Thursday, 19 February 2026

भारत में बच्चों के लिए इंस्टा-फेसबुक बैन? पीएम मोदी से राष्ट्रपति मैक्रों की मांग से बढ़ी सियासी हलचल


  क्या भारत में भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लग सकती है? यह सवाल उस समय चर्चा में आ गया, जब Emmanuel Macron ने इंडिया एआई समिट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर सख्त कदम उठाने की अपील की।

मैक्रों ने कहा कि फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है। उनका तर्क था कि जो चीजें वास्तविक दुनिया में बच्चों के लिए उचित नहीं हैं, उन्हें इंटरनेट पर भी उपलब्ध नहीं होना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, सरकारों और रेगुलेटर्स की संयुक्त जिम्मेदारी पर जोर दिया।

दुनिया के कई देशों, जिनमें Australia भी शामिल है, ने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर सख्त नियम बनाए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत भी इसी दिशा में कदम बढ़ाएगा?

फिलहाल भारत सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि डिजिटल सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन और बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर पहले से ही कई नियम लागू हैं।

अगर भविष्य में ऐसा कोई फैसला होता है, तो इसका सीधा असर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स के करोड़ों युवा यूजर्स पर पड़ सकता है।

न्यूमरोलॉजी में ये मूलांक माने जाते हैं सबसे क्रिएटिव, कला और रचनात्मक क्षेत्र में कमाते हैं खूब नाम


 अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी के अनुसार हर व्यक्ति का एक मूलांक (Birth Number) होता है, जो उसके जन्म की तारीख से तय होता है। माना जाता है कि यह मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, सोच और प्रतिभा पर गहरा प्रभाव डालता है। कुछ मूलांक ऐसे होते हैं जिन्हें विशेष रूप से रचनात्मक, कल्पनाशील और कलात्मक माना जाता है।

इस मूलांक के स्वामी गुरु माने जाते हैं। ऐसे लोग अभिव्यक्ति में निपुण होते हैं। लेखन, शिक्षण, अभिनय और सार्वजनिक बोलने में इन्हें सफलता मिलती है। ये लोग सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर और विचारों से समृद्ध होते हैं।

बुध ग्रह के प्रभाव से ये लोग बेहद तेज दिमाग और बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं। मीडिया, विज्ञापन, मार्केटिंग, एंकरिंग और क्रिएटिव कंटेंट जैसे क्षेत्रों में ये चमकते हैं। नई-नई चीजें सीखने और प्रयोग करने में आगे रहते हैं।

शुक्र ग्रह से प्रभावित ये लोग सौंदर्य, कला और संगीत के प्रेमी होते हैं। फैशन, फिल्म, इंटीरियर डिजाइन और परफॉर्मिंग आर्ट्स में इनकी विशेष रुचि रहती है। आकर्षक व्यक्तित्व और कलात्मक नजरिया इन्हें अलग पहचान दिलाता है।

ये लोग गहरे विचारों और कल्पनाशीलता के लिए जाने जाते हैं। लेखन, रिसर्च, फोटोग्राफी और आध्यात्मिक विषयों में इनकी रचनात्मकता झलकती है।

राज्यसभा चुनाव: असम में भाजपा की बढ़त बरकरार? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के दोनों सांसद रिटायर


  राज्यसभा चुनाव को लेकर पूर्वोत्तर और मध्य भारत में राजनीतिक समीकरण तेजी से बन रहे हैं। असम में इस बार तीन सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें दो सीटें Bharatiya Janata Party और एक निर्दलीय सांसद के पास थी। मौजूदा विधानसभा गणित को देखते हुए इस बार भाजपा के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि एक सीट पर Indian National Congress के प्रत्याशी के चुने जाने की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असम में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और सहयोगी दलों का समर्थन उसके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं कांग्रेस भी एक सीट निकालने की रणनीति पर काम कर रही है।

उधर, छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं और दोनों ही कांग्रेस के पास थीं। दोनों सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस अपने संख्या बल के आधार पर दोनों सीटें बरकरार रख पाती है या समीकरण में कोई बदलाव होता है।

राज्यसभा चुनाव भले ही प्रत्यक्ष मतदान से अलग प्रक्रिया से होते हों, लेकिन इनका राजनीतिक संदेश दूरगामी होता है। असम और छत्तीसगढ़ के नतीजे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में बड़ा खुलासा! नॉयना के झूठ से उठेगा पर्दा, तुलसी-मिहिर के रिश्ते में नया तूफान


  Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi में इन दिनों जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है। एक पुराने हादसे के बाद बदले हालात अब कहानी को नए मोड़ पर ले आए हैं। अपकमिंग एपिसोड में तुलसी को बड़ा सच पता चलने वाला है—नॉयना उसे और मिहिर को लंबे समय से गुमराह कर रही थी।

सूत्रों के मुताबिक, तुलसी को कुछ ऐसे सबूत मिलेंगे जिनसे नॉयना के झूठ का पर्दाफाश होगा। इससे पहले तक मिहिर भी सच्चाई से अनजान था और हालातों की वजह से तुलसी से दूरी बढ़ती जा रही थी। लेकिन अब जब सच सामने आएगा, तो परिवार में बड़ा बवाल तय माना जा रहा है।

तुलसी का किरदार एक बार फिर मजबूती के साथ उभरता दिखेगा। वह न सिर्फ अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करेगी, बल्कि परिवार के सामने सच्चाई लाकर सबको चौंका देगी। वहीं मिहिर के लिए यह खुलासा भावनात्मक झटका साबित हो सकता है।

फैंस को लंबे समय बाद वही इमोशनल टकराव और पारिवारिक साज़िशों वाला अंदाज़ देखने को मिलेगा, जिसने इस शो को घर-घर में लोकप्रिय बनाया था। अब सवाल यह है कि क्या तुलसी और मिहिर का रिश्ता इस तूफान को झेल पाएगा, या कहानी में आएगा कोई और बड़ा ट्विस्ट?

Wednesday, 18 February 2026

23 घरों का मालिक, फिर भी किराये के फ्लैट में रहता है… क्या है गणित?


  आमतौर पर एक घर खरीदने में ही लोगों की जिंदगी भर की बचत लग जाती है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के 32 वर्षीय प्रॉपर्टी निवेशक रवि शर्मा के पास 23 संपत्तियां हैं—फिर भी वे खुद किराये के घर में रहते हैं।

रवि शर्मा Search Property नाम की बायर्स एजेंसी के संस्थापक हैं। उनकी कुल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 25 मिलियन डॉलर बताई जाती है। उनकी कंपनी को 2023 और 2024 में REB Awards में बेस्ट बायर्स एजेंसी कैटेगरी में फाइनलिस्ट भी चुना गया था।

रवि का तर्क सीधा है—“घर में पैसा फंसाओ मत, पैसा आपके लिए काम करे।”

उनका मानना है कि अगर वे अपनी पसंद की महंगी लोकेशन पर घर खरीदते, तो लाखों-करोड़ों डॉलर एक ही संपत्ति में अटक जाते। इसके बजाय वे किराया देते हैं और अपनी पूंजी उन इलाकों में निवेश करते हैं जहां बेहतर रेंटल यील्ड और कैपिटल ग्रोथ मिलती है।

उनकी निवेश की रणनीतिवे उन शहरों और इलाकों में संपत्ति खरीदते हैं जहां भविष्य में कीमत बढ़ने की संभावना अधिक हो।

  • किराये से आने वाली आय (Rental Income) से लोन और खर्च मैनेज करते हैं।

  • अपनी निजी जिंदगी के लिए लचीलापन (Flexibility) बनाए रखते हैं—कभी भी लोकेशन बदल सकते हैं।

रवि का मॉडल बताता है कि “घर खरीदना” और “रियल एस्टेट में निवेश करना” दो अलग बातें हैं।
वे भावनात्मक फैसले के बजाय गणित और कैश फ्लो को प्राथमिकता देते हैं।

उनकी सोच यह है कि खुद रहने के लिए महंगा घर खरीदकर पूंजी फंसाने के बजाय, वही पैसा कई संपत्तियों में लगाकर बड़ा पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है।

तीन एक्शन फिल्मों में गूंजा एक ही सुपरहिट गाना, तीनों रहीं ब्लॉकबस्टर


  बॉलीवुड में कई गाने हिट हुए, लेकिन एक ऐसा भी गीत रहा जो तीन बड़ी एक्शन फिल्मों में सुनाई दिया और हर बार दर्शकों का जोश दोगुना कर गया। यह गाना था — “धूम मचा ले, धूम मचा ले धूम”

यह टाइटल ट्रैक सबसे पहले 27 अगस्त 2004 को रिलीज हुई फिल्म Dhoom में सुनाई दिया। फिल्म को Yash Raj Films ने प्रोड्यूस किया था।
कहानी विजय कृष्ण आचार्य ने लिखी और निर्देशन संजय गढ़वी ने किया।

फिल्म में अभिषेक बच्चनउदय चोपड़ा और जॉन अब्राहम मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। जॉन अब्राहम ने सुपरचोर का किरदार निभाया था।

इस गाने को मशहूर गीतकार समीर अनजान ने लिखा था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्हें खास ट्यून पर ऐसा गीत लिखने की चुनौती दी गई थी, जो युवाओं में रोमांच भर दे। उन्होंने ट्यून सुनी और उसी पर “धूम मचा ले” जैसा जोशीला गीत रचा, जो आज भी एक्शन फिल्मों की पहचान बन चुका है।

संगीत प्रीतम ने तैयार किया, जबकि बैकग्राउंड स्कोर सलीम-सुलेमान ने दिया। इस गाने को पहली बार सुनिधि चौहान ने अपनी आवाज दी थी।

“नशा छोड़ो, सपने जोड़ो”: छात्रों के लिए वैशाली पुलिस की पोस्टर-पेंटिंग प्रतियोगिता


 समाज को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से वैशाली पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है। बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर जिले के छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर एवं पेंटिंग निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।

यह प्रतियोगिता 22 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।
इसकी थीम रखी गई है — “नशा छोड़ो, सपने जोड़ो”

इस पहल का मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें अपने सपनों व लक्ष्यों की ओर प्रेरित करना है। आज के दौर में नशा युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में कला के माध्यम से दिया गया संदेश समाज पर गहरा और स्थायी प्रभाव छोड़ सकता है।

प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया है

पोस्टर और पेंटिंग के जरिए प्रतिभागी अपने विचारों, भावनाओं और सामाजिक संदेशों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत कर सकेंगे। यह आयोजन न केवल जागरूकता फैलाने का माध्यम बनेगा, बल्कि युवाओं की प्रतिभा को मंच भी प्रदान करेगा।


 

सहमति से बने संबंध रेप नहीं’—हाई कोर्ट ने PCS अधिकारी के खिलाफ केस खारिज किया


  Allahabad High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पीसीएस अधिकारी के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में दायर चार्जशीट और आपराधिक कार्यवाही को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि यदि वयस्कों के बीच संबंध आपसी सहमति से बनाए गए हों, तो उन्हें बलात्कार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

मामले में याचिकाकर्ता अधिकारी ने दलील दी थी कि शिकायतकर्ता के साथ उनके संबंध सहमति पर आधारित थे और दोनों के बीच लंबे समय से जान-पहचान थी। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि किसी प्रकार का दबाव, धोखा या जबरदस्ती नहीं की गई थी।

कोर्ट ने रिकॉर्ड और प्रस्तुत साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया जबरन संबंध बनाने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। न्यायालय ने टिप्पणी की कि सहमति से बने शारीरिक संबंध, यदि स्पष्ट रूप से दबाव या धोखाधड़ी से मुक्त हों, तो उन्हें दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।

इसके साथ ही अदालत ने संबंधित ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही और दाखिल चार्जशीट को रद्द कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले के तथ्य अलग होते हैं और निर्णय परिस्थितियों के आधार पर लिया जाता है।

यह फैसला सहमति और दुष्कर्म की कानूनी परिभाषा पर एक बार फिर बहस को केंद्र में ले आया है।

दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम, बारिश से लौटी ठंड; IMD का येलो अलर्ट जारी


 राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में बुधवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ले ली। पिछले कुछ दिनों से बढ़ते तापमान के बीच हुई झमाझम बारिश ने लोगों को हैरान कर दिया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और रिमझिम फुहारों ने सड़कों को भिगो दिया। ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे एक बार फिर हल्की ठंड का एहसास होने लगा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक दिनभर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने सुबह के समय 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया है।

यह चेतावनी केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र पर लागू है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है।

बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, हालांकि लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। IMD के अनुसार फिलहाल भारी ठंड लौटने की संभावना कम है, लेकिन अगले 24 घंटों तक मौसम सुहाना और ठंडा बना रह सकता है।

भारत में जासूसी की सजा कितनी सख्त? देश से गद्दारी पर कानून का कड़ा प्रहार


 भारत में जासूसी को बेहद गंभीर अपराध माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति देश की संवेदनशील सैन्य, रणनीतिक या गोपनीय जानकारी दुश्मन देश या संगठन को पहुंचाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे कड़े कानूनी प्रावधानों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे मामलों में मुख्य रूप से Official Secrets Act, 1923 के तहत कार्रवाई की जाती है। यह कानून सरकारी गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) भी लगाया जा सकता है।

जासूसी के दोषी पाए जाने पर आरोपी को लंबी कारावास की सजा, भारी जुर्माना या गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक हो सकता है। यदि मामला आतंकवाद या युद्ध जैसी परिस्थितियों से जुड़ा हो, तो सजा और भी कठोर हो सकती है।

जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में गहन पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करती हैं। हालांकि कानून के तहत किसी भी आरोपी को मानवाधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया का अधिकार प्राप्त होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जासूसी केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। इसलिए ऐसे मामलों में सरकार और सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क रहती हैं।

देश की सुरक्षा सर्वोपरि है, और इसी कारण जासूसी के मामलों में कानून बेहद सख्त रुख अपनाता है।

उज्जैन में युवक से मारपीट का आरोप, पहचान को लेकर विवाद के बाद बढ़ा तनाव


  मध्य प्रदेश के Ujjain में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने उसकी पहचान को लेकर विवाद के बाद उसे पीटा। घटना में कथित तौर पर Bajrang Dal से जुड़े कार्यकर्ताओं का नाम सामने आ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, युवक धोती-कुर्ता पहनकर एक युवती के साथ उज्जैन पहुंचा था। स्थानीय लोगों को उसकी पहचान पर संदेह हुआ। बताया जा रहा है कि शुरुआत में युवक ने एक हिंदू नाम बताया, लेकिन बाद में उसने खुद को शिव भक्त बताते हुए अपनी वास्तविक पहचान उजागर की। इसके बाद विवाद बढ़ गया और कथित रूप से मारपीट की घटना हुई।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है।

गावस्कर-कपिल के बाद इमरान खान के समर्थन में सौरव गांगुली, ‘दादा’ के बयान से बढ़ी चर्चा


  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेटर Imran Khan को लेकर जारी विवाद के बीच अब भारत के पूर्व कप्तान Sourav Ganguly भी उनके समर्थन में सामने आए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांगुली से पहले कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर इमरान खान के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार की मांग की थी। इस सूची में भारत के दिग्गज खिलाड़ी Sunil Gavaskar और Kapil Dev का नाम भी चर्चा में रहा है।

सौरव गांगुली, जिन्हें ‘दादा’ के नाम से जाना जाता है, ने कहा कि क्रिकेट और राजनीति को अलग नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने इमरान खान के क्रिकेट योगदान को याद करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।

इमरान खान ने पाकिस्तान को 1992 में विश्व कप जिताया था और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी तेज गेंदबाजी व नेतृत्व के लिए मशहूर रहे हैं। मौजूदा समय में वे कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

गांगुली के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे खेल भावना से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक संदर्भ में।

अब देखना होगा कि इस बयान का राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर क्या असर पड़ता है।

डेविल्स ब्रेथ’ का रहस्य? जेफ्री एपस्टीन के आइलैंड पर उगाए जाते थे ट्रम्पेट प्लांट्स, ईमेल्स से चौंकाने वाला दावा


  कुख्यात अमेरिकी अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़े दस्तावेजों में एक नया और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। वायरल ईमेल्स के मुताबिक, एपस्टीन ने अपने निजी आइलैंड और नर्सरी में ‘ट्रम्पेट प्लांट्स’ उगाए थे। इन पौधों को ‘डेविल्स ब्रेथ’ या ‘डेविल्स ट्रम्पेट’ भी कहा जाता है।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इन पौधों से जुड़े केमिकल, खासकर ‘स्कोपोलामीन’, मानव मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम पर गहरा असर डाल सकते हैं। 27 जनवरी 2015 के एक कथित ईमेल में इस केमिकल का जिक्र मिलता है, जिसे फोटोग्राफर Antoine Verglas से फॉरवर्ड किया गया बताया गया है। ईमेल में शामिल रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि स्कोपोलामीन व्यक्ति की याददाश्त और इच्छा-शक्ति को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से चर्चा में है। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रम्पेट प्लांट्स (ब्रुग्मैनसिया/डेटूरा प्रजाति) में पाए जाने वाले कुछ तत्व चिकित्सा में सीमित मात्रा में उपयोग किए जाते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में यह खतरनाक हो सकते हैं।

एपस्टीन पहले ही गंभीर आरोपों के चलते वैश्विक सुर्खियों में रहा है। अब इन नए दावों ने उसके आइलैंड और गतिविधियों को लेकर रहस्य और गहरा कर दिया है।

फिलहाल जांच एजेंसियों की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।