Saturday, 21 February 2026

अहान पांडे का धमाकेदार एक्शन अवतार, मार्च से शुरू होगी अली अब्बास ज़फर की नई फिल्म


 


 फिल्म ‘सैयारा’ की सफलता के बाद अभिनेता Ahaan Panday अब एक बड़े एक्शन-रोमांस प्रोजेक्ट के लिए तैयार हैं। इस अनाम फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर Ali Abbas Zafar करेंगे और इसकी शूटिंग मार्च से शुरू होने जा रही है।

फिल्म में अहान पांडे के साथ अभिनेत्री Sharvari Wagh लीड रोल में नजर आएंगी। दोनों की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर साथ दिखेगी, जिसे लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि फिल्म में हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस के साथ इमोशनल रोमांस का भी तड़का होगा।

इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि यह Yash Raj Films के साथ अली अब्बास ज़फर की वापसी भी मानी जा रही है। इससे पहले वह इस बैनर के साथ कई सफल फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं।

फिल्म की शूटिंग मुंबई और लंदन जैसे खूबसूरत लोकेशनों पर की जाएगी। मेकर्स इसे बड़े पैमाने पर बनाने की तैयारी में हैं, ताकि दर्शकों को इंटरनेशनल स्तर का एक्शन और रोमांस देखने को मिल सके।

अब फैंस को बेसब्री से फिल्म के टाइटल, फर्स्ट लुक और रिलीज डेट का इंतजार है।

8 मार्च को असम में कांग्रेस को बड़ा झटका? भूपेन बोरा ने राहुल की लाइन से अलग कदम बढ़ाए, अमित शाह से की मुलाकात


 असम की राजनीति में 8 मार्च को बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके वरिष्ठ नेता Bhupen Bora ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात कर सियासी हलचल तेज कर दी है। इस मुलाकात को लेकर राज्य की राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं।

मीडिया से बातचीत में भूपेन बोरा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के कहने पर शिष्टाचार भेंट के लिए अमित शाह से मिलने पहुंचे थे। हालांकि, उनके इस कदम को कांग्रेस नेतृत्व की लाइन से अलग माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब पार्टी के पूर्व अध्यक्ष Rahul Gandhi लगातार बीजेपी पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं।

Indian National Congress से इस्तीफे के बाद भूपेन बोरा की अगली राजनीतिक रणनीति क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर उन्होंने औपचारिक रूप से पाला बदला, तो Assam में कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है।

फिलहाल भूपेन बोरा ने किसी नई पार्टी में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनकी अमित शाह से मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। आने वाले दिनों में असम की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

टिफिन के लिए झटपट तैयार हेल्दी स्नैक्स, मिलेंगे भरपूर विटामिन और मिनरल्स


 आजकल 9 से 12 घंटे की लंबी ऑफिस शिफ्ट में काम करते हुए अक्सर मिड-डे क्रेविंग होने लगती है। ऐसे में अगर साथ में हेल्दी स्नैक्स न हों, तो लोग बाहर की तली-भुनी और अनहेल्दी चीजें खाने लगते हैं, जो धीरे-धीरे सेहत पर बुरा असर डालती हैं। इसलिए जरूरी है कि टिफिन में ऐसे स्नैक्स पैक किए जाएं जो जल्दी बन जाएं और पोषण से भरपूर भी हों।

भुने हुए चने या मखाने बेहतरीन विकल्प हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं। स्प्राउट्स सलाद भी एक अच्छा ऑप्शन है, जिसमें अंकुरित मूंग या चना, टमाटर, खीरा और नींबू मिलाकर स्वादिष्ट और पौष्टिक स्नैक तैयार किया जा सकता है।

फ्रूट चाट या कटे हुए मौसमी फल विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इसके अलावा पीनट बटर के साथ मल्टीग्रेन ब्रेड, उबले अंडे, या घर का बना वेज सैंडविच भी प्रोटीन और एनर्जी का अच्छा स्रोत है।

इन स्नैक्स की खास बात यह है कि ये जल्दी तैयार हो जाते हैं, टिफिन में आसानी से पैक किए जा सकते हैं और शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन प्रदान करते हैं। हेल्दी स्नैकिंग की आदत न केवल वजन को कंट्रोल में रखती है, बल्कि पूरे दिन एनर्जेटिक बनाए रखने में भी मदद करती है।

राजा शिवाजी का फर्स्ट लुक जारी, विकी कौशल का ‘आबासाहेब’ कमेंट बना चर्चा का केंद्र


 छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर अभिनेता-निर्देशक Riteish Deshmukh ने अपनी ऐतिहासिक फिल्म ‘राजा शिवाजी’ का फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। इस फिल्म में रितेश देशमुख न सिर्फ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि निर्देशन की जिम्मेदारी भी खुद संभाल रहे हैं। पोस्टर में शिवाजी महाराज के साहस, तेजस्विता और स्वाभिमान की झलक दिखाई देती है, जिसने फैंस के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।

पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। खासकर तब, जब बॉलीवुड अभिनेता Vicky Kaushal ने इस पर कमेंट करते हुए सिर्फ एक शब्द लिखा – “आबासाहेब”। उनका यह कमेंट तेजी से वायरल हो गया और फैंस ने इसे सम्मान और गर्व से जोड़कर देखा। विकी कौशल इससे पहले ऐतिहासिक किरदार निभाकर सुर्खियां बटोर चुके हैं, इसलिए उनका रिएक्शन और भी खास माना जा रहा है।

‘राजा शिवाजी’ में छत्रपति Shivaji महाराज के जीवन, संघर्ष और स्वराज के संकल्प को बड़े पर्दे पर भव्य तरीके से दिखाने की तैयारी है। फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता है और अब सभी की नजरें इसके टीज़र और रिलीज डेट पर टिकी हैं।

दिसंबर तिमाही में सिप्ला का मुनाफा 57% घटा, अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर


 दवा कंपनी Cipla ने दिसंबर में समाप्त चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल आधार पर 57 प्रतिशत घटकर 676 करोड़ रुपये रह गया।

कंपनी के मुताबिक, अमेरिकी बाजार में बिक्री में कमी का सीधा असर मुनाफे पर पड़ा है। अमेरिका सिप्ला के लिए प्रमुख निर्यात बाजारों में से एक है। वहां जेनेरिक दवाओं की कीमतों पर दबाव और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से राजस्व प्रभावित हुआ।

फार्मा कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां जेनेरिक दवाओं की बड़ी मांग रहती है। हालांकि हाल के महीनों में प्राइस प्रेशर और नियामकीय चुनौतियों के चलते भारतीय दवा कंपनियों की आय पर असर देखा गया है।

कंपनी अब घरेलू बाजार और अन्य अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में प्रदर्शन मजबूत करने पर जोर दे रही है। साथ ही नए प्रोडक्ट लॉन्च और लागत नियंत्रण उपायों के जरिए मार्जिन सुधारने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में अमेरिकी बाजार की स्थिति और नई दवाओं की बिक्री कंपनी के प्रदर्शन के लिए अहम होगी।

मुन्ना भाई एमबीबीएस के दौरान बदली किस्मत, अरशद वारसी ने किया बड़ा खुलासा

 

बॉलीवुड अभिनेता Arshad Warsi ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने फिल्म Munna Bhai M.B.B.S. में ‘सर्किट’ का किरदार किसी खास योजना के तहत नहीं, बल्कि मजबूरी में किया था।

अरशद ने बताया कि उस समय उनके पास ज्यादा काम नहीं था और वे ऐसी स्थिति में नहीं थे कि प्रोजेक्ट ठुकरा सकें। उन्होंने कहा कि आर्थिक और पेशेवर हालात ऐसे थे कि जो अच्छा काम मिला, उसे स्वीकार करना ही बेहतर विकल्प था।

फिल्म में सर्किट का किरदार दर्शकों को इतना पसंद आया कि वह आज भी उनके करियर की पहचान बना हुआ है। Sanjay Dutt के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा।

अरशद के मुताबिक, इसी फिल्म के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनकी मार्केट वैल्यू बदल चुकी है। उन्होंने बताया कि ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की सफलता के बाद वे 1 करोड़ रुपये तक की फीस चार्ज करने की स्थिति में आ गए थे।

राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता पाई, बल्कि अरशद वारसी को भी इंडस्ट्री में नई पहचान दिलाई। ‘सर्किट’ का किरदार आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार कॉमिक किरदारों में गिना जाता है।

अरशद वारसी का यह बयान बताता है कि कभी-कभी मजबूरी में लिया गया फैसला भी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बन जाता है।

IMD Rainfall Alert: 21–22 फरवरी को दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी


 भारत मौसम विज्ञान विभाग India Meteorological Department (IMD) ने दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 21 और 22 फरवरी को बारिश का अलर्ट जारी किया है।

  • Tamil Nadu के दक्षिणी जिलों में 21 व 22 फरवरी को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

  • Kerala और माहे में इन दो दिनों के दौरान छिटपुट से लेकर काफी जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

IMD के अनुसार, केरल और आसपास के क्षेत्रों में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

  • खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।

  • बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न रुकें।

  • मछुआरे समुद्र में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लें।

IMD ने बताया है कि मौसम में यह बदलाव क्षेत्र में सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली और नमी के कारण हो रहा है। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर राहत व्यवस्था सक्रिय की जाएगी।

गौ रक्षा को लेकर ‘धर्म युद्ध’ का ऐलान, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने जारी किया पोस्टर


 प्रयागराज। माघ मेला विवाद के बाद अब गौ रक्षा के मुद्दे पर Swami Avimukteshwaranand Saraswati एक बार फिर चर्चा में हैं। शंकराचार्य ने एक पोस्टर जारी कर ‘धर्म युद्ध’ का ऐलान किया है और 1 मार्च को औपचारिक घोषणा करने की बात कही है।

जारी पोस्टर में महाभारत की शैली में दो पक्ष दर्शाए गए हैं—

  • एक ओर गौ रक्षा के समर्थन में खड़े लोग

  • दूसरी ओर विरोध करने वालों को दिखाया गया है

शंकराचार्य ने इसे धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई बताया है। उनके मुताबिक, यह अभियान गौ रक्षा के समर्थन में जनजागरण के उद्देश्य से चलाया जाएगा।

पोस्टर में Ravindra Puri, जो Akhil Bharatiya Akhara Parishad के अध्यक्ष हैं, को विपक्ष की सूची में दर्शाया गया है। शंकराचार्य ने उन्हें ‘कालनेमि’ की संज्ञा दी है।

इस कदम के बाद साधु-संत समाज में मतभेद की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

गौ रक्षा के मुद्दे पर यह पोस्टर सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। समर्थक इसे आस्था और परंपरा की रक्षा का अभियान बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे अनावश्यक टकराव की स्थिति मान रहे हैं।

फिलहाल, 1 मार्च को प्रस्तावित घोषणा के बाद इस मामले की दिशा और स्पष्ट हो पाएगी।

क्या अमेरिकी कोर्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सजा दे सकता है?


 हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा Donald Trump की वैश्विक टैरिफ नीति को रद्द किए जाने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका की अदालतें किसी मौजूदा राष्ट्रपति को सजा भी सुना सकती हैं? आइए अमेरिकी संविधान की व्यवस्था को सरल भाषा में समझते हैं।

अमेरिका का संविधान (U.S. Constitution) तीन स्तंभों पर आधारित है—

  1. कार्यपालिका (President)

  2. विधायिका (Congress)

  3. न्यायपालिका (Courts)

इनके बीच Checks and Balances की व्यवस्था है, यानी कोई भी शाखा पूरी तरह सर्वोच्च नहीं है।

अगर राष्ट्रपति का कोई आदेश संविधान के खिलाफ पाया जाता है, तो Supreme Court of the United States उसे रद्द कर सकता है। यही हालिया टैरिफ मामले में हुआ।

यह विषय अमेरिका में बहस का मुद्दा रहा है।

  • अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की पुरानी राय रही है कि पद पर रहते हुए राष्ट्रपति पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए।

  • लेकिन यह स्पष्ट रूप से संविधान में लिखा नहीं है—यह व्याख्या पर आधारित है।

अगर किसी राष्ट्रपति पर गंभीर आरोप हों, तो कार्रवाई का पहला कदम अदालत नहीं बल्कि United States Congress उठाती है।

रंगभरी एकादशी 2026: कब है, क्यों खास है यह व्रत?


 Rangbhari Ekadashi 2026 Date: फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली रंगभरी एकादशी रंग और गुलाल से जुड़ा अनूठा पर्व है। आमतौर पर सभी एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होते हैं, लेकिन इस दिन पूजा होती है भगवान शिव और माता पार्वती की। यही वजह है कि यह तिथि विशेष रूप से काशी में भव्य रूप से मनाई जाती है।

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि का प्रारंभ 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को रात 12:33 बजे होगा और उसी दिन रात 10:32 बजे समाप्त हो जाएगी।
उदयातिथि के आधार पर रंगभरी एकादशी 27 फरवरी 2026 को ही मनाई जाएगी।

जहां अन्य एकादशी व्रतों में भगवान विष्णु की आराधना की जाती है, वहीं रंगभरी एकादशी शिव-पार्वती को समर्पित है। मान्यता है कि विवाह के बाद माता पार्वती पहली बार काशी आई थीं। उसी अवसर की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है।

काशी में स्थित Kashi Vishwanath Temple में इस दिन बाबा विश्वनाथ और माता गौरी का विशेष श्रृंगार होता है। उन्हें अबीर-गुलाल अर्पित किया जाता है और फिर भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। श्रद्धालु रंग और गुलाल से शिव-शक्ति का स्वागत करते हैं।

Friday, 20 February 2026

इंदौर का जैविक ग्रामीण हाट बाजार: हर वीकेंड ताजी ऑर्गेनिक सब्जियां, नोट करें दिन और समय


 


 Indore में अगर आप ताजी और जैविक सब्जियां खरीदना चाहते हैं, तो ग्रामीण हाट बाजार आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यहां सीधे खेतों से लाई गई ऑर्गेनिक सब्जियां और फल बिना किसी बिचौलिए के ग्राहकों तक पहुंचते हैं। यह बाजार ढक्कन वाला कुआं क्षेत्र में आयोजित किया जाता है और हर सप्ताह बड़ी संख्या में लोग यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं।

कृषि विभाग की अधिकारी शैली थॉमस के अनुसार, जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को एक सीधा मंच देना जरूरी था। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने इस ग्रामीण हाट बाजार की शुरुआत की, ताकि किसान अपनी उपज सीधे ग्राहकों को बेच सकें और उचित दाम पा सकें।

यह बाजार हर शनिवार और रविवार दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक खुलता है। यहां सिर्फ ताजी सब्जियां और फल ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक तरीके से उगाई और तैयार की गई हल्दी, पोहा, मिलेट्स और अन्य उत्पाद भी उपलब्ध रहते हैं।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अब रासायनिक खाद और कीटनाशकों से उगाई गई सब्जियों से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में यह जैविक बाजार उपभोक्ताओं और किसानों दोनों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है।

पहाड़ों में उगने वाली ‘निर्गुंडी’ का कमाल! पैरालिसिस, सूजन और दर्द में देसी नुस्खा


  Sidhi जिले के विंध्य क्षेत्र की पहाड़ियों में उगने वाला निर्गुंडी पौधा इन दिनों चर्चा में है। स्थानीय लोग इसे औषधीय गुणों से भरपूर मानते हैं और पारंपरिक इलाज में इसका व्यापक उपयोग करते हैं। आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह के मुताबिक, निर्गुंडी के पत्तों में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो सूजन, दर्द और संक्रमण में लाभकारी माने जाते हैं।

डॉ. सिंह ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार तीन सप्ताह तक रोजाना निर्गुंडी के पत्तों से ‘झलकी’ यानी हवा दी जाए, तो पक्षाघात (पैरालिसिस) के लक्षणों में धीरे-धीरे सुधार देखा जा सकता है। इस प्रक्रिया में प्रभावित अंगों पर पत्तों से नियमित रूप से हवा दी जाती है। ग्रामीणों का मानना है कि इससे नसों में संचार बेहतर होता है और जकड़न कम होती है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से निर्गुंडी में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसका उपयोग जोड़ों के दर्द, सूजन और अन्य शारीरिक तकलीफों में किया जाता रहा है। कई आयुर्वेदिक औषधियों में भी इसे प्रमुख घटक के रूप में शामिल किया जाता है।

हालांकि, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में पैरालिसिस पर इसके प्रभाव को लेकर व्यापक वैज्ञानिक पुष्टि सीमित है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गंभीर बीमारियों में किसी भी घरेलू या पारंपरिक उपचार को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

प्ले स्कूल की फीस पर बवाल: IIT बॉम्बे ग्रेजुएट बोला— 4 साल की इंजीनियरिंग से महंगी नर्सरी!


 


 मुंबई में प्ले स्कूलों की बढ़ती फीस को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। Indian Institute of Technology Bombay (IIT बॉम्बे) से पासआउट एक पूर्व छात्र ने दावा किया है कि उसकी चार साल की इंजीनियरिंग की कुल फीस, शहर के एक नामी प्ले स्कूल की एक साल की फीस से भी कम थी। यह टिप्पणी सामने आते ही इंटरनेट पर चर्चा तेज हो गई।

ग्रेजुएट ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उसने IIT बॉम्बे में पढ़ाई के दौरान जितनी फीस चार साल में चुकाई, उससे लगभग दोगुनी रकम आज एक प्री-स्कूल एक साल के लिए वसूल रहा है। इसके बाद कई अभिभावकों ने भी निजी स्कूलों की बढ़ती फीस, एडमिशन चार्ज, एक्टिविटी फीस और अन्य अतिरिक्त खर्चों पर सवाल उठाए।

कुछ यूजर्स का कहना है कि महानगरों में प्री-स्कूल अब ‘ब्रांडेड एजुकेशन’ का हिस्सा बन गए हैं, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, एयर-कंडीशंड क्लासरूम और इंटरनेशनल करिकुलम के नाम पर भारी शुल्क लिया जाता है। वहीं, कई लोगों ने तर्क दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि निजी प्ले स्कूल पूरी तरह निजी निवेश पर चलते हैं, इसलिए तुलना पूरी तरह समान नहीं है।

फिलहाल यह मुद्दा ऑनलाइन बहस का विषय बना हुआ है और अभिभावक शिक्षा की बढ़ती लागत पर चिंता जता रहे हैं।