Wednesday, 18 February 2026

दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम, बारिश से लौटी ठंड; IMD का येलो अलर्ट जारी


 राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में बुधवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ले ली। पिछले कुछ दिनों से बढ़ते तापमान के बीच हुई झमाझम बारिश ने लोगों को हैरान कर दिया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और रिमझिम फुहारों ने सड़कों को भिगो दिया। ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे एक बार फिर हल्की ठंड का एहसास होने लगा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक दिनभर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने सुबह के समय 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया है।

यह चेतावनी केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र पर लागू है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है।

बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, हालांकि लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। IMD के अनुसार फिलहाल भारी ठंड लौटने की संभावना कम है, लेकिन अगले 24 घंटों तक मौसम सुहाना और ठंडा बना रह सकता है।

भारत में जासूसी की सजा कितनी सख्त? देश से गद्दारी पर कानून का कड़ा प्रहार


 भारत में जासूसी को बेहद गंभीर अपराध माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति देश की संवेदनशील सैन्य, रणनीतिक या गोपनीय जानकारी दुश्मन देश या संगठन को पहुंचाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे कड़े कानूनी प्रावधानों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे मामलों में मुख्य रूप से Official Secrets Act, 1923 के तहत कार्रवाई की जाती है। यह कानून सरकारी गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) भी लगाया जा सकता है।

जासूसी के दोषी पाए जाने पर आरोपी को लंबी कारावास की सजा, भारी जुर्माना या गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक हो सकता है। यदि मामला आतंकवाद या युद्ध जैसी परिस्थितियों से जुड़ा हो, तो सजा और भी कठोर हो सकती है।

जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में गहन पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करती हैं। हालांकि कानून के तहत किसी भी आरोपी को मानवाधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया का अधिकार प्राप्त होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जासूसी केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। इसलिए ऐसे मामलों में सरकार और सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क रहती हैं।

देश की सुरक्षा सर्वोपरि है, और इसी कारण जासूसी के मामलों में कानून बेहद सख्त रुख अपनाता है।

उज्जैन में युवक से मारपीट का आरोप, पहचान को लेकर विवाद के बाद बढ़ा तनाव


  मध्य प्रदेश के Ujjain में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने उसकी पहचान को लेकर विवाद के बाद उसे पीटा। घटना में कथित तौर पर Bajrang Dal से जुड़े कार्यकर्ताओं का नाम सामने आ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, युवक धोती-कुर्ता पहनकर एक युवती के साथ उज्जैन पहुंचा था। स्थानीय लोगों को उसकी पहचान पर संदेह हुआ। बताया जा रहा है कि शुरुआत में युवक ने एक हिंदू नाम बताया, लेकिन बाद में उसने खुद को शिव भक्त बताते हुए अपनी वास्तविक पहचान उजागर की। इसके बाद विवाद बढ़ गया और कथित रूप से मारपीट की घटना हुई।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है।

गावस्कर-कपिल के बाद इमरान खान के समर्थन में सौरव गांगुली, ‘दादा’ के बयान से बढ़ी चर्चा


  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेटर Imran Khan को लेकर जारी विवाद के बीच अब भारत के पूर्व कप्तान Sourav Ganguly भी उनके समर्थन में सामने आए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांगुली से पहले कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर इमरान खान के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार की मांग की थी। इस सूची में भारत के दिग्गज खिलाड़ी Sunil Gavaskar और Kapil Dev का नाम भी चर्चा में रहा है।

सौरव गांगुली, जिन्हें ‘दादा’ के नाम से जाना जाता है, ने कहा कि क्रिकेट और राजनीति को अलग नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने इमरान खान के क्रिकेट योगदान को याद करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।

इमरान खान ने पाकिस्तान को 1992 में विश्व कप जिताया था और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी तेज गेंदबाजी व नेतृत्व के लिए मशहूर रहे हैं। मौजूदा समय में वे कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

गांगुली के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे खेल भावना से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक संदर्भ में।

अब देखना होगा कि इस बयान का राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर क्या असर पड़ता है।

डेविल्स ब्रेथ’ का रहस्य? जेफ्री एपस्टीन के आइलैंड पर उगाए जाते थे ट्रम्पेट प्लांट्स, ईमेल्स से चौंकाने वाला दावा


  कुख्यात अमेरिकी अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़े दस्तावेजों में एक नया और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। वायरल ईमेल्स के मुताबिक, एपस्टीन ने अपने निजी आइलैंड और नर्सरी में ‘ट्रम्पेट प्लांट्स’ उगाए थे। इन पौधों को ‘डेविल्स ब्रेथ’ या ‘डेविल्स ट्रम्पेट’ भी कहा जाता है।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इन पौधों से जुड़े केमिकल, खासकर ‘स्कोपोलामीन’, मानव मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम पर गहरा असर डाल सकते हैं। 27 जनवरी 2015 के एक कथित ईमेल में इस केमिकल का जिक्र मिलता है, जिसे फोटोग्राफर Antoine Verglas से फॉरवर्ड किया गया बताया गया है। ईमेल में शामिल रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि स्कोपोलामीन व्यक्ति की याददाश्त और इच्छा-शक्ति को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से चर्चा में है। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रम्पेट प्लांट्स (ब्रुग्मैनसिया/डेटूरा प्रजाति) में पाए जाने वाले कुछ तत्व चिकित्सा में सीमित मात्रा में उपयोग किए जाते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में यह खतरनाक हो सकते हैं।

एपस्टीन पहले ही गंभीर आरोपों के चलते वैश्विक सुर्खियों में रहा है। अब इन नए दावों ने उसके आइलैंड और गतिविधियों को लेकर रहस्य और गहरा कर दिया है।

फिलहाल जांच एजेंसियों की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

संभल में शादी पर सख्त नियम: बारात लेट तो ₹5000 प्रति घंटा जुर्माना, DJ और मोबाइल पर भी रोक


 उत्तर प्रदेश के Sambhal में सामाजिक सुधार की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। मुस्लिम समाज की किदवई बिरादरी की पंचायत ने शादी-ब्याह में सादगी लागू करने के लिए छह बड़े फैसले लिए हैं।

पंचायत में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में तय किया गया कि अब शादी में केवल एक बार ही दावत होगी। ‘ब्या रखने’ यानी रिश्ता पक्का करने और बार-बार की दावत जैसी रस्मों को समाप्त कर दिया गया है, ताकि फिजूलखर्ची पर रोक लगाई जा सके।

सबसे सख्त नियम बारात की टाइमिंग को लेकर बनाया गया है। तय समय से देर से पहुंचने पर बारात पर 5000 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके अलावा, शादी समारोह में डीजे और भांगड़ा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। दहेज को सजाकर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने पर भी रोक लगा दी गई है। पंचायत के नए फरमान के मुताबिक, शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन के बीच मोबाइल फोन के लेन-देन पर भी पाबंदी रहेगी।

बिरादरी के लोगों का कहना है कि इन फैसलों का मकसद दिखावे और अनावश्यक खर्च को कम करना है, ताकि शादी समारोह सादगी और सामाजिक मर्यादा के साथ संपन्न हो सके।

अब देखना होगा कि यह पहल अन्य समाजों के लिए भी मिसाल बनती है या नहीं।

असम की सियासत में हलचल: भूपेन बोरा के इस्तीफे पर सस्पेंस, सीएम हिमंत का दावा—22 फरवरी को BJP जॉइन करेंगे


  असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष Bhupen Borah के इस्तीफे को लेकर नया ट्विस्ट सामने आया है।

राज्य के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने मंगलवार को दावा किया कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बोरा के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस के अन्य नेता भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं।

सीएम हिमंत के इस बयान के बाद असम की सियासत में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, भूपेन बोरा की ओर से इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा होता है तो यह राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

गौरतलब है कि असम में हाल के महीनों में दल-बदल की राजनीति तेज हुई है। ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का संभावित पाला बदलना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

अब सबकी नजर 22 फरवरी पर टिकी है, जब स्थिति पूरी तरह साफ हो सकती है।

अंबाला की न्यू टैगोर गार्डन कॉलोनी में बदहाल हालात, टूटी सड़कें और जलभराव से लोग परेशान


  हरियाणा के Ambala छावनी क्षेत्र के टांगरी बांध स्थित न्यू टैगोर गार्डन कॉलोनी के निवासी पिछले कई महीनों से बदहाल हालात में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। कॉलोनी में टूटी सड़कों, जलभराव और गंदगी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे रोज इसी जर्जर सड़क से होकर स्कूल जाते हैं और कई बार गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। समस्या इतनी बढ़ गई कि निवासियों ने आपस में पैसे इकट्ठा कर सड़क के गड्ढों में खुद ही मलवा डलवाया, लेकिन यह अस्थायी समाधान है।

कॉलोनी में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और टूटी नालियों की वजह से खाली प्लॉट्स में गंदा पानी जमा है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है।

निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और स्थानीय पार्षद से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है ताकि कॉलोनी को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें और वे सामान्य जीवन जी सकें।

स्थानीय परिवारों का कहना है कि खराब हालात के कारण रिश्तेदार भी घर आने से कतराने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कब ध्यान देता है।

सिर्फ 10 मिनट में तैयार करें शुगर-फ्री टमाटर-अंगूर चटनी, बाजार के जैम-सॉस हो जाएंगे फेल!


  अगर आपके बच्चे बाजार में मिलने वाले सॉस और जैम की ज़िद करते हैं, तो अब टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। बाहर मिलने वाले प्रोडक्ट्स में अक्सर ज्यादा चीनी और प्रिजर्वेटिव होते हैं, जो बच्चों की सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। ऐसे में आप घर पर ही शुगर-फ्री टमाटर और अंगूर की स्वादिष्ट चटनी तैयार कर सकते हैं।

यह चटनी पूरी तरह प्राकृतिक है और इसमें अंगूर की कुदरती मिठास इस्तेमाल होती है, जिससे अलग से चीनी डालने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे बनाने के लिए 3–4 पके लाल टमाटर और एक कटोरी मीठे अंगूर लें। टमाटर और अंगूर को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें।

अब एक पैन में टमाटर डालकर धीमी आंच पर पकाएं। जब टमाटर नरम हो जाएं, तो उसमें कटे हुए अंगूर मिला दें। चाहें तो स्वाद के लिए थोड़ा सा काला नमक, भुना जीरा पाउडर और चुटकीभर काली मिर्च डाल सकते हैं। मिश्रण को 5–7 मिनट तक पकाएं, जब तक यह गाढ़ा न हो जाए। ठंडा होने पर इसे मिक्सी में हल्का पीस लें।

बस तैयार है आपकी हेल्दी, टेस्टी और शुगर-फ्री टमाटर-अंगूर चटनी। इसे पराठे, ब्रेड या स्नैक्स के साथ परोसें और बच्चों को हेल्दी विकल्प दें।

क्या है हर्निया की समस्या, क्यों होती है और क्या बिना सर्जरी के संभव है इलाज?


 हर्निया एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें शरीर के अंदरूनी अंग जैसे आंत, फैट या टिश्यू कमजोर मांसपेशियों की दीवार को तोड़कर बाहर निकल आते हैं। यह समस्या अधिकतर पेट या ग्रोइन (जांघ के ऊपरी हिस्से) में देखी जाती है।

नई दिल्ली के Sir Ganga Ram Hospital के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के चेयरमैन Dr. Anil Arora के अनुसार, मांसपेशियों की कमजोरी, बढ़ती उम्र, पुरानी खांसी, कब्ज के दौरान जोर लगाना, भारी वजन उठाना, चोट या पहले की सर्जरी हर्निया के प्रमुख कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में यह जन्मजात भी हो सकता है।

शुरुआती अवस्था में हर्निया हल्की सूजन या उभार के रूप में दिखाई देता है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय के साथ दर्द, जलन और असहजता बढ़ सकती है। गंभीर स्थिति में सर्जरी ही सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है।

हालांकि शुरुआती स्टेज में डॉक्टर दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह दे सकते हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है। हर्निया की पुष्टि के लिए अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन जांच कराई जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जांच और इलाज करवाने से जटिलताओं से बचा जा सकता है।

समंदर में अमेरिकी मिसाइल स्ट्राइक: 3 नावें तबाह, 11 ढेर; ईरान तनाव के बीच ‘नार्को-टेरर’ पर बड़ा एक्शन


 प्रशांत और कैरिबियन समुद्री क्षेत्र में अमेरिका ने बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए तीन संदिग्ध नावों पर मिसाइल हमला किया। अमेरिकी सेना के United States Southern Command (USSOUTHCOM) की ओर से की गई इस कार्रवाई में 11 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। सेना ने दावा किया है कि ये नावें ड्रग तस्करी के कुख्यात मार्गों पर सक्रिय थीं और मारे गए लोग “नार्को-टेररिस्ट” नेटवर्क से जुड़े थे।

ऑपरेशन का निर्देशन साउदर्न कमांड के प्रमुख Francis L. Donovan ने किया। यह अभियान राष्ट्रपति Donald Trump की “नार्को-वॉर” नीति के तहत चलाया जा रहा है। अमेरिकी सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर की गई।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और Iran के बीच परमाणु वार्ता को लेकर तनाव बना हुआ है। हालांकि इस हमले का सीधा संबंध ईरान से नहीं बताया गया है, लेकिन विशेषज्ञ इसे अमेरिका की सख्त वैश्विक रणनीति का संकेत मान रहे हैं।

फिलहाल इस ऑपरेशन को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार के पहलुओं पर सवाल उठने की संभावना जताई जा रही है।

Tuesday, 17 February 2026

जोधपुर हाईकोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, सुनवाई से पहले मचा हड़कंप; खाली कराया परिसर


राजस्थान में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया है। मंगलवार को Rajasthan High Court को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद जोधपुर स्थित कोर्ट परिसर को तत्काल खाली करा दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली गई। एहतियात के तौर पर सभी कोर्ट रूम, चैंबर और आसपास के इलाकों को खाली कराया गया, जिससे सुनवाई की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

यह पहली बार नहीं है जब हाईकोर्ट को इस तरह की धमकी मिली हो। इससे पहले भी ईमेल के माध्यम से इसी प्रकार की चेतावनियां भेजी जा चुकी हैं। हालांकि पिछली बार की तरह इस बार भी प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ईमेल की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए साइबर टीम को लगाया गया है। संदिग्ध आईपी एड्रेस और तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।

घटना के बाद न्यायालय परिसर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। 

करिश्मा कपूर के फैन हैं दिनेश लाल यादव, ‘राजा हिंदुस्तानी’ से मिला ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’ का आइडिया


 भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार Dinesh Lal Yadav उर्फ ‘निरहुआ’ ने हाल ही में एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वे बॉलीवुड अभिनेत्री Karisma Kapoor के बड़े फैन रहे हैं और उनकी सुपरहिट फिल्म Raja Hindustani से उन्हें अपनी फिल्म का नाम रखने की प्रेरणा मिली।

दिनेश लाल यादव ने कहा कि जब उन्होंने ‘राजा हिंदुस्तानी’ देखी, तो फिल्म की कहानी, संगीत और करिश्मा कपूर की अदाकारी ने उन पर गहरा असर छोड़ा। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी भोजपुरी फिल्म Nirahua Hindustani का नाम तय किया। यह फिल्म बाद में भोजपुरी सिनेमा की बड़ी हिट साबित हुई और निरहुआ के करियर में मील का पत्थर बनी।

निरहुआ ने यह भी बताया कि वे करिश्मा कपूर की फिल्मों के दीवाने रहे हैं और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस से काफी प्रभावित थे। ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’ की सफलता के बाद यह नाम उनकी पहचान बन गया।

भोजपुरी और बॉलीवुड के इस दिलचस्प कनेक्शन ने फैंस को भी हैरान कर दिया है। एक सुपरहिट हिंदी फिल्म से प्रेरित होकर बनी भोजपुरी फिल्म ने दिखा दिया कि सिनेमा की कोई सीमा नहीं होती—अच्छी कहानी और प्रेरणा कहीं से भी मिल सकती है