Monday, 23 February 2026

टाइप 095: 30 बार धरती का चक्कर लगाने की क्षमता, चीन की नई परमाणु पनडुब्बी से बढ़ी समुद्री ताकत


 चीन ने अपनी नई परमाणु शक्ति संपन्न पनडुब्बी Type 095 submarine को लॉन्च कर रक्षा जगत में हलचल पैदा कर दी है। यह तीसरी पीढ़ी की न्यूक्लियर अटैक सबमरीन मानी जा रही है, जिसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे हूलूदाओ स्थित बोहाई शिपयार्ड में तैयार किया गया है।

इस पनडुब्बी की सबसे बड़ी खासियत इसकी परमाणु ऊर्जा क्षमता है। दावा किया जा रहा है कि एक बार ईंधन भरने पर यह लंबी अवधि तक समुद्र में रह सकती है और सैद्धांतिक रूप से पृथ्वी के कई चक्कर लगाने जितनी दूरी तय करने में सक्षम है। इसमें पंप-जेट प्रोपल्शन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी आवाज बेहद कम रहती है और दुश्मन के लिए इसका पता लगाना कठिन हो जाता है।

सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, टाइप 095 को उन्नत मिसाइल सिस्टम और आधुनिक सोनार तकनीक से लैस किया गया है। इससे चीन की समुद्री मारक क्षमता और रणनीतिक पहुंच में इजाफा हो सकता है।

हालांकि, आधिकारिक तकनीकी विवरण सीमित हैं और कई दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं। इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि नई पनडुब्बी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन पर प्रभाव डाल सकती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी क्षमताएं वैश्विक समुद्री प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती हैं, जहां पहले से ही अमेरिका और रूस जैसी बड़ी ताकतें सक्रिय हैं।

क्यों मैक्सिको में ड्रग कार्टेल खत्म नहीं होते? एक डॉन गिरता है, चार नए उभर आते हैं


  मैक्सिको में अक्सर बड़े ड्रग सरगनाओं के मारे जाने या गिरफ्तार होने की खबरें आती हैं, लेकिन इसके बावजूद ड्रग कार्टेल कमजोर नहीं पड़ते। हाल ही में कुख्यात सरगना Nemesio Oseguera Cervantes उर्फ “एल मेनचो” की मौत के बाद भी हालात यही संकेत देते हैं। वह Jalisco New Generation Cartel (CJNG) का प्रमुख था, जिसे देश के सबसे शक्तिशाली और हिंसक कार्टेल में गिना जाता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि मैक्सिको में कार्टेल के फलने-फूलने के पीछे कई गहरे कारण हैं। पहला, अमेरिका में ड्रग्स की भारी मांग। जब तक मांग बनी रहती है, तस्करी का नेटवर्क भी जिंदा रहता है। दूसरा, मैक्सिको की भौगोलिक स्थिति—यह दक्षिण अमेरिका के ड्रग उत्पादन केंद्रों और अमेरिका के बड़े बाजार के बीच अहम ट्रांजिट रूट है।

तीसरा बड़ा कारण है गरीबी और बेरोजगारी। कई इलाकों में कार्टेल स्थानीय लोगों को रोजगार, सुरक्षा और आर्थिक मदद देते हैं, जिससे उन्हें गरीब तबके की सहानुभूति मिलती है। कुछ जगहों पर वे सड़कें बनवाने या जरूरतमंदों की मदद जैसे काम कर “रॉबिनहुड” छवि भी गढ़ लेते हैं।

चौथा, राजनीतिक भ्रष्टाचार और कमजोर कानून व्यवस्था। जब एक डॉन मारा जाता है, तो संगठन का ढांचा पूरी तरह खत्म नहीं होता। उसकी जगह तुरंत नए गुट और नेता उभर आते हैं, जो सत्ता और इलाके के लिए संघर्ष शुरू कर देते हैं।

यही वजह है कि मैक्सिको में ड्रग कार्टेल की समस्या दशकों से बनी हुई है और हर कार्रवाई के बाद नए चेहरे सामने आ जाते हैं।

मामूली खरोंच बनी जानलेवा: पालतू कुत्ते के चाटने से हुआ सेप्सिस, भारतीय मूल की मंजीत ने गंवाए हाथ-पांव


 ब्रिटेन में भारतीय मूल की 56 वर्षीय मंजीत संघा की कहानी चेतावनी देती है कि छोटी लापरवाही भी कितना बड़ा खतरा बन सकती है। एक मामूली खरोंच पर उनके पालतू कुत्ते के चाटने से शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया और उन्हें सेप्सिस हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए दोनों हाथ और दोनों पैर काटने पड़े।

रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में यह एक साधारण खरोंच थी। लेकिन कुछ ही घंटों में मंजीत को तेज ठंड लगना, होंठ नीले पड़ना और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण महसूस होने लगे। अस्पताल पहुंचने तक संक्रमण पूरे शरीर में फैल चुका था। इलाज के दौरान उनका दिल छह बार धड़कना बंद हुआ, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने उन्हें हर बार वापस जीवन दिया।

सेप्सिस एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जो संक्रमण के शरीर में तेजी से फैलने पर होती है। समय पर पहचान और इलाज न मिले तो यह अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले घावों को साफ रखना, संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।

मंजीत अब लोगों को जागरूक कर रही हैं कि पालतू जानवरों के संपर्क के बाद घावों की अनदेखी न करें। उनकी कहानी इस अदृश्य लेकिन खतरनाक खतरे के प्रति सतर्क रहने का संदेश देती है।

गिरफ्तारी हुई तो भी करूंगा सहयोग: वाराणसी विवाद पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान


  वाराणसी में जारी विवाद के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी गिरफ्तारी भी होती है तो वे किसी प्रकार का विरोध नहीं करेंगे और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद और असत्य बताया।

स्वामी ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि संबंधित स्थल के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उनका कहना है कि सच्चाई से उन्हें डर नहीं है और जांच से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन कथित छात्रों का नाम इस प्रकरण में लिया जा रहा है, उनका उनके गुरुकुल से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर भ्रम और गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और कानून का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सत्य सामने आएगा और सभी आरोप निराधार साबित होंगे।

पानी से बनेगी पावर! चीन की नई बैटरी 1.2 लाख बार होगी चार्ज, टोफू ब्राइन से दौड़ेंगी EV


 ग्रीन टेक्नोलॉजी की दौड़ में चीन ने बड़ा दावा किया है। चीनी वैज्ञानिकों ने ऐसी पानी-आधारित बैटरी विकसित करने की बात कही है, जो नमकीन घोल पर काम करती है और करीब 1.2 लाख बार चार्ज की जा सकती है। इस बैटरी में इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रोलाइट टोफू बनाने में उपयोग होने वाले नमकीन ब्राइन जैसा सुरक्षित बताया जा रहा है।

पारंपरिक Lithium-ion battery के मुकाबले यह तकनीक ज्यादा सुरक्षित मानी जा रही है, क्योंकि इसमें आग लगने या विस्फोट का खतरा बेहद कम है। साथ ही, इसे निपटाना भी आसान होगा, जिससे पर्यावरण पर कम असर पड़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह बैटरी बड़े पैमाने पर उत्पादन में सफल होती है, तो इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और पावर ग्रिड स्टोरेज सिस्टम के लिए किफायती और टिकाऊ विकल्प बन सकती है। लंबी चार्ज-साइकिल के कारण बैटरी बदलने की जरूरत कम होगी, जिससे लागत घटेगी।

हालांकि, ऊर्जा घनत्व, व्यावसायिक उत्पादन और वास्तविक प्रदर्शन जैसे पहलुओं पर अभी और परीक्षण जरूरी हैं। अगर सभी दावे सही साबित होते हैं, तो यह आविष्कार स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।

झील के बीचों-बीच है दुनिया का सबसे ऊंचा युल्ला कांडा श्रीकृष्ण मंदिर, जहां किन्नौरी टोपी से जान सकते हैं अपनी किस्मत


  हिमालय की गोद में बसा देवभूमि हिमाचल प्रदेश का किन्नौर जिला अपने रहस्यमयी और आस्था से भरे स्थलों के लिए जाना जाता है। इन्हीं में से एक है युल्ला कांडा श्रीकृष्ण मंदिर, जिसे दुनिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 12,000 से 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर एक पवित्र झील के बीचों-बीच बना है, जो इसे और भी अद्भुत बनाता है।

यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है। चारों ओर बर्फ से ढकी चोटियां, हरे-भरे घास के मैदान और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराते हैं। झील के बीच स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 12 किलोमीटर लंबा ट्रैक करना पड़ता है, जो रोमांच और भक्ति का अनूठा संगम है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण किया था। कहा जाता है कि पांडवों ने यहां भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की थी। यही वजह है कि यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ पौराणिक महत्व भी रखता है।

इस मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा है “किन्नौरी टोपी” से भविष्य जानने की मान्यता। श्रद्धालु मंदिर परिसर में विशेष विधि से किन्नौरी टोपी पहनकर या अर्पित कर अपनी किस्मत का संकेत प्राप्त करते हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि यदि टोपी सिर पर स्थिर रहती है तो यह शुभ संकेत होता है।

Aaj Ka Chandi Ka Bhav: मुंबई से चेन्नई तक चांदी के दाम, जानें आपके शहर में क्या है रेट


  देशभर में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। आज प्रमुख शहरों में चांदी के दाम अलग-अलग स्तर पर दर्ज किए गए हैं।

आर्थिक राजधानी Mumbai में आज चांदी का भाव 2,66,710 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं दक्षिण भारत के बड़े बाजार Chennai में चांदी की कीमत 2,67,620 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई है।

Patna में आज 1 किलो चांदी का भाव 2,66,700 रुपये है। वहीं Jaipur में चांदी 2,66,810 रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों, डॉलर की चाल और घरेलू मांग के आधार पर चांदी के दाम तय होते हैं। शादी-ब्याह के सीजन और औद्योगिक मांग के चलते भी कीमतों में हलचल देखने को मिलती है।

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर्स या अधिकृत डीलरों से ताजा रेट की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

रॉयल वेडिंग के लिए उदयपुर पहुंचे रश्मिका-विजय, एयरपोर्ट पर दिखा स्टाइलिश अंदाज़


   साउथ सिनेमा के चर्चित कपल Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda अपनी रॉयल वेडिंग के लिए Udaipur पहुंच चुके हैं। बीते दिन सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए शादी की आधिकारिक घोषणा करने के बाद आज दोनों को उदयपुर एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया।

एयरपोर्ट से सामने आई पहली तस्वीरों में रश्मिका पैंट-सूट में बेहद स्टाइलिश और कॉन्फिडेंट नजर आईं। मिनिमल मेकअप और सॉफ्ट हेयरस्टाइल के साथ उनका लुक फैंस को काफी पसंद आ रहा है। वहीं विजय भी कैजुअल लेकिन क्लासी अंदाज में दिखाई दिए। दोनों ने मीडिया की मौजूदगी में मुस्कुराते हुए अभिवादन किया।

सूत्रों के मुताबिक, यह शादी उदयपुर के एक भव्य हेरिटेज पैलेस में होने जा रही है, जहां करीबी दोस्त और परिवार के सदस्य शामिल होंगे। हालांकि समारोह को निजी रखा गया है, लेकिन फैंस के लिए कुछ खास झलकियां साझा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सोशल मीडिया पर #RashmikaVijayWedding और #ViroshWedding ट्रेंड करने लगा है। फैंस कपल की रॉयल वेडिंग की तस्वीरों और डिटेल्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

रश्मिका और विजय की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री पहले ही दर्शकों का दिल जीत चुकी है, और अब रियल लाइफ में उनका यह नया सफर फैंस के लिए किसी सेलिब्रेशन से कम नहीं है।

बॉक्स ऑफिस अपडेट: 'अस्सी' धीमी रफ्तार से आगे, 'दो दीवाने सहर में' पीछे, अब तक कमाई करोड़ों में




 20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में दो बड़ी फिल्में एक साथ रिलीज हुईं – अस्सी और दो दीवाने सहर में। दोनों फिल्में धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन तीसरे दिन का कलेक्शन रिपोर्ट दर्शाता है कि 'दो दीवाने सहर में' फिलहाल पीछे है।

अनुभव सिन्हा निर्देशित ‘अस्सी’ में तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में हैं। यह कोर्टरूम ड्रामा फिल्म दर्शकों को कानूनी लड़ाई और इंसाफ की कहानी के साथ बांधती है। फिल्म के कास्ट में मोहम्मद जीशान अय्यूबकुमुद मिश्रासुप्रिया पाठक और मनोज पाहवा भी शामिल हैं। ओपनिंग डे पर फिल्म ने 1 करोड़ रुपये कमाए, दूसरे दिन 1.6 करोड़, और तीसरे दिन 1.37 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।

वहीं, मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी स्टारर 'दो दीवाने सहर में' रोमांटिक जॉनर की फिल्म है। इसकी तीसरे दिन की कमाई 1.31 करोड़ रुपये रही। दोनों फिल्मों की धीमी रफ्तार के कारण बॉक्स ऑफिस पर फिलहाल कोई बड़ी धमाकेदार स्थिति नहीं बनी है।

विश्लेषक मानते हैं कि ‘अस्सी’ कोर्टरूम ड्रामा होने के कारण दर्शकों के बीच थोड़ी बेहतर पकड़ बना रही है, जबकि ‘दो दीवाने सहर में’ को रोमांटिक दर्शकों तक पहुंचने में समय लग रहा है।

विधानसभा में ‘मिठास’ भरी बहस: बाढ़ की लाई से मनेर के लड्डू तक GI टैग पर चर्चा


 Patna में चल रही बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान इस बार बहस का विषय राजनीति से आगे बढ़कर राज्य के पारंपरिक व्यंजन बन गए। सदन में बाढ़ की मशहूर लाई, मनेर के लड्डू, गया के तिलकुट और बड़हिया के रसगुल्ले को लेकर दिलचस्प चर्चा हुई।

उद्योग मंत्री Dilip Jaiswal ने जानकारी दी कि बाढ़ की प्रसिद्ध ‘खूबी की लाई’ को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पहले भी कई उत्पादों को GI टैग दिला चुकी है और अन्य पारंपरिक उत्पादों के लिए भी प्रयास जारी हैं।

विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar ने बताया कि Gaya के प्रसिद्ध तिलकुट के लिए भी GI टैग का आवेदन किया गया है। इस बीच उपमुख्यमंत्री Vijay Sinha ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि “मंत्री जी बड़हिया का रसगुल्ला और बाढ़ की लाई तो खाते हैं, लेकिन GI टैग के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं करते।” इस पर सदन में ठहाके भी लगे।

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने Maner के मशहूर लड्डू का मुद्दा उठाया और उसे भी GI टैग दिलाने की मांग की। वहीं Muzaffarpur में मक्का आधारित उद्योग और एथेनॉल प्लांट को लेकर सरकार ने औद्योगिक विकास की योजनाओं पर भी बयान दिया।

इस ‘मिठास भरी’ बहस ने सदन का माहौल हल्का कर दिया, लेकिन साथ ही यह संदेश भी दिया कि बिहार के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में सरकार गंभीर है।

नेपाल में भीषण सड़क हादसा: पोखरा से काठमांडू जा रही बस त्रिशूली नदी में गिरी, 18 की मौत


 Nepal में सोमवार तड़के हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। Pokhara से Kathmandu जा रही एक यात्री बस धादिंग जिले में Trishuli River में गिर गई। हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं।

यह दुर्घटना बेनिघाट रोरांग ग्रामीण नगरपालिका-3 के चिनाधारा, चरौंडी इलाके में पृथ्वी हाईवे पर हुई। पुलिस के अनुसार, बस रात करीब 1:15 बजे अचानक सड़क से फिसलकर लगभग 300 मीटर गहरी ढलान से नीचे नदी किनारे जा गिरी। हादसे के बाद बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली।

जिला ट्रैफिक पुलिस प्रमुख शिशिर थापा के मुताबिक मृतकों में छह महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं। घायलों में आठ महिलाएं, 18 पुरुष और एक नाबालिग लड़की भी है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

हादसे के बाद नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स, नेपाल पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर राहत और बचाव अभियान चलाया। पहाड़ी इलाका और रात का अंधेरा रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बना रहा।

प्रशासन ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती आशंका तेज रफ्तार या सड़क की खराब स्थिति को लेकर जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

तारिक रहमान के सत्ता में आते ही बांग्लादेश सेना में बड़ा फेरबदल, सेना प्रमुख से छीना ‘फ्री हैंड’


 Dhaka में नई सरकार बनते ही सत्ता और सेना के बीच खींचतान खुलकर सामने आ गई है। प्रधानमंत्री Tarique Rahman ने पद संभालते ही बांग्लादेश सेना में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल कर दिया है। माना जा रहा है कि यह कदम संभावित तख्तापलट के खतरे को कम करने और सरकार पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा है।

सूत्रों के मुताबिक, सेना प्रमुख Waker-Uz-Zaman से कई अहम मामलों में मिला ‘फ्री हैंड’ वापस ले लिया गया है। अब महत्वपूर्ण नियुक्तियों और रणनीतिक फैसलों पर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी बढ़ा दी गई है।

इस मेगा ऑपरेशन के तहत कई वरिष्ठ और प्रभावशाली जनरलों को उनके पदों से हटाकर विदेशों में राजदूत के रूप में भेजा गया है। उनकी जगह खलीलुर रहमान और मैनूर रहमान जैसे अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री का करीबी और भरोसेमंद माना जाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश में सेना लंबे समय से सत्ता समीकरणों में अहम भूमिका निभाती रही है। ऐसे में यह फेरबदल केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि शक्ति संतुलन को फिर से परिभाषित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल देश की राजनीति में हलचल तेज है और विपक्ष इस कदम को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की रणनीति बता रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह बदलाव सरकार को स्थिरता देता है या नई चुनौतियों को जन्म देता है।

कौन था अकबर का हिंदू दामाद? जानें किस रणनीति के तहत हुई थी शाही शादी


 मुगल काल में सत्ता की मजबूती के लिए तलवार के साथ-साथ वैवाहिक रिश्ते भी अहम रणनीति माने जाते थे। इसी कड़ी में अक्सर यह सवाल उठता है कि मुगल बादशाह Akbar का हिंदू दामाद कौन था और किन परिस्थितियों में यह संबंध स्थापित हुआ।

इतिहासकारों के अनुसार, अकबर की बेटियों में से एक शहजादी शकरुन्निसा बेगम का विवाह राजपूत शासक Raja Amar Singh I से हुआ था। अमर सिंह प्रथम, मेवाड़ के महान योद्धा Maharana Pratap के पुत्र थे।

यह विवाह केवल पारिवारिक संबंध नहीं था, बल्कि मुगल-राजपूत संबंधों को संतुलित करने की राजनीतिक पहल का हिस्सा माना जाता है। हल्दीघाटी के युद्ध और लंबे संघर्षों के बाद मेवाड़ और मुगलों के बीच संबंधों में तनाव बना हुआ था। ऐसे में वैवाहिक गठबंधन को शांति और स्थिरता की दिशा में एक कदम माना गया।

कहा जाता है कि अकबर राजपूतों की वीरता और उनके प्रभाव से भली-भांति परिचित थे। साम्राज्य के विस्तार और सीमाओं की सुरक्षा के लिए राजपूतों के साथ बेहतर संबंध बनाना जरूरी था। इसी रणनीति के तहत कई शादियां और संधियां की गईं।

हालांकि, इतिहास के कुछ विवरणों में इस विवाह को लेकर मतभेद भी मिलते हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि मुगल काल में वैवाहिक रिश्ते राजनीतिक कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा थे।