष्टि सामने आई है। DOJ द्वारा जारी फाइलों को लेकर जांच और कानूनी समीक्षा जारी है, जिसके बाद ही इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट हो पाएगी।

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद डेक्सोना इंजेक्शन पर उठे सवाल, जानिए क्या है इसकी सच्चाई


 साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक हुई मौत के बाद DEXONA इंजेक्शन चर्चा और सवालों के घेरे में आ गया है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इंजेक्शन लगते ही उनकी मौत हो गई, वहीं एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। हालांकि मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले तथ्यों और जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।

DEXONA इंजेक्शन, जिसका जेनेरिक नाम Dexamethasone है, एक शक्तिशाली स्टेरॉइड दवा है। इसका इस्तेमाल शरीर में तेज सूजन, गंभीर एलर्जी, दमा के अटैक, ऑटोइम्यून बीमारियों, ब्रेन सूजन, शॉक और कुछ गंभीर संक्रमणों में किया जाता है। सही मरीज और सही डोज़ में यह दवा जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि गलत इस्तेमाल या बिना डॉक्टर की सलाह DEXONA लेना खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर अगर मरीज को पहले से शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी या कोई गंभीर संक्रमण हो, तो इसके दुष्प्रभाव जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसके साइड इफेक्ट्स में ब्लड शुगर का अचानक बढ़ना, बीपी असंतुलन, इम्यून सिस्टम कमजोर होना और हार्ट से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं।

फिलहाल साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक इंजेक्शन को मौत का कारण बताना जल्दबाजी होगी। यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि स्टेरॉइड इंजेक्शन का उपयोग केवल डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए

आयुर्वेदिक औषधियों में सबसे ज्यादा छेड़छाड़ च्यवनप्राश के साथ, मूल स्वरूप से दूर होता जा रहा है बाजारू उत्पाद


 नई दिल्ली: आयुर्वेद में च्यवनप्राश को एक संपूर्ण रसायन औषधि माना गया है, जिसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथ चरक संहिता में मिलता है। खासकर सर्दियों के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इसका सेवन सदियों से किया जाता रहा है। लेकिन समय के साथ बाजार में मिलने वाले च्यवनप्राश के स्वरूप में व्यापक बदलाव और छेड़छाड़ देखने को मिल रही है।

आयुर्वेदाचार्यों का कहना है कि आज बाजार में उपलब्ध अधिकांश च्यवनप्राश अपने मूल आयुर्वेदिक स्वरूप से काफी दूर हो चुके हैं। पारंपरिक च्यवनप्राश में आंवला, दशमूल, अश्वगंधा, पिप्पली, शतावरी, गिलोय समेत दर्जनों जड़ी-बूटियों का संतुलित मिश्रण होता है। वहीं आजकल के उत्पादों में स्वाद और मार्केटिंग के लिए चीनी, फ्लेवर और प्रिज़र्वेटिव्स की मात्रा बढ़ा दी गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आयुर्वेदिक औषधियों में सबसे ज्यादा प्रयोग और बदलाव च्यवनप्राश के साथ ही हुआ है। इसके कारण इसके औषधीय गुणों पर भी असर पड़ता है। कई बार लोग यह समझ ही नहीं पाते कि वे जिस च्यवनप्राश का सेवन कर रहे हैं, वह आयुर्वेदिक है या सिर्फ एक हेल्थ सप्लीमेंट।

आयुर्वेदाचार्य सलाह देते हैं कि यदि संभव हो तो चरक संहिता में वर्णित विधि के अनुसार घर पर च्यवनप्राश बनाना सबसे बेहतर विकल्प है। घर पर बनाया गया च्यवनप्राश न केवल शुद्ध होता है, बल्कि शरीर को शक्ति, ऊर्जा और रोगों से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करता है।

 

TRP गेम में ‘नागिन’ ने मारी बाज़ी, ‘तारक मेहता’ टॉप 10 से बाहर


 


 नई दिल्ली: टीवी के टीआरपी चार्ट में इस हफ्ते बड़ा बदलाव देखने को मिला है. एकता कपूर के सुपरनेचुरल शो ‘नागिन’ ने नंबर 1 की पोज़िशन पर कब्जा कर लिया है और दर्शकों का जबरदस्त प्यार पा रहा है.

प्रियंका चहर चौधरी और ईशा सिंह स्टारर यह शो, ‘सास भी कभी बहू थी’ और ‘अनुपमा’ को पीछे छोड़ते हुए सबसे ऊपर आ गया है. इस बार की रेटिंग से कई पुराने शो चौकन्ने रह गए, जिसमें लंबे समय से चल रहा ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ भी शामिल है. यह लोकप्रिय कॉमेडी शो अब 12वें नंबर पर खिसक गया और टॉप 10 से बाहर हो गया.

टीआरपी चार्ट में इस हफ्ते स्थिति इस प्रकार रही:

टीआरपी की इस नई रेस ने साबित कर दिया कि सुपरनेचुरल और रोमांच से भरपूर कंटेंट अभी भी दर्शकों का सबसे पसंदीदा विकल्प है.

अनन्या पांडे-लक्ष्य की ‘चांद मेरा दिल’ की रिलीज़ तय, सामने आया बड़ा अपडेट


 


 नई दिल्ली: धर्मा प्रोडक्शंस की रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ के फैन्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने जानकारी दी है कि फिल्म 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी.

फिल्म में अनन्या पांडे और लक्ष्य मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे. इसका निर्देशन विवेक सोनी ने किया है और निर्माता करण जौहर हैं. तरण आदर्श ने  बताया कि यह फिल्म एक इंटेंस और म्यूजिकल लव स्टोरी है.

‘चांद मेरा दिल’ लक्ष्य के करियर की अगली बड़ी रिलीज मानी जा रही है. लक्ष्य ने साल 2023 में एक्शन फिल्म ‘किल’ से फीचर डेब्यू किया था, जिसे दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी. इसके अलावा, वह हाल ही में आर्यन खान की वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में भी नजर आए, जिससे उनकी पहचान और मजबूत हुई.

फिल्म का ऐलान साल 2024 में हुआ था, और पहले खबरें थीं कि इसे 2025 में रिलीज़ किया जाएगा. लेकिन अब तय हो गया है कि इस साल मई में दर्शक इसे बड़े पर्दे पर देख सकेंगे.

सलमान खान से पंगा पड़ा भारी, अभिनव कश्यप पर मानहानि केस, कोर्ट ने लगाई बयानबाजी पर रोक


 नई दिल्ली: ‘दबंग’ के डायरेक्टर अभिनव कश्यप के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन्होंने सलमान खान और उनके परिवार को लेकर सार्वजनिक तौर पर कई आरोप लगाए थे, अब भाईजान ने उन पर मानहानि का केस दर्ज करवा दिया है.

कोर्ट ने अभिनव कश्यप को आदेश दिया है कि वे सलमान खान और उनके परिवार के खिलाफ कोई भी बयान सार्वजनिक रूप से न दें. अभिनव ने पहले दावा किया था कि सलमान खान ने उन्हें ‘दबंग’ फ्रेंचाइजी की दूसरी फिल्म से बाहर करवा दिया, जिससे उनका करियर प्रभावित हुआ. उन्होंने कई बार खुलासा किया था कि इस कारण उन्हें इंडस्ट्री में काम नहीं मिल रहा.

सलमान खान के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि अभिनव के बयान उनके प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसलिए उन्हें रोकना जरूरी है. अदालत ने भी इस मामले में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि सार्वजनिक बयानबाजी से और नुकसान न हो.

अब अभिनव कश्यप के लिए यह मामला सिर्फ कानूनी लड़ाई बनकर रह गया है, और वे किसी भी तरह का विवादास्पद बयान देने से बचेंगे.

हैदराबाद में हॉर्स सफारी का नया रोमांच, गांव के बीच मिलेगा अनोखा अनुभव


   हैदराबाद: अब वीकेंड पर शहर की भीड़-भाड़ से दूर प्रकृति और रोमांच का मज़ा लेना आसान हो गया है. कोकापेट से सिर्फ 40 मिनट की दूरी पर स्थित HYD हॉर्स एडवेंचर तेलंगाना का पहला ऐसा ग्रामीण क्लब है, जो पर्यटकों को शहर से दूर खुली हरियाली और घुड़सवारी का अनोखा अनुभव देता है.

यह 25 एकड़ के फार्महाउस में 10 किलोमीटर लंबी निर्देशित हॉर्स सफारी का आनंद लिया जा सकता है. यह सफर जंगलों, झील किनारों और पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरता है. सफारी नौसिखियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, और सुरक्षा के लिए हेलमेट, बूट और प्रशिक्षित गाइड की सुविधा दी जाती है. दो घंटे के इस पैकेज में एक घंटा घुड़सवारी और एक घंटा जीप सफारी शामिल है, जिससे रोमांच दोगुना हो जाता है.

फार्म के घोड़े अर्जुन ने अपनी उत्कृष्टता साबित की है. दिसंबर 2025 के चेतक महोत्सव में नुक्रा श्रेणी में दूसरा स्थान और जनवरी 2026 में इंदौर के सेंट्रल इंडिया हॉर्स शो में राष्ट्रीय स्तर की मान्यता अर्जुन की और फार्म में घोड़ों के उच्च स्तर के रख-रखाव को दर्शाती है.

छात्रों से कारोबारियों तक, नोएडा की निगाहें वित्त मंत्री पर टिकी


 नोएडा: 1 फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट 2026 हर वर्ग की उम्मीदों का केंद्र बन गया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार सदन में बजट पेश करेंगी, और यह पहली बार होगा कि रविवार को बजट पेश किया जाएगा. छात्रों, एजुकेशन एक्सपर्ट्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, व्यापारियों और आम लोगों की नजरें इस बजट पर हैं, जो सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करेगा.

छात्र और युवा चाहते हैं AI और स्टार्टअप्स पर फोकस
छात्र मेधांश का कहना है कि स्टार्टअप्स पर जीएसटी का बोझ कम किया जाना चाहिए और देश में पूंजी स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध कराई जाए. AI 2035 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में 1.7 ट्रिलियन डॉलर जोड़ सकता है, इसलिए बजट में इस सेक्टर को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. एजुकेशनलिस्ट अरुण मौर्य और छात्रा सनाया सेठ का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में AI-ओरिएंटेड शॉर्ट-टर्म कोर्सेज लाने चाहिए, ताकि युवा सीधे रोजगार से जुड़ सकें.


व्यापारी समीर सेठ का कहना है कि बीते साल लोकल बिजनेस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा. बजट में टैक्स और रेगुलेटरी बोझ कम, छोटे व्यापारियों के लिए ग्रांट्स और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सपोर्ट होना जरूरी है.

अनस्टॉप के फाउंडर अंकित अग्रवाल का कहना है कि स्टार्टअप्स पर टैक्स तभी लगाया जाए जब बिक्री हो. स्किल अपग्रेडेशन कोर्स और सर्टिफिकेट पर जीएसटी हटाने की मांग भी उठाई गई है.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट डेवलपर्स चाहते हैं कि बजट स्थिर नीतियों और वित्तीय सपोर्ट के जरिए खरीदारों का भरोसा बनाए. जेवर एयरपोर्ट, मेट्रो और एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी ने इलाके को हाई-ग्रोथ कॉरिडोर बनाया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026 से उम्मीद की जा रही है कि सरकार स्टार्टअप्स, स्किल डेवलपमेंट और रियल एस्टेट को बढ़ावा देकर भविष्य की मजबूत नींव रखे.

बच्चे के PTM में टीचर से पूछें ये 5 सवाल, पढ़ाई और व्यवहार दोनों में सुधार


 नई दिल्ली: पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) सिर्फ नंबर या रैंक देखने का मौका नहीं है, बल्कि यह बच्चे की पढ़ाई, व्यवहार और मानसिक विकास को समझने का सही समय है. अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा आत्मविश्वासी और संतुलित बने, तो PTM में टीचर से ये 5 सवाल जरूर पूछें:

1. मेरा बच्चा क्लास में पढ़ाई को कितना समझ पा रहा है?
सिर्फ रटने की बजाय बच्चे को विषयों की असली समझ है या नहीं, यह जानना जरूरी है. क्या वह सवाल पूछता है? क्या वह कॉन्सेप्ट को समझकर जवाब देता है? इससे घर पर पढ़ाई में सही दिशा मिलती है.

टीचर से जानें कि कौन-से विषय या टॉपिक में बच्चा पीछे है और किस तरह की मदद की जरूरत है.

क्या बच्चा क्लास में ध्यान लगाता है, ग्रुप एक्टिविटीज़ में भाग लेता है या दोस्तों के साथ सहयोग करता है?

समय पर काम पूरा करना और समझदारी से असाइनमेंट करना, बच्चे की जिम्मेदारी और अनुशासन को दर्शाता है.

क्या वह साथी छात्रों के साथ मेलजोल में है? किसी तरह की चिंता या तनाव है तो टीचर से सलाह लें.

इन सवालों से न सिर्फ पढ़ाई में सुधार होता है, बल्कि बच्चे का आत्मविश्वास और समग्र विकास भी बेहतर बनता है.

.किसान ध्यान दें! फरवरी में दलहनी फसलों के लिए कीटों का खतरा, ऐसे करें बचाव


  फरवरी का महीना चना, मटर और मसूर जैसी दलहनी फसलों के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है. इस दौरान फली बेधक और सेमिलूपर जैसे कीट सक्रिय हो जाते हैं, जो पत्तियों और फलियों को काटकर पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने और समय पर कीट नियंत्रण अपनाने की सलाह दी है.

कृषि विज्ञान केंद्र, नियामतपुर के डॉ. हादी हुसैन खान ने बताया कि इन कीटों से निपटने के लिए इज़ादिरैक्टिन (Azadirachtin 0.03%) या नीम तेल का छिड़काव प्रभावी है. एक हेक्टेयर खेत के लिए 5 लीटर दवा को 500-600 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें. यदि फली बेधक का प्रकोप अधिक हो, तो फेनवेलरेट (Fenvalerate) डस्ट 20-25 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से भुरकाव करना चाहिए.

दवा के असर को बढ़ाने के लिए स्प्रे में स्टीकर (Sticker) मिलाना जरूरी है, ताकि दवा पत्तियों पर अच्छी तरह चिपक जाए और कीटों का प्रभावी खात्मा हो. किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों की निगरानी नियमित रखें और समय पर छिड़काव कर अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित बनाएं, ताकि आने वाले मौसम में अच्छी पैदावार सुनिश्चित की जा सके.

Thursday, 29 January 2026

IND vs PAK U19: भारत को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच सकता है पाकिस्तान, समझिए पूरा समीकरण


  अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका है, जबकि ग्रुप-बी से अब भी तीन टीमें—भारत, इंग्लैंड और पाकिस्तान—दौड़ में बनी हुई हैं। ऐसे में IND vs PAK U19 मुकाबला बेहद अहम हो गया है, क्योंकि इसी मैच से सेमीफाइनल की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।

पाकिस्तान अगर भारत को हराता है, तो उसके अंक और नेट रन रेट (NRR) सेमीफाइनल की दौड़ में उसे मजबूत स्थिति में पहुंचा सकते हैं। ऐसी जीत के बाद पाकिस्तान की निगाहें इंग्लैंड के अगले मैच के नतीजे और NRR पर होंगी। अगर इंग्लैंड फिसलता है या पाकिस्तान का NRR बेहतर रहता है, तो पाकिस्तान अंतिम-चार में जगह बना सकता है।

भारत के लिए स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। जीत उसे सीधे सेमीफाइनल के बेहद करीब ले जा सकती है। हार की स्थिति में भी भारत का भविष्य दूसरे मुकाबलों के नतीजों और NRR पर निर्भर करेगा। यानी भारत के लिए भी यह मैच “करो या मरो” जैसा ही है।

इंग्लैंड का एक मैच भी समीकरण बदल सकता है। अगर इंग्लैंड जीत दर्ज करता है और उसका NRR मजबूत रहता है, तो भारत-पाकिस्तान मुकाबले का असर अलग दिशा ले सकता है।

ग्रुप-बी से सेमीफाइनल की रेस पूरी तरह ओपन है। भारत-पाकिस्तान का यह मुकाबला सिर्फ प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि सेमीफाइनल की चाबी भी अपने हाथ में रखता है।

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सर्दियों का देसी स्वाद: लहसुन के पत्तों की चटनी क्यों है सेहत और स्वाद का परफेक्ट मेल


 


 सर्दियों का मौसम आते ही खाने की थाली में देसी और पारंपरिक स्वाद अपने आप जगह बना लेते हैं। इन्हीं में से एक खास और बेहद लोकप्रिय व्यंजन है लहसुन के पत्तों की चटनी। गुनगुनी धूप, ठंडी हवा और साथ में हरे-हरे लहसुन के पत्तों से बनी यह चटनी सिर्फ एक साइड डिश नहीं, बल्कि सर्दियों की पूरी अनुभूति है।

लहसुन के पत्तों की चटनी की सबसे बड़ी खासियत इसकी तीखी खुशबू और सोंधा स्वाद है, जो सादे खाने में भी जान फूंक देता है। बाजरे या मक्के की रोटी, दाल-चावल या साधारण सब्जी—इस चटनी के साथ हर भोजन खास बन जाता है। उत्तर भारत और खासकर ग्रामीण इलाकों में यह चटनी सर्दियों के दिनों में लगभग हर घर में बनाई जाती है।

स्वाद के साथ-साथ यह चटनी सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। लहसुन के पत्तों में इम्युनिटी बढ़ाने वाले तत्व, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो सर्दियों में सर्दी-खांसी और संक्रमण से बचाव में मदद करते हैं। यही वजह है कि बड़े-बुजुर्ग इसे “दवा जैसा खाना” भी कहते हैं।

आज के फास्ट फूड के दौर में लहसुन के पत्तों की चटनी जैसे पारंपरिक स्वाद हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। यह चटनी न सिर्फ स्वाद बढ़ाती है, बल्कि सर्दियों की थाली को पूरी तरह से मुकम्मल बना देती है।

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यूपी के लाखों शिक्षकों के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, कैबिनेट बैठक में मिली अहम मंजूरी


 उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए योगी सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देकर सरकार ने उनके लिए नए अवसरों और सुविधाओं का पिटारा खोल दिया है।

कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि मंत्रिमंडल के सामने कुल 32 प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। इन फैसलों का सीधा लाभ शिक्षा विभाग और प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों को मिलने वाला है।

सरकार के इस कदम को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों के हितों को प्राथमिकता देने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है। मंजूर किए गए प्रस्तावों से न केवल शिक्षकों की कार्य स्थितियों में सुधार होगा, बल्कि प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

योगी सरकार के इस निर्णय के बाद प्रदेश के शिक्षक वर्ग में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में और भी बड़े सुधार देखने को मिलेंगे।

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14 साल के करियर में हिट्स की झड़ी, ‘बॉर्डर 2’ से वरुण धवन ने बॉक्स ऑफिस पर काटा बवाल


  बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन इन दिनों हर तरफ छाए हुए हैं। अपने 14 साल लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं और अब उनकी नई फिल्म ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धमाल मचा रही है। फिल्म को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है और कमाई के मामले में भी यह लगातार नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है।

वरुण धवन ने साल 2012 में ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने ‘मैं तेरा हीरो’, ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’, ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’, ‘जुड़वा 2’ और ‘ABCD 2’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दीं। उनकी फिल्मों ने यूथ के साथ-साथ फैमिली ऑडियंस को भी खूब एंटरटेन किया।

हालांकि करियर में उतार-चढ़ाव भी आए। ‘कलंक’ और ‘भेड़िया’ जैसी कुछ फिल्मों से उम्मीद के मुताबिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन नहीं मिला, लेकिन वरुण की लोकप्रियता पर इसका खास असर नहीं पड़ा। उन्होंने हर बार खुद को नए अवतार में पेश करने की कोशिश की।

अब ‘बॉर्डर 2’ के जरिए वरुण धवन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे सिर्फ रोमांटिक या कॉमेडी ही नहीं, बल्कि देशभक्ति और गंभीर किरदारों में भी दमदार परफॉर्मेंस दे सकते हैं। फिल्म की ओपनिंग से लेकर वीकेंड कलेक्शन तक आंकड़े मजबूत बने हुए हैं।

कुल मिलाकर, वरुण धवन का करियर इस वक्त एक बार फिर पीक मोड में नजर आ रहा है और ‘बॉर्डर 2’ उनकी हिट लिस्ट में एक और बड़ा नाम जोड़ती दिख रही है।

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जयपुर में सर्व किन्नर समाज की एकजुट आवाज़, भाईचारे और समरसता की परंपरा की रक्षा का संकल्प


  राजस्थान की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा हमेशा से आपसी भाईचारे, समरसता और विविधता के सम्मान की प्रतीक रही है। इसी विरासत को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार को राजधानी जयपुर में सर्व किन्नर समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरा और अपनी आवाज़ बुलंद की।

किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होकर सामाजिक सौहार्द, सम्मान और समान अधिकारों की बात कही। उनका कहना था कि राजस्थान की पहचान गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी स्वीकार्यता से बनी है, जिसे किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज में फैली गलत धारणाओं और भेदभाव पर चिंता जताई और सरकार व समाज से किन्नर समुदाय को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और समान अवसर देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए है।

इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि राजस्थान की धरती पर भाईचारा और समरसता सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि जीने की परंपरा है—जिसे हर वर्ग मिलकर आगे बढ़ाएगा।Hashtags

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आ रहा वंदे भारत स्लीपर का ‘बाप’, रेलवे बनाएगी खास सुपर ट्रेन, लुक होगा तेजस-राजधानी जैसा


  देश के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की जबरदस्त लोकप्रियता को देखते हुए भारतीय रेलवे अब इसे और भी विशाल और दमदार बनाने जा रही है। गुवाहाटी से हावड़ा के बीच चल रही देश की पहली सेमी-हाईस्पीड स्लीपर वंदे भारत को यात्रियों से शानदार रिस्पॉन्स मिला है। बुकिंग खुलते ही कुछ ही घंटों में ट्रेन फुल हो जाना इस बात का सबूत है।

इसी बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। अब तक 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर को जल्द ही 24 कोच की ट्रेन में बदला जाएगा। इसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि ज्यादा सीटें जुड़ने से कंफर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

रेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर के संचालन के महज 10 दिनों के भीतर इसकी क्षमता बढ़ाने का फैसला कर लिया गया, जो इसकी सफलता को दर्शाता है। रेलवे का मकसद ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ तेज़, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है।

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का लुक तेजस और राजधानी एक्सप्रेस जैसा प्रीमियम होगा, जबकि सुविधाओं के मामले में इसे ‘रेलवे का पुष्पक विमान’ कहा जा रहा है। इसमें आरामदायक स्लीपर बर्थ, आधुनिक इंटीरियर, बेहतर सस्पेंशन और हाई-स्पीड सफर का शानदार मेल मिलेगा।

रेलवे संकेत दे चुका है कि आने वाले समय में ऐसी और भी हाई-कैपेसिटी, प्रीमियम स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत की जा सकती है। यानी वंदे भारत स्लीपर अब सिर्फ ट्रेन नहीं, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा का नया स्टैंडर्ड बनने जा रही है।

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भारत ने कैसे बचाई थी एक विदेशी राष्ट्रपति की जान? ऑपरेशन कैक्टस की साहसिक कहानी


 साल 1988 में भारत ने अपनी सैन्य ताकत और तेज़ फैसले से मालदीव के तत्कालीन राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम की जान बचाई थी। यह ऐतिहासिक सैन्य अभियान ऑपरेशन कैक्टस (Operation Cactus) के नाम से जाना जाता है, जिसे आज भी भारत की सबसे सफल विदेशी सैन्य कार्रवाइयों में गिना जाता है।

दरअसल, नवंबर 1988 में मालदीव की राजधानी माले में तख्तापलट की साजिश रची गई थी। श्रीलंका के उग्रवादी संगठन PLOTE से जुड़े भाड़े के सैनिकों ने अचानक हमला कर एयरपोर्ट, सरकारी इमारतों और रेडियो स्टेशन पर कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम को मारने या बंदी बनाने की योजना थी, लेकिन वे किसी तरह छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

हालात बेकाबू होते देख राष्ट्रपति गयूम ने सीधे भारत से मदद मांगी। उस समय भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे। उन्होंने बिना किसी देरी के तुरंत सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया। भारतीय वायुसेना के IL-76 विमान से पैरा कमांडो को रातों-रात माले भेजा गया।

भारतीय सैनिकों ने लैंड करते ही एयरपोर्ट को अपने कब्जे में लिया और दुश्मनों के बीच से रास्ता बनाते हुए राष्ट्रपति तक पहुंचे। कुछ ही घंटों में विद्रोहियों को काबू में कर लिया गया और राष्ट्रपति को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पूरा ऑपरेशन 24 घंटे से भी कम समय में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।

ऑपरेशन कैक्टस ने न सिर्फ मालदीव की लोकतांत्रिक सरकार को बचाया, बल्कि भारत को हिंद महासागर क्षेत्र में एक जिम्मेदार और ताकतवर शक्ति के रूप में स्थापित किया।

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत कैसे हुई, कौन थीं यह कथावाचक और क्या है पूरा मामला?


  राजस्थान के जोधपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब कुछ महीने पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर बड़े विवाद की वजह बना था। साध्वी प्रेम बाईसा को जोधपुर स्थित उनके आरती नगर आश्रम से गंभीर हालत में प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित करते हुए मृत बताया।

मौत के बाद मामला तब और रहस्यमयी हो गया, जब उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई। इस पोस्ट में लिखा था—
“जीते जी नहीं, जाने के बाद मिलेगा न्याय।”
इस संदेश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि दावा किया जा रहा है कि यह पोस्ट उनकी मौत के बाद अपलोड की गई। इसी बिंदु पर पुलिस की जांच अब केंद्रित है।

साध्वी प्रेम बाईसा धार्मिक कथाओं और प्रवचनों के लिए जानी जाती थीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके प्रवचनों से जुड़े हुए थे। कुछ समय पहले वायरल हुए वीडियो को लेकर वे मानसिक दबाव में थीं—ऐसी चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। परिवार और समर्थकों की ओर से हाई लेवल जांच की मांग की जा रही है। साध्वी की मौत ने धार्मिक और सामाजिक जगत में हलचल मचा दी है और सभी की नजरें अब जांच के नतीजों पर टिकी हैं।#SadhviPremBaisa #PremBaisaDeath #JodhpurNews #SadhviDeathMystery #ReligiousNews #ViralVideoCase #RajasthanNews #BreakingNews

अजित पवार के बहाने मोदी-विरोध की राजनीति, क्या लाशों पर सियासत ही विपक्ष का नया हथियार बन गई है?


  बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक विमान हादसे में एनसीपी नेता अजित पवार की असमय मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में यह एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं। ऐसे समय में उम्मीद थी कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा होगा। लेकिन अफसोस, इस त्रासदी को भी राजनीतिक हथियार बना लिया गया।

विपक्षी खेमे के कुछ बड़े नेताओं ने बिना किसी ठोस सबूत के इस हादसे को “साजिश” करार देना शुरू कर दिया। ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे ने सीधे-सीधे केंद्र सरकार पर संदेह जताते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग कर दी। सवाल यह नहीं है कि जांच हो या नहीं—जांच हर हादसे में होती है। सवाल यह है कि शोक की घड़ी में शक और आरोपों की राजनीति क्यों?

दिलचस्प बात यह है कि अजित पवार के अपने चाचा और वरिष्ठ नेता शरद पवार ने इस घटना को एक दुखद दुर्घटना बताते हुए साफ कहा है कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जब परिवार का सबसे अनुभवी नेता संयम और संवेदना की बात कर रहा है, तब विपक्ष का एक वर्ग इस त्रासदी को मोदी-विरोध की स्क्रिप्ट में क्यों ढाल रहा है?

यह पहली बार नहीं है जब किसी हादसे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया हो। लेकिन सवाल यह है कि क्या अब विपक्ष के पास लाशों पर राजनीति के अलावा कोई नैतिक रास्ता नहीं बचा? जनता सब देख रही है और शायद अब फैसला भी वही करेगी—कि संवेदना बड़ी है या सियासत

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भारत ने कैसे बचाई थी मालदीव के राष्ट्रपति की जान? ऑपरेशन कैक्टस की पूरी कहानी


 1988 में भारत ने एक साहसिक सैन्य कार्रवाई के ज़रिये मालदीव के तत्कालीन राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम की जान बचाई थी। यह मिशन इतिहास में ऑपरेशन कैक्टस (Operation Cactus) के नाम से दर्ज है। उस समय मालदीव की राजधानी माले में तख़्तापलट की कोशिश की गई थी। श्रीलंका के उग्रवादी संगठन PLOTE से जुड़े भाड़े के सैनिकों ने अचानक हमला कर सरकारी इमारतों, रेडियो स्टेशन और एयरपोर्ट पर कब्ज़ा कर लिया था।

राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम किसी तरह जान बचाकर छिपने में सफल रहे, लेकिन हालात बेहद ख़तरनाक थे। मालदीव की सेना छोटी थी और विद्रोहियों के सामने टिक नहीं पा रही थी। ऐसे संकट के समय राष्ट्रपति गयूम ने भारत से तत्काल मदद की गुहार लगाई।

तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बिना देरी किए सैन्य हस्तक्षेप का फैसला लिया। भारतीय वायुसेना के IL-76 विमान से पैराशूट रेजिमेंट के जवानों को रातों-रात माले भेजा गया। भारतीय कमांडो ने एयरपोर्ट पर नियंत्रण हासिल किया और कुछ ही घंटों में विद्रोहियों को पीछे धकेल दिया।

भारतीय सैनिक दुश्मनों के बीच से रास्ता बनाते हुए राष्ट्रपति तक पहुंचे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस पूरे ऑपरेशन को 24 घंटे से भी कम समय में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। विद्रोही या तो मारे गए या गिरफ्तार कर लिए गए।

ऑपरेशन कैक्टस ने न सिर्फ मालदीव की लोकतांत्रिक सरकार को बचाया, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सैन्य क्षमता और विश्वसनीयता को भी साबित किया। यह मिशन आज भी भारत की तेज़, निर्णायक और जिम्मेदार विदेश नीति का प्रतीक माना जाता है।

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Wednesday, 28 January 2026

तलाक की अटकलों पर प्रतीक यादव का यू-टर्न! अपर्णा यादव संग तस्वीर शेयर कर लिखा—


 बीते कुछ दिनों से भाजपा नेत्री अपर्णा यादव और उनके पति प्रतीक यादव के रिश्ते को लेकर तलाक की चर्चाएं तेज थीं। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मामले पर कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन अब प्रतीक यादव ने इन अटकलों पर खुद ही विराम लगा दिया है।

प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पत्नी अपर्णा यादव के साथ एक तस्वीर साझा की है। इस फोटो में दोनों साथ नजर आ रहे हैं और चेहरे पर मुस्कान दिखाई दे रही है। तस्वीर के साथ प्रतीक यादव ने कैप्शन में लिखा, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि उनके वैवाहिक रिश्ते में सब ठीक है।

इस पोस्ट के सामने आते ही तलाक की खबरों पर ब्रेक लग गया है। सोशल मीडिया यूजर्स इस तस्वीर को दोनों के रिश्ते में आई सकारात्मकता के तौर पर देख रहे हैं। गौरतलब है कि अपर्णा यादव, समाजवादी पार्टी से अलग होकर भाजपा में शामिल हुई थीं और इसके बाद से वह लगातार चर्चा में रहती हैं।

हालांकि, इससे पहले इस जोड़े ने तलाक की अफवाहों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था, जिससे अटकलें और तेज हो गई थीं। अब प्रतीक यादव की इस पोस्ट को साफ तौर पर अफवाहों पर यू-टर्न माना जा रहा है। तस्वीर वायरल होते ही समर्थकों और फैंस ने राहत की सांस ली है और दोनों के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।

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वास्तु टिप्स: घर में नीम का पेड़ किस दिशा में लगाना होता है शुभ? जानिए सही नियम और लाभ


  पेड़-पौधे न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि भारतीय परंपरा, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में भी इनका विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है नीम का पेड़, जिसे औषधीय गुणों का भंडार माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, नीम का पेड़ घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है और कई प्रकार की नकारात्मक शक्तियों से भी रक्षा करता है। हालांकि, इसे लगाते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, नीम का पेड़ उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) या पश्चिम दिशा में लगाना सबसे शुभ माना जाता है। इन दिशाओं में नीम लगाने से घर में स्वास्थ्य लाभ, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। वहीं, नीम का पेड़ उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह दिशा पूजा और जल तत्व से जुड़ी मानी जाती है और यहां भारी या बड़े पेड़ लगाना अशुभ माना जाता है।

वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि नीम का पेड़ घर से थोड़ी दूरी पर लगाया जाए, ताकि उसकी छाया सीधे घर पर न पड़े। मान्यता है कि नीम की कड़वी प्रकृति नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेती है और वातावरण को शुद्ध बनाती है। साथ ही, नीम का उपयोग आयुर्वेद में भी औषधि के रूप में किया जाता है, जिससे यह सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी है।

यदि वास्तु नियमों का पालन करते हुए नीम का पेड़ लगाया जाए, तो यह घर में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मानसिक शांति लाने में सहायक होता है।

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अजित पवार के निधन पर शोक: पत्नी से मिलने पहुंचे फडणवीस-शिंदे, देशभर से संवेदनाएं


 रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक चार्टर विमान हादसे में दुखद निधन हो गया। बताया जा रहा है कि यह हादसा बारामती में लैंडिंग के दौरान हुआ, जिसमें विमान में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। इस खबर के सामने आते ही महाराष्ट्र समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।

सूत्रों के अनुसार, अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बीच एक जनसभा में शामिल होना था। सुबह करीब 9 बजे विमान लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो बैठा और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। क्रैश के बाद विमान में आग लगने की भी सूचना है। डीजीसीए की ओर से भी सभी यात्रियों के निधन की पुष्टि किए जाने की बात कही जा रही है।

अजित पवार के निधन की खबर के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे बारामती पहुंचकर उनकी पत्नी और परिवार से मिले और गहरा दुख व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने इसे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई राष्ट्रीय-राज्य नेताओं ने भी शोक संदेश जारी किए हैं।

पवार परिवार में मातम का माहौल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतिम संस्कार आज ही बारामती में किए जाने की तैयारी है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर मौजूद हैं और हादसे की जांच की जा रही है। अजित पवार के आकस्मिक निधन की खबर ने राज्य की राजनीति और आम जनता—दोनों को स्तब्ध कर दिया है।

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धौलपुर में सीवर का सैलाब बना आफत, बदबूदार पानी में जीने को मजबूर लोग, नगर परिषद पर गंभीर लापरवाही के आरोप

 राजस्थान के धौलपुर शहर में सीवरेज की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर की खोसला विहार, मयूरी नगर, बाबा सिंह नगर समेत कई आसपास की कॉलोनियों में इन दिनों गंदे पानी का जमाव लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। रेलवे लाइन के नीचे बनी पुलिया, जो कभी बारिश के पानी की निकासी के लिए बनाई गई थी, अब सीवर के गंदे पानी का रास्ता बन चुकी है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दो दिन पहले रेलवे लाइन के दूसरी ओर स्थित कुछ कॉलोनियों के लोगों ने पुलिया को खोल दिया, जिसके बाद नारायण विहार, हुंडावाल नगर और अन्य इलाकों का सीवरेज का पानी खोसला विहार और मयूरी नगर की तरफ मोड़ दिया गया। इसके चलते घरों के आसपास बदबूदार पानी भर गया है और पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई है।

हालात ऐसे हो गए हैं कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। सड़कों और गलियों में भरे गंदे पानी के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। वहीं, लोगों को डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी डर सता रहा है।

निवासियों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार नगर परिषद को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे मजबूरन सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द राहत की मांग कर रहे हैं।

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‘गांव लौटने का सपना अधूरा रह गया…’ बारामती विमान हादसे में जौनपुर की पिंकी माली की मौत, परिवार बोला—किस्मत को कुछ और मंजूर था


 


 महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने कई जिंदगियों को हमेशा के लिए थाम दिया। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली पिंकी माली की भी मौत हो गई। पिंकी इस विमान में क्रू मेंबर के तौर पर तैनात थीं। जैसे ही उनकी मौत की खबर जौनपुर के केराकत तहसील स्थित भैंसा गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया।

पिंकी माली, भैंसा गांव निवासी शिवकुमार माली की बेटी थीं। परिवार करीब 20 साल पहले रोजगार की तलाश में मुंबई चला गया था, तभी से पिंकी भी वहीं रहकर अपने सपनों को आकार दे रही थीं। रिश्तेदारों के मुताबिक, पिंकी हाल के दिनों में बार-बार गांव आने की बात कर रही थीं और परिवार से मिलने की इच्छा जता रही थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

परिजनों ने बताया कि पिंकी का स्वभाव बेहद सरल, मेहनती और मिलनसार था। उन्होंने कुछ महीनों पहले ही शादी की थी और नई जिंदगी की शुरुआत को लेकर खुश थीं। गांव के लोगों का कहना है कि पिंकी हमेशा सबकी मदद को तैयार रहती थीं, इसलिए उनका यूं अचानक चला जाना पूरे समाज के लिए बड़ी क्षति है।

हादसे की खबर के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। गांव के हर घर में शोक है और हर आंख नम। पिंकी की कहानी उस दर्द की याद दिलाती है, जो एक पल में कई सपनों को राख में बदल देता है।

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मेक इन इंडिया को नई उड़ान! HAL बनाएगा सुखोई जैसा पैसेंजर विमान, सुपरजेट-100 को कहा जाता है छोटे रनवे का बाहुबली


  एचएएल ने सुपरजेट-100 बनाने के ल‍िए रूस की कंपनी के साथ बड़ी डील की है.

भारत में जल्द ही यात्रियों को मेक इन इंडिया पैसेंजर विमान में सफर करने का मौका मिल सकता है। लड़ाकू विमानों के निर्माण में अपनी ताकत साबित कर चुकी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अब कमर्शियल एविएशन सेक्टर में भी बड़ा कदम रखने जा रही है। इसके लिए HAL और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) के बीच एक अहम समझौता हुआ है।

इस डील के तहत भारत में रूसी डिजाइन वाला सुखोई सुपरजेट-100 (SSJ-100) विमान तैयार किया जाएगा। यह वही सुखोई परिवार का विमान है, जिसकी पहचान मजबूती और विश्वसनीयता के लिए होती है, लेकिन सुपरजेट-100 को खासतौर पर पैसेंजर ट्रैवल के लिए डिजाइन किया गया है। इसे छोटे रनवे पर उड़ान भरने और उतरने की क्षमता के कारण “छोटे रनवे का बाहुबली” कहा जाता है।

समझौते पर UAC के सीईओ वादिम बादेहा और HAL के चेयरमैन डॉ. डी.के. सुनील ने हस्ताक्षर किए हैं। इस करार के तहत HAL को भारत में सुपरजेट-100 के निर्माण का लाइसेंस मिलेगा। इतना ही नहीं, इस विमान की बिक्री, मरम्मत और रखरखाव (MRO) की जिम्मेदारी भी HAL के पास होगी।

रूसी कंपनी UAC इस परियोजना में तकनीकी सहयोग और डिजाइन सपोर्ट उपलब्ध कराएगी, जिससे HAL की फैक्ट्रियों में इस आधुनिक विमान का उत्पादन संभव हो सके। जानकारों का मानना है कि यह डील भारत के क्षेत्रीय हवाई संपर्क, रोजगार सृजन और एविएशन सेक्टर को नई मजबूती देगी।

चीन के पास S-400 के 6 स्क्वाड्रन! क्या ड्रैगन के सामने ब्रह्मोस की मार हो जाएगी बेअसर?


 ह्मोस भारत की एक सबसे यूनिक मिसाइल सिस्टम है, जिसको किसी भी देश के लिए रोकना करीब-करीब असंभव है.

रूस का अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ट्रायम्फ दुनिया के सबसे शक्तिशाली रक्षा तंत्रों में गिना जाता है। यह सिस्टम मैक 14 तक की रफ्तार से उड़ने वाले टार्गेट को पहचानने, ट्रैक करने और इंटरसेप्ट करने में सक्षम माना जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या S-400, भारत की घातक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को रोक सकता है?

बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के भीतर ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल किया था, जिससे पाकिस्तान के अहम सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा। उस समय पाकिस्तान के पास S-400 जैसा मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम नहीं था। उसने चीनी डिफेंस सिस्टम का सहारा लिया, लेकिन वह ब्रह्मोस को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ।

हालांकि, स्थिति चीन के मामले में अलग है। चीन के पास इस समय S-400 के कुल 6 स्क्वाड्रन मौजूद हैं, जिन्हें उसने 2014 में रूस से समझौते के तहत हासिल किया था। वहीं भारत ने 2018 में रूस के साथ 5 S-400 स्क्वाड्रन की डील की थी, लेकिन अब तक केवल 3 स्क्वाड्रन ही तैनात हो पाए हैं। यूक्रेन युद्ध के कारण रूस से डिलीवरी में देरी हुई है, हालांकि इस साल एक और स्क्वाड्रन मिलने की संभावना जताई जा रही है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मोस की लो-लेवल फ्लाइट, तेज गति और सटीकता इसे बेहद घातक बनाती है। लेकिन S-400 जैसे मल्टी-लेयर डिफेंस सिस्टम के सामने इसकी चुनौती और जटिल हो जाती है। ऐसे में चीन के खिलाफ ब्रह्मोस की प्रभावशीलता रणनीति, संख्या और समय पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

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12 साल बाद फिर प्यार में जेनिफर विंगेट? इस मशहूर टीवी एक्टर संग शादी की चर्चाएं तेज


   जेनिफर विंगेट एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। तलाक के करीब 12 साल बाद, जेनिफर की जिंदगी में दोबारा प्यार लौटने की खबरें सामने आ रही हैं। इंडस्ट्री में चर्चा है कि अभिनेत्री एक जाने-माने टीवी एक्टर को डेट कर रही हैं और दोनों का रिश्ता अब दोस्ती से आगे बढ़ चुका है।

जेनिफर विंगेट ने साल 2012 में अभिनेता करण सिंह ग्रोवर से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद जहां करण सिंह ग्रोवर ने बिपाशा बसु से शादी कर ली, वहीं जेनिफर लंबे समय तक सिंगल रहीं और पूरी तरह अपने करियर पर फोकस करती नजर आईं।

अब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेनिफर का नाम मशहूर टीवी एक्टर करण वाही के साथ जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों की दोस्ती काफी पुरानी है और समय के साथ यह रिश्ता और गहरा होता चला गया। दोनों को कई मौकों पर साथ समय बिताते देखा गया है, जिससे फैंस के बीच शादी की अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों की मानें तो जेनिफर और करण अपने रिश्ते को लेकर गंभीर हैं और परिवार की सहमति से आगे बढ़ने की योजना बना सकते हैं। हालांकि, अभी तक दोनों में से किसी ने भी इन खबरों पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन फैंस इस खबर से बेहद खुश नजर आ रहे हैं और जेनिफर की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। 

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का विमान हादसे में निधन, बारामती में संकट का माहौल


 राष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता का विमान क्रैश हो गया है.

 महाबारामती, महाराष्ट्र — बुधवार सुबह एक गंभीर विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राजनीतिज्ञ अजीत पवार का निधन हो गया है। हादसा बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के दौरान हुआ, जब चार्टर प्लेन नियंत्रण खो बैठा और आग के गोले बनकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान मुंबई से सुबह करीब 8 बजे उड़ान भरकर बारामती के लिए आ रहा था, जहाँ अजीत पवार स्थानीय चुनाव प्रचार कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले थे। लैंडिंग के समय ही विमान गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई

इस दर्दनाक हादसे में अजीत पवार के अलावा उनके दो सहयोगी और पायलट-क्रू मेंबर्स भी शामिल हैं, और कोई भी यात्री ज़िंदा नहीं बचा है।  ने बताया कि विमान दुर्घटनाग्रस्त होते ही भयंकर धमाके और धुएँ के बड़े गुब्बारे उठते देखे गए।

हादसे के बाद बारामती और महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है। लोकजन प्रत्यक्ष स्थानों पर उमड़ रहे हैं और चिकित्सा तथा सुरक्षा अधिकारी घटनास्थल पर जुटे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री और राज्य प्रशासन ने हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है और कहा है कि पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करवाई जाएगी।

अजीत पवार महाराष्ट्र के अनुभवी नेताओं में से एक थे और लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे। उनके आकस्मिक निधन से राज्य में राजनीति और प्रशासन दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ा है

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क्रिकेट का जुनून बना रिश्तों का दुश्मन! करियर के शिखर पर टूट गया ब्रेट ली का घर, 3 साल में हुआ तलाक


 ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ ब्रेट ली ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाज़ी से दुनियाभर के बल्लेबाज़ों में खौफ पैदा किया। लंबे रन-अप, स्मूद एक्शन और 150 किमी प्रति घंटे से ज़्यादा की रफ्तार ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे खतरनाक गेंदबाज़ों में शामिल कर दिया। लेकिन जिस क्रिकेट ने ब्रेट ली को नाम, शोहरत और दौलत दी, उसी खेल ने उनकी निजी ज़िंदगी में गहरी दरार भी डाल दी।

बहुत कम लोग जानते हैं कि ब्रेट ली की पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चल पाई। साल 2006 में उन्होंने एलिज़ाबेथ कैंप से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता महज तीन साल में ही टूट गया। बताया जाता है कि ब्रेट ली का क्रिकेट के प्रति जुनून इतना ज़्यादा था कि वह अपनी पर्सनल लाइफ को समय नहीं दे पाए। उनका ज़्यादातर वक्त क्रिकेट टूर, ट्रेनिंग और मैचों में बीतता था, जिससे रिश्ते में दूरियां बढ़ती चली गईं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान रिश्ते में विश्वास की कमी भी सामने आई और हालात तलाक तक पहुंच गए। यह सब उस समय हुआ जब ब्रेट ली अपने करियर के शिखर पर थे। तलाक के बाद ब्रेट ली गहरे सदमे में थे, लेकिन उन्होंने कभी अपने दर्द को मैदान पर हावी नहीं होने दिया।

ब्रेट ली की यह कहानी बताती है कि सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने की कीमत कई बार निजी रिश्तों के टूटने के रूप में भी चुकानी पड़ती है।

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Monday, 26 January 2026

1 साल से कम उम्र के बच्चों को भूलकर भी न खिलाएं ये चीजें, डॉक्टर ने हेल्दी और अनहेल्दी फूड्स को दी रेटिंग


  नई दिल्ली: 1 साल से कम उम्र के बच्चों की डाइट को लेकर माता-पिता अक्सर परेशान रहते हैं। इस उम्र में बच्चों का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए कुछ चीजें उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, सबसे पहले शहद बिल्कुल न दें। इससे बोटुलिज्म जैसी गंभीर बीमारी का खतरा होता है। इसके अलावा चीनी, नमक, पैकेट वाले जूस, सॉफ्ट ड्रिंक, बिस्किट और नमकीन बच्चों के लिए हानिकारक हैं। गाय का दूध भी 1 साल से पहले न दें, क्योंकि यह बच्चे का पेट पूरी तरह पचा नहीं पाता और आयरन की कमी हो सकती है।

कुछ चीजें सीमित मात्रा में दी जा सकती हैं, जैसे अंडा (अच्छी तरह पका हुआ) और ड्राई फ्रूट्स पाउडर या पेस्ट में, लेकिन किसी भी नई चीज़ को देने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सुरक्षित और हेल्दी विकल्पों में मां का दूधउबली और मैश की हुई सब्ज़ियां जैसे गाजर, कद्दू और लौकी, दलिया और चावल का मांड, और मैश किया हुआ केला या सेब शामिल हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि इस उम्र में बच्चे को सादा, ताजा और बिना मसाले वाला खाना ही देना चाहिए। सही डाइट से बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ती है, पाचन ठीक रहता है और भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचाव होता है।

दिल्ली-एनसीआर में हवा साफ, लेकिन ठंड बरकरार; तेज हवाओं के बीच मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट


  नई दिल्ली:

दिल्ली-एनसीआर में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह साफ बना रहा। शनिवार को लगातार दूसरे दिन हवा की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया, जिससे लोगों को प्रदूषण से राहत मिली।

हालांकि, करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर बना रहा और लोगों को ठंड का एहसास होता रहा। सुबह और शाम के समय ठंड ज्यादा महसूस की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत हैं। विभाग ने मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज हवाओं और तापमान में हल्की गिरावट के कारण ठंड और बढ़ सकती है।

“एक देश के राष्ट्रपति को अपहरण कर लिया गया…”: गणतंत्र दिवस पर अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला, बेरोजगारी-स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल


  नई दिल्ली

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में हालात इतने चिंताजनक हो गए हैं कि “एक देश के राष्ट्रपति को अपहरण कर लिया जाता है और सरकार खामोश रहती है।”

अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के साथ लगातार हो रहे अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ भाषणों और जश्न तक सीमित रह गई है, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है, गरीब मरीजों को समय पर दवा और इलाज नहीं मिल पा रहा।

उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि युवा कितनी भी डिग्रियां हासिल कर लें, उन्हें नौकरी नहीं मिल रही। पढ़ा-लिखा युवा हताश और निराश है, लेकिन सरकार के पास इसका कोई ठोस समाधान नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस सिर्फ परेड और औपचारिकता का दिन नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को याद करने का अवसर है। अगर जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार नहीं मिलेगा, तो लोकतंत्र सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह जाएगा।

उन्होंने सरकार से अपील की कि वह प्रचार से बाहर निकलकर जनता के असली मुद्दों पर काम करे और संविधान की मूल भावना का सम्मान करे।

सोना ₹1.65 लाख के पार, एक झटके में ₹3520 महंगा, चांदी में ₹5000 की उछाल—काशी से मेरठ तक नए रेट


 उत्तर प्रदेश के सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिख रहा है। 26 जनवरी 2026 को यूपी में सोने ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट सोना ₹3520 प्रति 10 ग्राम उछलकर ₹1,65,030 तक पहुंच गया है, जबकि मेरठ में इसका भाव ₹1,65,040 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

काशी यानी वाराणसी के सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में जोरदार तेजी देखने को मिली। यहां 24 कैरेट सोना ₹3330 की बढ़त के साथ ₹1,62,100 प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले 25 जनवरी को इसका भाव ₹1,58,770 प्रति 10 ग्राम था। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की चिंता भी बढ़ा दी है।

चांदी की बात करें तो इसमें भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। यूपी में चांदी की कीमत ₹5000 प्रति किलो बढ़कर ₹3,40,000 प्रति किलो तक पहुंच गई है। एक दिन पहले यानी 25 जनवरी को चांदी का भाव ₹3,35,000 प्रति किलो था।

सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, डॉलर की चाल और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोना-चांदी लगातार मजबूत बने हुए हैं। आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

हे भगवान! कलियुग की हदें पार—जमीन की रजिस्ट्री तक 3 दिन फ्रिज में रखा किसान का शव, फिर हुआ अंतिम संस्कार


  बिहार के सीतामढ़ी जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई, लेकिन परिजनों ने तीन दिन तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया। वजह जानकर हर कोई हैरान रह गया—पहले मुआवजे में मिलने वाली जमीन की रजिस्ट्री कराई गई, फिर शव को अंतिम विदाई दी गई।

यह मामला सुरसंड थाना क्षेत्र के मलाही गांव का है। गांव निवासी नईम अंसारी (55) 20 जनवरी को अपने खेत में गेहूं की पटवन कर रहे थे। इसी दौरान पास के खेत में मवेशियों से फसल बचाने के लिए लगाए गए नंगे बिजली के तार की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मौत के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने फैसला सुनाया कि जिस खेत में करंट लगा तार था, उसके मालिक रत्नेश सिंह मृतक के परिवार को मुआवजे के तौर पर चार कट्ठा जमीन देंगे। दोनों पक्षों में सहमति बनी, लेकिन पंचायत ने एक हैरान कर देने वाली शर्त रख दी—जब तक जमीन की रजिस्ट्री पूरी नहीं होगी, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा

इस फैसले के तहत सुरसंड से एक फ्रीजर मंगवाया गया और किसान का शव तीन दिनों तक फ्रिज में रखा गया। जैसे ही जमीन की रजिस्ट्री पूरी हुई, उसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने न सिर्फ इलाके बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब इंसानियत से पहले कागजी कार्रवाई जरूरी हो गई है

जया बच्चन की सख्त ‘राजनीति’ पर राजीव शुक्ला का खुलासा, रेखा से की तुलना—कहा, “रत्ती भर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं”


 नई दिल्ली। राजनीति और सिनेमा के रिश्ते पर अक्सर चर्चा होती रही है, लेकिन कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने इस विषय पर बेहद साफ और बेबाक राय रखी है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने संसद में फिल्मी सितारों की भूमिका पर खुलकर बात की और जया बच्चन की तुलना रेखा से करते हुए कई दिलचस्प बातें साझा कीं।

राजीव शुक्ला ने बताया कि जया बच्चन संसद में अपने अनुशासन, गंभीरता और मुखर स्वभाव के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि जया बच्चन को किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल पसंद नहीं है और वे “रत्ती भर भी बेपरवाही बर्दाश्त नहीं करतीं।” जरूरत पड़ने पर वे मंत्रियों तक को टोकने से पीछे नहीं हटतीं। संसद में उनकी उपस्थिति फिल्मी सितारों में सबसे बेहतरीन मानी जाती है और वे हर सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं।

इसके उलट, राजीव शुक्ला ने कहा कि रेखा को पूरी तरह सक्रिय राजनेता नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि रेखा संसद सत्रों में बहुत कम आती थीं और उन्होंने सांसद के रूप में मिलने वाली सुविधाएं—जैसे सरकारी बंगला या फंड—भी नहीं लीं। उनका झुकाव राजनीति से ज्यादा दूरी बनाए रखने का रहा।

इंटरव्यू के दौरान राजीव शुक्ला ने जया प्रदा की मेहनत और राजनीतिक सक्रियता की भी सराहना की। इसके अलावा उन्होंने सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर जैसे राज्यसभा सांसदों का जिक्र करते हुए कहा कि हर सेलेब्रिटी की राजनीति में भूमिका अलग-अलग होती है। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर सिनेमा और राजनीति के रिश्ते पर चर्चा तेज हो गई है।

नशे में धुत युवकों का तांडव! पुणे के मगरपट्टा चौक पर दुकानों में तोड़फोड़, राहगीरों पर हमला, CCTV में कैद वारदात


 महाराष्ट्र के पुणे शहर में शनिवार रात एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। मगरपट्टा चौक जैसे व्यस्त और आईटी हब इलाके में 7–8 युवकों की एक गैंग ने जमकर उत्पात मचाया। नशे की हालत में सड़कों पर उतरे इन युवकों ने न सिर्फ दुकानों में तोड़फोड़ की, बल्कि राहगीरों और टपरी चालकों पर भी हमला कर दहशत फैला दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक शराब के नशे में गाली-गलौज करते हुए अचानक हिंसक हो गए। कुछ आरोपियों के हाथों में हथियार भी बताए जा रहे हैं। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दुकानदार व ग्राहक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

इस पूरी घटना का वीडियो आसपास लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह युवकों का यह समूह मिलकर सार्वजनिक स्थान पर हंगामा कर रहा है और आम लोगों पर हमला कर रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जांच में जुटी है।

मगरपट्टा चौक पुणे का एक प्रमुख आईटी और रिहायशी इलाका माना जाता है। ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई इस हिंसक घटना ने न सिर्फ स्थानीय दुकानदारों बल्कि यहां काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।