Thursday, 19 February 2026

कोठारी परिवार की इज्जत पर वार करेगा गौतम, पाखी को धोखा देगा दिवाकर!


 Anupamaa में एक बार फिर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिलने वाला है। आने वाले एपिसोड में गौतम ऐसा कदम उठाएगा, जिससे कोठारी परिवार का सरेआम तमाशा बन जाएगा। परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर होगी और हालात काबू से बाहर जाते दिखेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, अनुपमा इस बार चुप नहीं बैठने वाली। जब सच सामने आएगा, तो वह अपने रौद्र रूप में नजर आएगी और सभी को करारा जवाब देगी। उसका यह अंदाज परिवार के कई सदस्यों को चौंका देगा।

इसी बीच पाखी की जिंदगी में भी बड़ा झटका आने वाला है। दिवाकर, जिस पर वह भरोसा कर रही थी, उसे धोखा देगा। इस खुलासे से पाखी भावनात्मक रूप से टूट सकती है। दूसरी ओर, प्रेम को लेकर भी बड़ा राज सामने आने वाला है, जिससे कहानी नया मोड़ लेगी।

कहा जा रहा है कि इन घटनाओं के बाद परिवार के रिश्तों में दरार और गहरी हो सकती है। अनुपमा का फैसला आने वाले ट्रैक की दिशा तय करेगा।

फैंस को अगले एपिसोड में जबरदस्त टकराव, इमोशनल सीन और बड़े खुलासे देखने को मिलेंगे

कई देशों से ज्यादा अमीर हैं मुकेश अंबानी! 19 देशों की GDP से भी आगे निकली संपत्ति


 भारत के दिग्गज उद्योगपति Mukesh Ambani की संपत्ति अक्सर चर्चा में रहती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी कुल नेटवर्थ दुनिया के कई छोटे देशों की सालाना जीडीपी से भी अधिक बताई जाती है?

ताज़ा आकलनों के अनुसार, अंबानी की संपत्ति दर्जनों अरब डॉलर में है। तुलना करें तो यह राशि 19 छोटे और विकासशील देशों की वार्षिक अर्थव्यवस्था (GDP) से ज्यादा बैठती है। इनमें दक्षिण एशिया के पड़ोसी देश जैसे Nepal और Afghanistan भी शामिल हैं।

GDP किसी देश में एक साल में उत्पादित कुल वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य होता है, जबकि किसी व्यक्ति की नेटवर्थ उसकी कुल संपत्ति (शेयर, निवेश, संपत्ति आदि) का अनुमानित मूल्य होती है। यही वजह है कि छोटे देशों की अर्थव्यवस्था और बड़े उद्योगपतियों की निजी संपत्ति की तुलना संभव हो पाती है।

हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि GDP और व्यक्तिगत संपत्ति की प्रकृति अलग होती है—एक पूरी अर्थव्यवस्था का पैमाना है, तो दूसरी निजी स्वामित्व वाली संपत्तियों का।

Reliance Industries के चेयरमैन अंबानी ऊर्जा, दूरसंचार और रिटेल जैसे क्षेत्रों में बड़ा कारोबार संचालित करते हैं। उनकी संपत्ति में उतार-चढ़ाव शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

मजेदार चुटकुले: जज ने पूछा- तलाक क्यों? पत्नी का जवाब सुन कोर्ट में छूटी हंसी!


 आज पढ़िए कुछ हल्के-फुल्के चुटकुले, जो दिनभर की टेंशन को कर देंगे दूर—

कोर्ट में जज साहब ने पति से पूछा—
“तुम तलाक क्यों चाहते हो?”

पति बोला— “जनाब, मेरी पत्नी मुझसे पिछले 6 महीने से बात ही नहीं कर रही!”

जज ने पत्नी की ओर देखा—
“आप कुछ कहना चाहेंगी?”

पत्नी बोली—
“हुजूर, मैं इतनी छोटी-छोटी बातों पर मुंह नहीं खोलती!”

कोर्ट में मौजूद लोग हंसी नहीं रोक पाए।

संता को मां से मार पड़ गई।
बंता ने पूछा— “क्या हुआ?”
संता— “फोन चला रहा था, मम्मी रखने को बोलीं, नहीं माना… बस मार पड़ी!”
बंता बोला— “भाई, मां के पैरों में जन्नत के साथ-साथ चप्पल भी होती है!”

महिला— “डॉक्टर साहब, वजन कैसे कम होगा?”
डॉक्टर— “गर्दन दाएं-बाएं हिलाइए।”
महिला— “कब?”
डॉक्टर— “जब कोई खाने को पूछे!”

पप्पू— “डॉक्टर साहब, पहले वादा करें हंसेंगे नहीं।”
डॉक्टर— “ठीक है।”
पप्पू— “मेरी टांगें गन्ने जैसी पतली हैं!”
डॉक्टर हंस पड़ा।
पप्पू बोला— “अब बताइए इलाज, हंसी तो मुफ्त में दे दी!”

भारत के 5 सबसे महंगे सिंगल टोल नाके! यहां से कार निकाली तो याद रह जाएगा किराया


  2026 में देश का सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से आधुनिक हो रहा है, लेकिन बेहतर एक्सप्रेसवे और हाईवे का सफर अब जेब पर भारी पड़ने लगा है। National Highways Authority of India (NHAI) और राज्य प्राधिकरणों ने टोल दरों में 4–5% तक बढ़ोतरी की है। कई टोल प्लाजा पर कार से एक बार गुजरने का शुल्क ₹150 से ₹300 के पार पहुंच चुका है।

यहां जानिए भारत के 5 महंगे सिंगल टोल नाके—

 दिल्ली के ट्रैफिक से राहत देने वाला यह एक्सप्रेसवे लंबी दूरी के हिसाब से महंगा माना जाता है।
हाई-स्पीड कॉरिडोर पर कार का टोल कई हिस्सों में ₹200+ तक पहुंच सकता है।
 देश के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे में शामिल, यहां टोल दरें पहले से ही ऊंची श्रेणी में हैं।
 नए हाई-स्पीड रूट पर यात्रियों को बढ़ा हुआ टोल चुकाना पड़ता है।
 पश्चिम भारत का प्रमुख कॉरिडोर, जहां सिंगल जर्नी टोल लगातार बढ़ा है।

अगर आप दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु के बीच रोड ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो टोल बजट पहले से तय कर लें। FASTag से भुगतान आसान जरूर हुआ है, लेकिन सफर की कुल लागत में टोल अब अहम हिस्सा बन चुका है।

शिवाजी महाराज जयंती पर शिवनेरी किले में भीड़ बेकाबू, भगदड़ जैसी स्थिति; महिला-बच्चों समेत कई घायल


 छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर Shivneri Fort में भारी भीड़ उमड़ने से अफरा-तफरी मच गई। पुणे जिले के जुन्नर तालुका स्थित इस ऐतिहासिक किले पर श्रद्धांजलि देने और कार्यक्रम में शामिल होने हजारों लोग पहुंचे थे। संकरे रास्तों और सीमित निकास मार्गों के कारण अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किले की चढ़ाई वाले हिस्से और प्रवेश द्वार के पास लोगों की आवाजाही नियंत्रित नहीं रह पाई। इसी दौरान कई महिलाएं और बच्चे गिर पड़े, जिससे उन्हें चोटें आईं। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने बताया कि सभी की हालत स्थिर है।

यह किला मराठा साम्राज्य के संस्थापक Chhatrapati Shivaji Maharaj का जन्मस्थान है, इसलिए जयंती पर यहां विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई। अधिकारियों ने अपील की है कि श्रद्धालु धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

भारत में बच्चों के लिए इंस्टा-फेसबुक बैन? पीएम मोदी से राष्ट्रपति मैक्रों की मांग से बढ़ी सियासी हलचल


  क्या भारत में भी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लग सकती है? यह सवाल उस समय चर्चा में आ गया, जब Emmanuel Macron ने इंडिया एआई समिट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर सख्त कदम उठाने की अपील की।

मैक्रों ने कहा कि फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है। उनका तर्क था कि जो चीजें वास्तविक दुनिया में बच्चों के लिए उचित नहीं हैं, उन्हें इंटरनेट पर भी उपलब्ध नहीं होना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, सरकारों और रेगुलेटर्स की संयुक्त जिम्मेदारी पर जोर दिया।

दुनिया के कई देशों, जिनमें Australia भी शामिल है, ने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर सख्त नियम बनाए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत भी इसी दिशा में कदम बढ़ाएगा?

फिलहाल भारत सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि डिजिटल सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन और बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर पहले से ही कई नियम लागू हैं।

अगर भविष्य में ऐसा कोई फैसला होता है, तो इसका सीधा असर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स के करोड़ों युवा यूजर्स पर पड़ सकता है।

न्यूमरोलॉजी में ये मूलांक माने जाते हैं सबसे क्रिएटिव, कला और रचनात्मक क्षेत्र में कमाते हैं खूब नाम


 अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी के अनुसार हर व्यक्ति का एक मूलांक (Birth Number) होता है, जो उसके जन्म की तारीख से तय होता है। माना जाता है कि यह मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, सोच और प्रतिभा पर गहरा प्रभाव डालता है। कुछ मूलांक ऐसे होते हैं जिन्हें विशेष रूप से रचनात्मक, कल्पनाशील और कलात्मक माना जाता है।

इस मूलांक के स्वामी गुरु माने जाते हैं। ऐसे लोग अभिव्यक्ति में निपुण होते हैं। लेखन, शिक्षण, अभिनय और सार्वजनिक बोलने में इन्हें सफलता मिलती है। ये लोग सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर और विचारों से समृद्ध होते हैं।

बुध ग्रह के प्रभाव से ये लोग बेहद तेज दिमाग और बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं। मीडिया, विज्ञापन, मार्केटिंग, एंकरिंग और क्रिएटिव कंटेंट जैसे क्षेत्रों में ये चमकते हैं। नई-नई चीजें सीखने और प्रयोग करने में आगे रहते हैं।

शुक्र ग्रह से प्रभावित ये लोग सौंदर्य, कला और संगीत के प्रेमी होते हैं। फैशन, फिल्म, इंटीरियर डिजाइन और परफॉर्मिंग आर्ट्स में इनकी विशेष रुचि रहती है। आकर्षक व्यक्तित्व और कलात्मक नजरिया इन्हें अलग पहचान दिलाता है।

ये लोग गहरे विचारों और कल्पनाशीलता के लिए जाने जाते हैं। लेखन, रिसर्च, फोटोग्राफी और आध्यात्मिक विषयों में इनकी रचनात्मकता झलकती है।

राज्यसभा चुनाव: असम में भाजपा की बढ़त बरकरार? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के दोनों सांसद रिटायर


  राज्यसभा चुनाव को लेकर पूर्वोत्तर और मध्य भारत में राजनीतिक समीकरण तेजी से बन रहे हैं। असम में इस बार तीन सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें दो सीटें Bharatiya Janata Party और एक निर्दलीय सांसद के पास थी। मौजूदा विधानसभा गणित को देखते हुए इस बार भाजपा के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि एक सीट पर Indian National Congress के प्रत्याशी के चुने जाने की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असम में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और सहयोगी दलों का समर्थन उसके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं कांग्रेस भी एक सीट निकालने की रणनीति पर काम कर रही है।

उधर, छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं और दोनों ही कांग्रेस के पास थीं। दोनों सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस अपने संख्या बल के आधार पर दोनों सीटें बरकरार रख पाती है या समीकरण में कोई बदलाव होता है।

राज्यसभा चुनाव भले ही प्रत्यक्ष मतदान से अलग प्रक्रिया से होते हों, लेकिन इनका राजनीतिक संदेश दूरगामी होता है। असम और छत्तीसगढ़ के नतीजे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में बड़ा खुलासा! नॉयना के झूठ से उठेगा पर्दा, तुलसी-मिहिर के रिश्ते में नया तूफान


  Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi में इन दिनों जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है। एक पुराने हादसे के बाद बदले हालात अब कहानी को नए मोड़ पर ले आए हैं। अपकमिंग एपिसोड में तुलसी को बड़ा सच पता चलने वाला है—नॉयना उसे और मिहिर को लंबे समय से गुमराह कर रही थी।

सूत्रों के मुताबिक, तुलसी को कुछ ऐसे सबूत मिलेंगे जिनसे नॉयना के झूठ का पर्दाफाश होगा। इससे पहले तक मिहिर भी सच्चाई से अनजान था और हालातों की वजह से तुलसी से दूरी बढ़ती जा रही थी। लेकिन अब जब सच सामने आएगा, तो परिवार में बड़ा बवाल तय माना जा रहा है।

तुलसी का किरदार एक बार फिर मजबूती के साथ उभरता दिखेगा। वह न सिर्फ अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करेगी, बल्कि परिवार के सामने सच्चाई लाकर सबको चौंका देगी। वहीं मिहिर के लिए यह खुलासा भावनात्मक झटका साबित हो सकता है।

फैंस को लंबे समय बाद वही इमोशनल टकराव और पारिवारिक साज़िशों वाला अंदाज़ देखने को मिलेगा, जिसने इस शो को घर-घर में लोकप्रिय बनाया था। अब सवाल यह है कि क्या तुलसी और मिहिर का रिश्ता इस तूफान को झेल पाएगा, या कहानी में आएगा कोई और बड़ा ट्विस्ट?

Wednesday, 18 February 2026

23 घरों का मालिक, फिर भी किराये के फ्लैट में रहता है… क्या है गणित?


  आमतौर पर एक घर खरीदने में ही लोगों की जिंदगी भर की बचत लग जाती है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के 32 वर्षीय प्रॉपर्टी निवेशक रवि शर्मा के पास 23 संपत्तियां हैं—फिर भी वे खुद किराये के घर में रहते हैं।

रवि शर्मा Search Property नाम की बायर्स एजेंसी के संस्थापक हैं। उनकी कुल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 25 मिलियन डॉलर बताई जाती है। उनकी कंपनी को 2023 और 2024 में REB Awards में बेस्ट बायर्स एजेंसी कैटेगरी में फाइनलिस्ट भी चुना गया था।

रवि का तर्क सीधा है—“घर में पैसा फंसाओ मत, पैसा आपके लिए काम करे।”

उनका मानना है कि अगर वे अपनी पसंद की महंगी लोकेशन पर घर खरीदते, तो लाखों-करोड़ों डॉलर एक ही संपत्ति में अटक जाते। इसके बजाय वे किराया देते हैं और अपनी पूंजी उन इलाकों में निवेश करते हैं जहां बेहतर रेंटल यील्ड और कैपिटल ग्रोथ मिलती है।

उनकी निवेश की रणनीतिवे उन शहरों और इलाकों में संपत्ति खरीदते हैं जहां भविष्य में कीमत बढ़ने की संभावना अधिक हो।

  • किराये से आने वाली आय (Rental Income) से लोन और खर्च मैनेज करते हैं।

  • अपनी निजी जिंदगी के लिए लचीलापन (Flexibility) बनाए रखते हैं—कभी भी लोकेशन बदल सकते हैं।

रवि का मॉडल बताता है कि “घर खरीदना” और “रियल एस्टेट में निवेश करना” दो अलग बातें हैं।
वे भावनात्मक फैसले के बजाय गणित और कैश फ्लो को प्राथमिकता देते हैं।

उनकी सोच यह है कि खुद रहने के लिए महंगा घर खरीदकर पूंजी फंसाने के बजाय, वही पैसा कई संपत्तियों में लगाकर बड़ा पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है।

तीन एक्शन फिल्मों में गूंजा एक ही सुपरहिट गाना, तीनों रहीं ब्लॉकबस्टर


  बॉलीवुड में कई गाने हिट हुए, लेकिन एक ऐसा भी गीत रहा जो तीन बड़ी एक्शन फिल्मों में सुनाई दिया और हर बार दर्शकों का जोश दोगुना कर गया। यह गाना था — “धूम मचा ले, धूम मचा ले धूम”

यह टाइटल ट्रैक सबसे पहले 27 अगस्त 2004 को रिलीज हुई फिल्म Dhoom में सुनाई दिया। फिल्म को Yash Raj Films ने प्रोड्यूस किया था।
कहानी विजय कृष्ण आचार्य ने लिखी और निर्देशन संजय गढ़वी ने किया।

फिल्म में अभिषेक बच्चनउदय चोपड़ा और जॉन अब्राहम मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। जॉन अब्राहम ने सुपरचोर का किरदार निभाया था।

इस गाने को मशहूर गीतकार समीर अनजान ने लिखा था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्हें खास ट्यून पर ऐसा गीत लिखने की चुनौती दी गई थी, जो युवाओं में रोमांच भर दे। उन्होंने ट्यून सुनी और उसी पर “धूम मचा ले” जैसा जोशीला गीत रचा, जो आज भी एक्शन फिल्मों की पहचान बन चुका है।

संगीत प्रीतम ने तैयार किया, जबकि बैकग्राउंड स्कोर सलीम-सुलेमान ने दिया। इस गाने को पहली बार सुनिधि चौहान ने अपनी आवाज दी थी।

“नशा छोड़ो, सपने जोड़ो”: छात्रों के लिए वैशाली पुलिस की पोस्टर-पेंटिंग प्रतियोगिता


 समाज को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से वैशाली पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है। बिहार पुलिस सप्ताह के अवसर पर जिले के छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर एवं पेंटिंग निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।

यह प्रतियोगिता 22 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।
इसकी थीम रखी गई है — “नशा छोड़ो, सपने जोड़ो”

इस पहल का मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें अपने सपनों व लक्ष्यों की ओर प्रेरित करना है। आज के दौर में नशा युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में कला के माध्यम से दिया गया संदेश समाज पर गहरा और स्थायी प्रभाव छोड़ सकता है।

प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया है

पोस्टर और पेंटिंग के जरिए प्रतिभागी अपने विचारों, भावनाओं और सामाजिक संदेशों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत कर सकेंगे। यह आयोजन न केवल जागरूकता फैलाने का माध्यम बनेगा, बल्कि युवाओं की प्रतिभा को मंच भी प्रदान करेगा।


 

सहमति से बने संबंध रेप नहीं’—हाई कोर्ट ने PCS अधिकारी के खिलाफ केस खारिज किया


  Allahabad High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पीसीएस अधिकारी के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में दायर चार्जशीट और आपराधिक कार्यवाही को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि यदि वयस्कों के बीच संबंध आपसी सहमति से बनाए गए हों, तो उन्हें बलात्कार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

मामले में याचिकाकर्ता अधिकारी ने दलील दी थी कि शिकायतकर्ता के साथ उनके संबंध सहमति पर आधारित थे और दोनों के बीच लंबे समय से जान-पहचान थी। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि किसी प्रकार का दबाव, धोखा या जबरदस्ती नहीं की गई थी।

कोर्ट ने रिकॉर्ड और प्रस्तुत साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया जबरन संबंध बनाने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। न्यायालय ने टिप्पणी की कि सहमति से बने शारीरिक संबंध, यदि स्पष्ट रूप से दबाव या धोखाधड़ी से मुक्त हों, तो उन्हें दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।

इसके साथ ही अदालत ने संबंधित ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही और दाखिल चार्जशीट को रद्द कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले के तथ्य अलग होते हैं और निर्णय परिस्थितियों के आधार पर लिया जाता है।

यह फैसला सहमति और दुष्कर्म की कानूनी परिभाषा पर एक बार फिर बहस को केंद्र में ले आया है।