Friday, 6 February 2026

“टी20 वर्ल्ड कप 2026: श्रीलंका ने मोहसिन नकवी को किया बेइज्जत, पाकिस्तान का भारत से खेलना संदेह में”


 


 नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब सिर्फ कुछ घंटे बाकी हैं, लेकिन पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान ने 15 फरवरी को होने वाले अहम मुकाबले में भारत के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया है। यह कदम तब आया जब आईसीसी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

वहीं, पाकिस्तान के स्टार खिलाड़ी मोहसिन नकवी को श्रीलंका ने सरेआम बेइज्जत किया। एक लेटर के माध्यम से मेजबान टीम ने नकवी को उनके रवैये और अनुशासन के सवाल उठाते हुए नसीहत दी। इस घटना ने पाकिस्तान की टीम की तैयारी और खेल भावना पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद न केवल टूर्नामेंट की छवि को प्रभावित कर सकता है, बल्कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले के रोमांच और सुरक्षा उपायों पर भी असर डाल सकता है। आईसीसी और आयोजकों के लिए अब चुनौती है कि दोनों टीमों के बीच मुकाबले को बिना किसी विवाद के सुरक्षित तरीके से कराया जाए।

क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या पाकिस्तान वाकई भारत के खिलाफ मैदान में उतरेगा या नहीं। वहीं, श्रीलंका की ओर से मोहसिन नकवी की सार्वजनिक आलोचना ने पाकिस्तान टीम की साख को और कमजोर किया है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का यह विवाद खेल की दुनिया में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है, और हर क्रिकेट फैन अब इंतजार कर रहा है कि आखिरकार भारत-पाकिस्तान मुकाबला कब और कैसे खेला जाएगा।

“चेहरे पर साबुन या फेशवॉश? जानें एक्सपर्ट की राय, कौन देगा प्राकृतिक ग्लो”


 आगरा: आज के समय में  भोजन, जंक फूड, अधिक तेल वाला खाना और नींद की कमी है। इसलिए केवल फेशवॉश ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार और संतुलित आहार भी जरूरी है।

विशेषज्ञ ने सलाह दी कि साबुन का उपयोग चेहरे पर न करें, क्योंकि यह स्किन की नैचुरल नमी को खत्म कर सकता है और रुखापन बढ़ा सकता है। वहीं, सही फेशवॉश का उपयोग चेहरे की त्वचा को साफ और हेल्दी बनाए रखता है, जिससे प्राकृतिक ग्लो आता है।प्रदूषण और बदलती लाइफस्टाइल के कारण चेहरे की देखभाल बेहद जरूरी हो गई है। अक्सर लोग सोचते हैं कि चेहरे पर साबुन लगाना या फेशवॉश इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे त्वचा निखरी और ग्लो करे। इस बारे में स्किन एक्सपर्ट ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं।

एक्सपर्ट का कहना है कि किसी भी अच्छी क्वालिटी के फेशवॉश का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। चेहरे को दिन में कम से कम दो बार—सुबह हल्के गुनगुने पानी से और शाम को बाहर से आने के बाद—फेशवॉश से साफ करना चाहिए। इससे त्वचा पर जमा धूल, तेल और प्रदूषण हटता है और स्किन हेल्दी रहती है।

चेहरे की खराबी और रुखापन का मुख्य कारण प्रदूषण, अनियमित

युवा और व्यस्त जीवनशैली वाले लोगों के लिए फेशवॉश रोजमर्रा का महत्वपूर्ण साथी बन गया है।

“हर्षवर्धन राणे ने पॉडकास्ट से दूरी क्यों बनाई? कहा- मेरा फोकस सिर्फ काम पर”


 नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्टर हर्षवर्धन राणे ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा किया कि वह पॉडकास्ट या लंबे इंटरव्यू का हिस्सा बनने में रुचि नहीं रखते, जहां सिर्फ संघर्ष और परेशानियों पर घंटों बात की जाती हो। उनके मुताबिक, उनका पूरा ध्यान हमेशा अपने काम और लक्ष्यों पर रहता है, इसलिए ऐसे प्लेटफॉर्म्स उनके लिए समय की बर्बादी हैं।

हर्षवर्धन राणे ने बताया कि 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने सपनों के साथ घर छोड़कर बॉलीवुड में कदम रखा। शुरुआत में चुनौतियां कई थीं—कोई गॉडफादर नहीं, इंडस्ट्री में किसी का समर्थन नहीं। लेकिन उनके मजबूत इरादे और अडिग निश्चय ने हर मुश्किल को आसान बना दिया।

‘सनम तेरी कसम’ और ‘एक दीवाने की दीवानियत’ जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बनाने वाले हर्षवर्धन ने साबित किया कि टैलेंट और मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है। उनका मानना है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी चुनौती आपको रोक नहीं सकती।

एक्टर का यह स्टैंड दर्शकों और फैंस को यह प्रेरणा देता है कि संघर्ष को लेकर रोने की बजाय काम और लक्ष्य पर ध्यान देना ही सही राह है। यही वजह है कि हर्षवर्धन राणे पॉडकास्ट या लंबी बातचीत के बजाय अपने प्रोजेक्ट्स और एक्टिंग करियर पर फोकस बनाए रखते हैं।

“दिल्ली ‘लापतागंज’? बच्चों के गायब होने की अफवाह, पुलिस ने किया खंडन”


 


 नई दिल्ली: राजधानी में इन दिनों बच्चों के गायब होने की अफवाहों ने खौफ का माहौल बना दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, व्हाट्सएप ग्रुप्स और मोहल्लों में ‘सावधान’ और ‘अलर्ट’ संदेशों की भरमार है। लोगों के बीच चर्चा है कि दिल्ली अब ‘लापतागंज’ बन गई है।

हालांकि दिल्ली पुलिस लगातार कह रही है कि ऐसी कोई घटना असामान्य नहीं है और आंकड़े सामान्य हैं। पुलिस ने साफ किया कि जनवरी के पहले 15 दिनों में दिल्ली से 800 से अधिक लोग गायब होने की खबरें भी सच नहीं हैं, और इनमें अधिकांश दावे अफवाह पर आधारित हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अफवाहें लोगों में डर फैलाने और समाज में अशांति पैदा करने का काम करती हैं। सोशल मीडिया पर फैल रही रिपोर्ट्स ने हालात को और बिगाड़ दिया, जिससे दिल्ली पुलिस को मैदान में उतरकर जनता को भरोसा दिलाना पड़ा।

राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों की राय है कि यह केवल अफवाह नहीं, बल्कि कहीं बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है। घर-घर में शोर और डर फैलाने का मकसद साफ नजर आता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध सूचना को सोशल मीडिया पर शेयर करने से पहले प्रमाणित कर लें।

दिल्लीवासियों के लिए जरूरी है कि वे शांत रहें और अफवाहों के जाल में न फंसे, ताकि शहर में भय और अशांति का माहौल ना बने।

“BMC मेयर रेस: बीजेपी के 3 नाम चर्चित, उद्धव गुट कर सकता है शिंदे को मौका?


 बीएमसी (BMC) के आगामी मेयर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी के अंदर मेयर पद के लिए तीन प्रमुख नामों पर चर्चा हो रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इन नामों का अंतिम फैसला जल्द ही किया जाएगा।

वहीं, डिप्टी मेयर का पद शिवसेना को दिए जाने की संभावना है। इसके लिए दो नाम फिलहाल रेस में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी और शिवसेना के बीच इस सीट को लेकर संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

इस बीच, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट की सियासी चालें भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। अगर उद्धव गुट शिंदे को समर्थन देता है, तो वह राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। ऐसे में बीएमसी की सत्ता में समीकरण बदलने की पूरी संभावना है।

राजनीतिक विशेषज्ञ बता रहे हैं कि मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर इन नियुक्तियों से मुंबई की नगर निगम में सत्तात्मक संतुलन और विकास परियोजनाओं पर असर पड़ेगा। पार्टी की रणनीति, नामों का चयन और गठबंधन की भूमिका आगामी चुनाव में निर्णायक साबित होगी।

बीएमसी की सियासी रेस में अब तक का हर कदम, शहर की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों पर असर डाल सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी के तीन नामों में से कौन फाइनल होता है और उद्धव गुट की सियासी चालें क्या मोड़ लाती हैं।

“ना हाथी, ना घोड़ा, ना रथ… चित्रकूट में दूल्हे की अनोखी बैलगाड़ी बारात ने मचाई धूम”





, उत्तर प्रदेश: शादी का मौसम हो और बारात का जश्न, लेकिन चित्रकूट जिले के लोढ़वारा गांव में बीती रात एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी को चौंका दिया। ना हाथी, ना घोड़ा, ना ही महंगी कारें—बल्कि सजी-धजी बैलगाड़ियों में दूल्हा अपनी बारात लेकर पहुंचा।

गांव की गलियों में एक के बाद एक बैलगाड़ियों की कतार, रंग-बिरंगे कपड़ों और फूलों की मालाओं से सजाई गई बैलों के सींग, और बैंड-बाजे की धुन ने पूरे गांव को आकर्षित किया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और इस अनोखे दृश्य को कैमरे में कैद करने लगे।

स्थानीय लोग बताते हैं कि दूल्हा घोड़े या लग्जरी कार की बजाय पारंपरिक बैलगाड़ी में सवार होकर बारात लेकर निकला, जिससे पुरानी परंपराओं की याद ताजा हो गई। इस अनोखी बारात ने आधुनिकता की तेज रफ्तार को कुछ पलों के लिए रोक दिया और गांव के लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल भर दिया।

लोढ़वारा गांव की यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है। इस अनोखे अंदाज़ ने शादी के उत्सव को और भी यादगार बना दिया और गांववासियों के दिलों में लंबे समय तक इस दृश्य की छवि बनी रहेगी।

“अहमदाबाद स्कूल में बाथरूम में छात्र को पीटा, पहले भी हो चुकी है हत्या – शिक्षा मंत्री ने मांगी रिपोर्ट”


 


 अहमदाबाद: खोखरा इलाके के ‘सेवेंथ डे स्कूल’ में एक बार फिर हिंसक घटना सामने आई है। कक्षा 7 के चार छात्रों के बीच बाथरूम में झड़प हुई, जिसमें तीन छात्रों ने मिलकर एक छात्र को बुरी तरह पीटा। बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्र ने अन्य छात्रों को अनुशासन में रहने और ‘लाइन में आने’ के लिए कहा था। इसी बात की रंजिश में अन्य छात्रों ने उसे बाथरूम में बुलाकर मारपीट की।

पीड़ित छात्र के अभिभावकों ने तुरंत खोखरा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी छात्रों के बयान लिए जा रहे हैं। इस घटना को छुपाने या अधिकारियों को समय पर सूचित न करने पर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्कूल के प्रिंसिपल और एडमिशन हेड को नोटिस जारी किया है और उनसे घटना के कारण स्पष्ट करने के लिए कहा है। गुजरात के शिक्षा मंत्री प्रद्युम्न वाजा ने भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और स्कूल की लापरवाही पर विशेष जांच के आदेश दिए हैं।

यह स्कूल पहले भी विवादों में रहा है। कुछ महीने पहले, 19 अगस्त, 2025 को, इसी स्कूल में एक छात्र की हत्या का मामला सामने आया था। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं स्कूल में अनुशासन और सुरक्षा की कमी को उजागर करती हैं।

अभिभावकों और प्रशासन दोनों से आग्रह किया जा रहा है कि वे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखें।

हिमालय की झीलों में भरा करोड़ों टन पानी बन सकता है काल.


  नई दिल्ली: हिमालय की बर्फीली चोटियों से अब एक नई प्राकृतिक तबाही की चेतावनी सामने आई है। IIT रुड़की के शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक अध्ययन प्रकाशित किया है, जिसमें कहा गया है कि हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियल झीलों का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। अध्ययन के मुताबिक, 2016 से 2024 के बीच इन झीलों का कुल क्षेत्रफल 5.5 प्रतिशत बढ़ चुका है।

शोध में यह भी बताया गया है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में करीब 31,000 अस्थिर झीलें हैं, जो 93 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष खतरा बन गई हैं। अकेले भारत में लगभग 30 लाख लोग इन झीलों के आसपास रहते हैं। वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट डेटा के माध्यम से चेताया है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से इन झीलों का पानी अचानक बह सकता है, जिससे ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) जैसी तबाही हो सकती है।

इस घटना के असर के दौरान हजारों गांव पानी में डूब सकते हैं, जैसे कि 2013 में केदारनाथ आपदा हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लेशियल झीलों पर लगातार निगरानी और समय पर चेतावनी प्रणाली लागू करना बेहद जरूरी है।

IIT रुड़की के शोधकर्ताओं का मानना है कि यदि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग पर काबू नहीं पाया गया, तो भविष्य में हिमालयी क्षेत्र में और भी बड़े पैमाने की आपदाएँ हो सकती हैं। नागरिकों और प्रशासन को सतर्क रहने और तैयारी करने की आवश्यकता है।

Thursday, 5 February 2026

ED जांच के बाद दिल्ली पुलिस का एक्शन, अल-फलाह यूनिवर्सिटी चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार


  दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई UGC की शिकायत पर दर्ज दो अलग-अलग FIR के आधार पर की, जिनमें फर्जीवाड़ा और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में यूनिवर्सिटी से जुड़े दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कई अनियमितताएं सामने आई थीं। आरोप है कि संस्थान में दाखिले, मान्यता और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में कथित रूप से गलत जानकारी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। ED ने वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोतों की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध पहलुओं की ओर इशारा किया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज की।

क्राइम ब्रांच की टीम ने पूछताछ के बाद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे और गिरफ्तारी हो सकती है।

इस कार्रवाई के बाद शैक्षणिक संस्थानों की पारदर्शिता और नियमन को लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हैं, जबकि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यूपी पंचायत चुनाव तय समय पर होंगे, ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान


  आजमगढ़ से उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए साफ कहा है कि राज्य में पंचायत चुनाव अपने तय समय पर ही कराए जाएंगे। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे उन आरोपों और आशंकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं के कारण चुनाव टलने की संभावना जताई जा रही थी।

राजभर ने कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है और अभी तक ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है, जिससे चुनाव स्थगित करने की जरूरत पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि मतदाता सूची को लेकर आवश्यक अपडेट और संशोधन की प्रक्रिया चल रही है, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न हो सकें।

विपक्ष लगातार सरकार पर चुनाव टालने के आरोप लगा रहा था, लेकिन मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। उन्होंने विपक्ष से अफवाहें फैलाने से बचने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील भी की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनाव प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं और ग्रामीण स्तर पर सरकार की लोकप्रियता का बड़ा पैमाना होते हैं। ऐसे में चुनाव तय समय पर होने से राजनीतिक दलों की तैयारियां और तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजरें चुनाव आयोग की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।

गाजियाबाद: ‘कोरिया जाने की जिद’ और पहचान को लेकर नाराज़गी… 3 बहनों की आत्महत्या से परिवार सदमे में


  द: तीन बहनों की आत्महत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिवार गहरे सदमे में है और पिता ने भावुक होकर बताया कि बेटियों के दिमाग में लंबे समय से कोरिया जाने की जिद बनी हुई थी। उनका कहना है कि बेटियां अक्सर अपनी पहचान को लेकर भी नाराज़ रहती थीं और ‘इंडियन’ कहलाने पर गुस्सा जताती थीं।

पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में पारिवारिक और मानसिक दबाव जैसी संभावनाओं को भी देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल डिवाइस और बातचीत के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

परिजनों और पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में अफवाहों से बचें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरों और युवाओं में बढ़ते मानसिक दबाव को समझना और समय रहते काउंसलिंग उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो विश्वसनीय लोगों से बात करें और पेशेवर मदद लें—समय पर सहायता कई जिंदगियां बचा सकती है।

आखिर क्यों मारे जा रहे हजारों पेंगुइन? वैज्ञानिकों ने बताई चौंकाने वाली वजह


  अर्जेंटीना: पैटागोनिया तट से सामने आई रिपोर्ट ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। यहां हजारों पेंगुइन की मौत ने पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआत में यह मामला केवल किसी शिकारी हमले जैसा लगा, लेकिन गहन शोध में तस्वीर कहीं ज्यादा जटिल सामने आई।

वैज्ञानिकों के अनुसार, अर्जेंटीना के मोंटे लियोन नेशनल पार्क में चार साल की स्टडी के दौरान पता चला कि प्यूमा नाम का शिकारी जानवर बड़ी संख्या में पेंगुइन का शिकार कर रहा है। 2007 से 2010 के बीच करीब 7,000 से ज्यादा वयस्क पेंगुइन मारे गए, जो पूरी कॉलोनी की लगभग 7.6 प्रतिशत आबादी के बराबर है। कई पेंगुइन के शव अधखाए या बिना खाए मिले, जिसे विशेषज्ञ ‘सरप्लस किलिंग’ मान रहे हैं।

हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि असली खतरा सिर्फ शिकार नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, कमजोर प्रजनन दर और छोटे पेंगुइन की कम जीवित रहने की दर भी है। बदलते मौसम और पारिस्थितिकी तंत्र ने इन मासूम पक्षियों की आबादी को गंभीर संकट में डाल दिया है।

विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह समस्या केवल पेंगुइन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पर्यावरण संतुलन के लिए खतरे का संकेत है।

आज का मौसम: कई राज्यों में 6 फरवरी तक घना कोहरा, अलर्ट जारी


 


 नई दिल्ली: मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और पश्चिम मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह और रात के समय घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति 6 फरवरी तक बनी रह सकती है।

कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। खासकर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। मौसम विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को धीमी गति से गाड़ी चलाने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है।

ठंड के साथ कोहरे की वजह से आम लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और देर रात यात्रा करने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे।