Monday, 26 January 2026

“एक देश के राष्ट्रपति को अपहरण कर लिया गया…”: गणतंत्र दिवस पर अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला, बेरोजगारी-स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल


  नई दिल्ली

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में हालात इतने चिंताजनक हो गए हैं कि “एक देश के राष्ट्रपति को अपहरण कर लिया जाता है और सरकार खामोश रहती है।”

अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के साथ लगातार हो रहे अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ भाषणों और जश्न तक सीमित रह गई है, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है, गरीब मरीजों को समय पर दवा और इलाज नहीं मिल पा रहा।

उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि युवा कितनी भी डिग्रियां हासिल कर लें, उन्हें नौकरी नहीं मिल रही। पढ़ा-लिखा युवा हताश और निराश है, लेकिन सरकार के पास इसका कोई ठोस समाधान नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस सिर्फ परेड और औपचारिकता का दिन नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को याद करने का अवसर है। अगर जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार नहीं मिलेगा, तो लोकतंत्र सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह जाएगा।

उन्होंने सरकार से अपील की कि वह प्रचार से बाहर निकलकर जनता के असली मुद्दों पर काम करे और संविधान की मूल भावना का सम्मान करे।

सोना ₹1.65 लाख के पार, एक झटके में ₹3520 महंगा, चांदी में ₹5000 की उछाल—काशी से मेरठ तक नए रेट


 उत्तर प्रदेश के सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिख रहा है। 26 जनवरी 2026 को यूपी में सोने ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट सोना ₹3520 प्रति 10 ग्राम उछलकर ₹1,65,030 तक पहुंच गया है, जबकि मेरठ में इसका भाव ₹1,65,040 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

काशी यानी वाराणसी के सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में जोरदार तेजी देखने को मिली। यहां 24 कैरेट सोना ₹3330 की बढ़त के साथ ₹1,62,100 प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले 25 जनवरी को इसका भाव ₹1,58,770 प्रति 10 ग्राम था। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की चिंता भी बढ़ा दी है।

चांदी की बात करें तो इसमें भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। यूपी में चांदी की कीमत ₹5000 प्रति किलो बढ़कर ₹3,40,000 प्रति किलो तक पहुंच गई है। एक दिन पहले यानी 25 जनवरी को चांदी का भाव ₹3,35,000 प्रति किलो था।

सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, डॉलर की चाल और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोना-चांदी लगातार मजबूत बने हुए हैं। आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

हे भगवान! कलियुग की हदें पार—जमीन की रजिस्ट्री तक 3 दिन फ्रिज में रखा किसान का शव, फिर हुआ अंतिम संस्कार


  बिहार के सीतामढ़ी जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई, लेकिन परिजनों ने तीन दिन तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया। वजह जानकर हर कोई हैरान रह गया—पहले मुआवजे में मिलने वाली जमीन की रजिस्ट्री कराई गई, फिर शव को अंतिम विदाई दी गई।

यह मामला सुरसंड थाना क्षेत्र के मलाही गांव का है। गांव निवासी नईम अंसारी (55) 20 जनवरी को अपने खेत में गेहूं की पटवन कर रहे थे। इसी दौरान पास के खेत में मवेशियों से फसल बचाने के लिए लगाए गए नंगे बिजली के तार की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मौत के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने फैसला सुनाया कि जिस खेत में करंट लगा तार था, उसके मालिक रत्नेश सिंह मृतक के परिवार को मुआवजे के तौर पर चार कट्ठा जमीन देंगे। दोनों पक्षों में सहमति बनी, लेकिन पंचायत ने एक हैरान कर देने वाली शर्त रख दी—जब तक जमीन की रजिस्ट्री पूरी नहीं होगी, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा

इस फैसले के तहत सुरसंड से एक फ्रीजर मंगवाया गया और किसान का शव तीन दिनों तक फ्रिज में रखा गया। जैसे ही जमीन की रजिस्ट्री पूरी हुई, उसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने न सिर्फ इलाके बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब इंसानियत से पहले कागजी कार्रवाई जरूरी हो गई है

जया बच्चन की सख्त ‘राजनीति’ पर राजीव शुक्ला का खुलासा, रेखा से की तुलना—कहा, “रत्ती भर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं”


 नई दिल्ली। राजनीति और सिनेमा के रिश्ते पर अक्सर चर्चा होती रही है, लेकिन कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने इस विषय पर बेहद साफ और बेबाक राय रखी है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने संसद में फिल्मी सितारों की भूमिका पर खुलकर बात की और जया बच्चन की तुलना रेखा से करते हुए कई दिलचस्प बातें साझा कीं।

राजीव शुक्ला ने बताया कि जया बच्चन संसद में अपने अनुशासन, गंभीरता और मुखर स्वभाव के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि जया बच्चन को किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल पसंद नहीं है और वे “रत्ती भर भी बेपरवाही बर्दाश्त नहीं करतीं।” जरूरत पड़ने पर वे मंत्रियों तक को टोकने से पीछे नहीं हटतीं। संसद में उनकी उपस्थिति फिल्मी सितारों में सबसे बेहतरीन मानी जाती है और वे हर सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं।

इसके उलट, राजीव शुक्ला ने कहा कि रेखा को पूरी तरह सक्रिय राजनेता नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि रेखा संसद सत्रों में बहुत कम आती थीं और उन्होंने सांसद के रूप में मिलने वाली सुविधाएं—जैसे सरकारी बंगला या फंड—भी नहीं लीं। उनका झुकाव राजनीति से ज्यादा दूरी बनाए रखने का रहा।

इंटरव्यू के दौरान राजीव शुक्ला ने जया प्रदा की मेहनत और राजनीतिक सक्रियता की भी सराहना की। इसके अलावा उन्होंने सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर जैसे राज्यसभा सांसदों का जिक्र करते हुए कहा कि हर सेलेब्रिटी की राजनीति में भूमिका अलग-अलग होती है। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर सिनेमा और राजनीति के रिश्ते पर चर्चा तेज हो गई है।

नशे में धुत युवकों का तांडव! पुणे के मगरपट्टा चौक पर दुकानों में तोड़फोड़, राहगीरों पर हमला, CCTV में कैद वारदात


 महाराष्ट्र के पुणे शहर में शनिवार रात एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। मगरपट्टा चौक जैसे व्यस्त और आईटी हब इलाके में 7–8 युवकों की एक गैंग ने जमकर उत्पात मचाया। नशे की हालत में सड़कों पर उतरे इन युवकों ने न सिर्फ दुकानों में तोड़फोड़ की, बल्कि राहगीरों और टपरी चालकों पर भी हमला कर दहशत फैला दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक शराब के नशे में गाली-गलौज करते हुए अचानक हिंसक हो गए। कुछ आरोपियों के हाथों में हथियार भी बताए जा रहे हैं। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दुकानदार व ग्राहक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

इस पूरी घटना का वीडियो आसपास लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह युवकों का यह समूह मिलकर सार्वजनिक स्थान पर हंगामा कर रहा है और आम लोगों पर हमला कर रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जांच में जुटी है।

मगरपट्टा चौक पुणे का एक प्रमुख आईटी और रिहायशी इलाका माना जाता है। ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई इस हिंसक घटना ने न सिर्फ स्थानीय दुकानदारों बल्कि यहां काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

जापान वाली सुशी अब देहरादून में! एनिमी फिल्मों का फेमस जायका यहां मिल रहा ऑथेंटिक टेस्ट के साथ, जानें लोकेशन


 देहरादून के फूड लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब जापानी एनिमी फिल्मों और कार्टून में नजर आने वाली मशहूर डिश सुशी (Sushi) का असली स्वाद शहर में ही चखा जा सकता है। जापान जाने का सपना भले पूरा न हो, लेकिन देहरादून के डियाबलो रेस्टोरेंट में अब ऑरिजिनल जापानी स्टाइल सुशी परोसी जा रही है।

इस खास डिश को तैयार कर रहे हैं रेस्टोरेंट के शेफ भरत नेगी, जिन्होंने ओमान के एक फाइव स्टार होटल में काम करने के बाद दिल्ली में अनुभव हासिल किया और अब देहरादून में इंटरनेशनल फ्लेवर लेकर आए हैं। शेफ भरत के मुताबिक, सुशी बनाने के लिए खास किस्म के स्टार्चयुक्त चावल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे खासतौर पर जापान से मंगवाया जाता है।

सुशी की सबसे अहम पहचान है इसकी नोरी शीट—काले रंग की क्रिस्पी सीवीड शीट, जो स्वाद के साथ-साथ इसकी बनावट को भी खास बनाती है। सही तापमान, चावल की परफेक्ट बनावट और ताजे इंग्रेडिएंट्स के साथ तैयार की गई यह सुशी न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि पौष्टिक भी मानी जाती है।

देहरादून के लोगों के लिए यह किसी ट्रीट से कम नहीं है। अब जापानी कल्चर और फ्लेवर का अनुभव लेने के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि एनिमी फिल्मों वाली सुशी अब आपके अपने शहर में, वो भी ऑथेंटिक टेस्ट के साथ उपलब्ध 

भारी बर्फबारी में भी नहीं छोड़ा साथ! 4 दिन भूखा-प्यासा मालिक के शव के पास डटा रहा वफादार पिटबुल, रुला देगी ये कहानी


  हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से इंसान और जानवर की वफादारी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो हर किसी की आंखें नम कर देगी। भरमौर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध भरमाणी मंदिर के पास जंगल में लापता हुए दो युवकों के शव बरामद किए गए हैं। इस दर्दनाक हादसे में सबसे भावुक कर देने वाली बात यह रही कि एक युवक का पालतू पिटबुल डॉगी चार दिनों तक भीषण बर्फबारी, भूख और प्यास के बावजूद अपने मालिक के शव के पास डटा रहा और उसे अकेला नहीं छोड़ा।

जानकारी के मुताबिक, विकसित राणा और पीयूष मंदिर में दर्शन करने के बाद आसपास के ऊंचाई वाले इलाके में वीडियो बनाने के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक भारी बर्फबारी हो गई और दोनों युवक जंगल में फंस गए। 23 जनवरी को इलाके में पांच फीट से अधिक बर्फ गिरने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन भी मुश्किल हो गया।

चार दिन बाद जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची तो वहां का दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। एक युवक के शव के पास उसका पालतू पिटबुल कुत्ता बैठा हुआ था, जो न तो वहां से हटा और न ही किसी को शव के करीब आने से रोकने की कोशिश छोड़ी। ठंड, भूख और डर के बावजूद डॉगी ने अपने मालिक की आखिरी पहरेदारी निभाई।

स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम के सदस्यों के अनुसार, यह दृश्य देखकर सभी की आंखें भर आईं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि कुत्तों की वफादारी सिर्फ कहानियों या फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि असल जिंदगी में भी वे इंसानों से कहीं ज्यादा निष्ठावान होते हैं। हिमाचल की बर्फीली वादियों से आई यह कहानी आज पूरे देश को भावुक कर रही है।

77वें गणतंत्र दिवस पर भारत की भव्यता की साक्षी बनीं वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी रहे मौजूद


 यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन नौ दिवसीय भारत यात्रा पर हैं और आज उन्होंने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस ऐतिहासिक अवसर पर उनके साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी उपस्थित रहे। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित इस भव्य समारोह में भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।

गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होकर वॉन डेर लेयेन ने भारत की समृद्ध विरासत, अनुशासित सशस्त्र बलों और जीवंत सांस्कृतिक झांकियों की सराहना की। उन्होंने इसे अपने लिए सम्मान और प्रेरणादायक अनुभव बताया। इस अवसर ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी, लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक सहयोग को और मजबूत करने का संदेश दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, वॉन डेर लेयेन की यह यात्रा भारत–यूरोपीय संघ संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। रक्षा, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, तकनीक और वैश्विक शांति जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। गणतंत्र दिवस समारोह में उनकी मौजूदगी भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी साख को भी दर्शाती है।

Saturday, 24 January 2026

काशी के ज्ञानवापी में श्रृंगार गौरी पूजा और 9 दिवसीय राम कथा, औरंगजेब काल से जुड़ी प्राचीन परंपरा पुनः सक्रिय


  वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में औरंगजेब काल से चली आ रही प्राचीन परंपरा को पुनः सक्रिय किया गया है। परिसर की पश्चिमी दीवार पर मां श्रृंगार गौरी का भव्य पूजन किया गया, जो ऐतिहासिक रूप से कई शताब्दियों से यहां होती आ रही है।

पूजा के साथ ही नौ दिवसीय राम कथा का आयोजन भी किया गया, जिसे सीधे बाबा विश्वनाथ को सुनाया जाता है। इस कथा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक, आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा देना है। 1991 में यह परंपरा बंद हो गई थी, लेकिन योगी सरकार के कार्यकाल में इसे पिछले तीन वर्षों से भव्य रूप में पुनः शुरू किया गया है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि इस आयोजन से धार्मिक उर्जा का संचार होता है और लोग अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का अनुभव कर सकते हैं। श्रृंगार गौरी की पूजा विशेष रूप से महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।

इस परंपरा का इतिहास औरंगजेब काल से जुड़ा है। कहा जाता है कि उस समय भी यहाँ पूजा और कथा का आयोजन नियमित रूप से होता रहा था, जो धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है। वर्तमान में यह आयोजन वाराणसी के धार्मिक पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को भी मजबूती प्रदान करता है।

श्रद्धालु, अधिकारी और स्थानीय नागरिक इस प्राचीन परंपरा को जीवित रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे काशी की धार्मिक विरासत का संरक्षण होता है

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ग्रीनलैंड पर अमेरिका की चाल से वैश्विक बाजारों में बेचैनी, अधूरी डील और टैरिफ की आशंका सतर्क कर रही निवेशकों को

 अमेरिका के ग्रीनलैंड समझौते के प्रस्ताव ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। निवेशक सौदे की पूरी जानकारी का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अधूरी खबरों और संभावित टैरिफ की आशंका से शेयर बाजार में बेचैनी का माहौल बना हुआ है।

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक सौदे के बारीक पहलुओं को समझने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रीनलैंड में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी, खनिज संसाधन और संप्रभुता जैसे संवेदनशील मुद्दे डील को जटिल बना सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रस्तावित फ्रेमवर्क 1951 में अमेरिका और डेनमार्क के बीच हुए सुरक्षा करार के अपडेट जैसा हो सकता है, लेकिन अभी तक स्पष्ट रूप से नहीं पता कि नया ढांचा कैसे होगा।

अमेरिका की ग्रीनलैंड में दिलचस्पी सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है। वहां तेल, गैस और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे कीमती खनिज संसाधन हैं, जिन पर अमेरिका की नजर है। यही वजह है कि यह मुद्दा केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण बन गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अधूरी जानकारी और संभावित टैरिफ के डर से वैश्विक निवेशक सतर्क हैं। इस स्थिति में निकट भविष्य में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

 

सावधान दिल्ली! 4 फरवरी तक सूखे रहेंगे नल, यमुना की ज़हर बनी गंदगी और नहर मरम्मत ने बढ़ाया संकट


  यमुना नदी में अमोनिया का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंचने और मुनक नहर की मरम्मत के चलते दिल्ली में पानी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है। उत्तर और पश्चिम दिल्ली के लाखों लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। हालात 4 फरवरी तक सामान्य होने की उम्मीद नहीं है।

राजधानी दिल्ली इस वक्त गंभीर जल संकट के दौर से गुजर रही है। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम तक पहुंच गया है, जबकि दिल्ली के जल शोधन संयंत्र अधिकतम 1 पीपीएम तक ही गंदगी को संभाल सकते हैं। इस वजह से वजीराबाद और हैदरपुर जैसे बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे है

स्थिति तब और बिगड़ गई जब हरियाणा की ओर से मुनक नहर की मरम्मत के चलते दिल्ली ब्रांच नहर से साफ पानी की आवक पूरी तरह रोक दी गई। इसका सीधा असर उत्तर, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के इलाकों पर पड़ा है। द्वारका, नांगलोई, बवाना, रोहिणी और आजादपुर जैसे क्षेत्रों में नल सूखे पड़े हैं।

28 जनवरी को शनि-शुक्र बनाएंगे दुर्लभ योग, तीन राशियों के लिए खुलेंगे भाग्य के द्वार


 28 जनवरी को शनि और शुक्र के बीच 45 डिग्री का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे अर्धकेंद्र योग का निर्माण होगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार यह योग कुछ राशियों के लिए अचानक धन, मान-सम्मान और तरक्की का कारण बन सकता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य ने इसे “रंक से राजा बनने जैसा समय” बताया है।

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 28 जनवरी की सुबह 7 बजकर 29 मिनट पर शनि और शुक्र एक-दूसरे से 45 डिग्री की स्थिति में होंगे। इस ग्रह स्थिति से अर्धकेंद्र योग बनता है, जिसे ज्योतिष में अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।
वर्तमान में शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि शुक्र मकर राशि में सूर्य, मंगल और बुध के साथ युति में हैं। ऐसे में कर्मफल दाता शनि और सुख-संपत्ति के कारक शुक्र का यह संयोग कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस दुर्लभ योग का सबसे अधिक प्रभाव तीन राशियों पर पड़ने वाला है। इन राशियों के जातकों को करियर में उछाल, रुका हुआ धन मिलने, व्यापार में लाभ और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने के संकेत हैं। लंबे समय से संघर्ष कर रहे लोगों के लिए यह समय भाग्य पलटने वाला साबित हो सकता है।

: गंगापुत्र भीष्म ने बाणों की शैया पर 2 महीने तक क्यों टाला मृत्यु का क्षण? जानिए इच्छा मृत्यु के वरदान की पूरी कथा


 महाभारत के सबसे महान और त्यागमयी पात्रों में गिने जाने वाले गंगापुत्र भीष्म की मृत्यु से जुड़ी तिथि को भीष्म अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है। इस दिन धर्म, कर्तव्य और संयम की अद्भुत मिसाल बने भीष्म पितामह का स्मरण किया जाता है।

कुरुक्षेत्र युद्ध के दसवें दिन अर्जुन ने शिखंडी को आगे रखकर भीष्म पर बाणों की वर्षा की। भीष्म का शरीर बाणों से छलनी हो गया, लेकिन वे तत्काल मृत्यु को प्राप्त नहीं हुए। इसका कारण था—इच्छा मृत्यु का वरदान

भीष्म को यह वरदान उनके पिता राजा शांतनु से मिला था। गंगा से विवाह की शर्तों के कारण भीष्म ने आजीवन ब्रह्मचर्य और सिंहासन त्याग का कठोर व्रत लिया था। अपने पुत्र के इस महान त्याग से प्रसन्न होकर राजा शांतनु ने उन्हें वरदान दिया कि वे अपनी मृत्यु का समय स्वयं चुन सकेंगे

महाभारत के अनुसार, भीष्म ने युद्धभूमि में ही प्राण त्यागने से इनकार कर दिया और उत्तरायण काल का इंतजार किया। हिंदू धर्म में उत्तरायण को मोक्षदायी काल माना जाता है। उस समय सूर्य दक्षिणायन में था, इसलिए भीष्म लगभग 58 दिनों तक बाणों की