Friday, 6 February 2026

“अहमदाबाद स्कूल में बाथरूम में छात्र को पीटा, पहले भी हो चुकी है हत्या – शिक्षा मंत्री ने मांगी रिपोर्ट”


 


 अहमदाबाद: खोखरा इलाके के ‘सेवेंथ डे स्कूल’ में एक बार फिर हिंसक घटना सामने आई है। कक्षा 7 के चार छात्रों के बीच बाथरूम में झड़प हुई, जिसमें तीन छात्रों ने मिलकर एक छात्र को बुरी तरह पीटा। बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्र ने अन्य छात्रों को अनुशासन में रहने और ‘लाइन में आने’ के लिए कहा था। इसी बात की रंजिश में अन्य छात्रों ने उसे बाथरूम में बुलाकर मारपीट की।

पीड़ित छात्र के अभिभावकों ने तुरंत खोखरा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी छात्रों के बयान लिए जा रहे हैं। इस घटना को छुपाने या अधिकारियों को समय पर सूचित न करने पर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्कूल के प्रिंसिपल और एडमिशन हेड को नोटिस जारी किया है और उनसे घटना के कारण स्पष्ट करने के लिए कहा है। गुजरात के शिक्षा मंत्री प्रद्युम्न वाजा ने भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और स्कूल की लापरवाही पर विशेष जांच के आदेश दिए हैं।

यह स्कूल पहले भी विवादों में रहा है। कुछ महीने पहले, 19 अगस्त, 2025 को, इसी स्कूल में एक छात्र की हत्या का मामला सामने आया था। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं स्कूल में अनुशासन और सुरक्षा की कमी को उजागर करती हैं।

अभिभावकों और प्रशासन दोनों से आग्रह किया जा रहा है कि वे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखें।

हिमालय की झीलों में भरा करोड़ों टन पानी बन सकता है काल.


  नई दिल्ली: हिमालय की बर्फीली चोटियों से अब एक नई प्राकृतिक तबाही की चेतावनी सामने आई है। IIT रुड़की के शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक अध्ययन प्रकाशित किया है, जिसमें कहा गया है कि हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियल झीलों का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। अध्ययन के मुताबिक, 2016 से 2024 के बीच इन झीलों का कुल क्षेत्रफल 5.5 प्रतिशत बढ़ चुका है।

शोध में यह भी बताया गया है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में करीब 31,000 अस्थिर झीलें हैं, जो 93 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष खतरा बन गई हैं। अकेले भारत में लगभग 30 लाख लोग इन झीलों के आसपास रहते हैं। वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट डेटा के माध्यम से चेताया है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से इन झीलों का पानी अचानक बह सकता है, जिससे ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) जैसी तबाही हो सकती है।

इस घटना के असर के दौरान हजारों गांव पानी में डूब सकते हैं, जैसे कि 2013 में केदारनाथ आपदा हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लेशियल झीलों पर लगातार निगरानी और समय पर चेतावनी प्रणाली लागू करना बेहद जरूरी है।

IIT रुड़की के शोधकर्ताओं का मानना है कि यदि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग पर काबू नहीं पाया गया, तो भविष्य में हिमालयी क्षेत्र में और भी बड़े पैमाने की आपदाएँ हो सकती हैं। नागरिकों और प्रशासन को सतर्क रहने और तैयारी करने की आवश्यकता है।

Thursday, 5 February 2026

ED जांच के बाद दिल्ली पुलिस का एक्शन, अल-फलाह यूनिवर्सिटी चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार


  दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई UGC की शिकायत पर दर्ज दो अलग-अलग FIR के आधार पर की, जिनमें फर्जीवाड़ा और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में यूनिवर्सिटी से जुड़े दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कई अनियमितताएं सामने आई थीं। आरोप है कि संस्थान में दाखिले, मान्यता और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में कथित रूप से गलत जानकारी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। ED ने वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोतों की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध पहलुओं की ओर इशारा किया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज की।

क्राइम ब्रांच की टीम ने पूछताछ के बाद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे और गिरफ्तारी हो सकती है।

इस कार्रवाई के बाद शैक्षणिक संस्थानों की पारदर्शिता और नियमन को लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हैं, जबकि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यूपी पंचायत चुनाव तय समय पर होंगे, ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान


  आजमगढ़ से उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए साफ कहा है कि राज्य में पंचायत चुनाव अपने तय समय पर ही कराए जाएंगे। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे उन आरोपों और आशंकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं के कारण चुनाव टलने की संभावना जताई जा रही थी।

राजभर ने कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है और अभी तक ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है, जिससे चुनाव स्थगित करने की जरूरत पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि मतदाता सूची को लेकर आवश्यक अपडेट और संशोधन की प्रक्रिया चल रही है, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न हो सकें।

विपक्ष लगातार सरकार पर चुनाव टालने के आरोप लगा रहा था, लेकिन मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। उन्होंने विपक्ष से अफवाहें फैलाने से बचने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील भी की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत चुनाव प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं और ग्रामीण स्तर पर सरकार की लोकप्रियता का बड़ा पैमाना होते हैं। ऐसे में चुनाव तय समय पर होने से राजनीतिक दलों की तैयारियां और तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजरें चुनाव आयोग की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।

गाजियाबाद: ‘कोरिया जाने की जिद’ और पहचान को लेकर नाराज़गी… 3 बहनों की आत्महत्या से परिवार सदमे में


  द: तीन बहनों की आत्महत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिवार गहरे सदमे में है और पिता ने भावुक होकर बताया कि बेटियों के दिमाग में लंबे समय से कोरिया जाने की जिद बनी हुई थी। उनका कहना है कि बेटियां अक्सर अपनी पहचान को लेकर भी नाराज़ रहती थीं और ‘इंडियन’ कहलाने पर गुस्सा जताती थीं।

पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में पारिवारिक और मानसिक दबाव जैसी संभावनाओं को भी देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल डिवाइस और बातचीत के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

परिजनों और पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में अफवाहों से बचें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरों और युवाओं में बढ़ते मानसिक दबाव को समझना और समय रहते काउंसलिंग उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो विश्वसनीय लोगों से बात करें और पेशेवर मदद लें—समय पर सहायता कई जिंदगियां बचा सकती है।

आखिर क्यों मारे जा रहे हजारों पेंगुइन? वैज्ञानिकों ने बताई चौंकाने वाली वजह


  अर्जेंटीना: पैटागोनिया तट से सामने आई रिपोर्ट ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। यहां हजारों पेंगुइन की मौत ने पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआत में यह मामला केवल किसी शिकारी हमले जैसा लगा, लेकिन गहन शोध में तस्वीर कहीं ज्यादा जटिल सामने आई।

वैज्ञानिकों के अनुसार, अर्जेंटीना के मोंटे लियोन नेशनल पार्क में चार साल की स्टडी के दौरान पता चला कि प्यूमा नाम का शिकारी जानवर बड़ी संख्या में पेंगुइन का शिकार कर रहा है। 2007 से 2010 के बीच करीब 7,000 से ज्यादा वयस्क पेंगुइन मारे गए, जो पूरी कॉलोनी की लगभग 7.6 प्रतिशत आबादी के बराबर है। कई पेंगुइन के शव अधखाए या बिना खाए मिले, जिसे विशेषज्ञ ‘सरप्लस किलिंग’ मान रहे हैं।

हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि असली खतरा सिर्फ शिकार नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, कमजोर प्रजनन दर और छोटे पेंगुइन की कम जीवित रहने की दर भी है। बदलते मौसम और पारिस्थितिकी तंत्र ने इन मासूम पक्षियों की आबादी को गंभीर संकट में डाल दिया है।

विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह समस्या केवल पेंगुइन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पर्यावरण संतुलन के लिए खतरे का संकेत है।

आज का मौसम: कई राज्यों में 6 फरवरी तक घना कोहरा, अलर्ट जारी


 


 नई दिल्ली: मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और पश्चिम मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह और रात के समय घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति 6 फरवरी तक बनी रह सकती है।

कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। खासकर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। मौसम विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को धीमी गति से गाड़ी चलाने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी है।

ठंड के साथ कोहरे की वजह से आम लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और देर रात यात्रा करने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे।

यूपी में चाइनीज मांझे पर सख्ती: अब मौत हुई तो हत्या का केस, जिलेवार छापेमारी के आदेश


 लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से हो रहे हादसों और मौतों पर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगर चाइनीज मांझे से किसी की मौत होती है, तो इसे सिर्फ हादसा नहीं बल्कि हत्या के रूप में दर्ज किया जाएगा।

सीएम ने अधिकारियों से सवाल किया कि राज्य में बैन के बावजूद बाजारों में चाइनीज मांझा कैसे बिक रहा है। उन्होंने इस पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। साथ ही सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को जिलेवार छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अवैध बिक्री और सप्लाई चैन को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

पिछले कुछ समय में चाइनीज मांझे से बाइक सवारों, बच्चों और राहगीरों के घायल होने और मौत के कई मामले सामने आए हैं। यह मांझा धातु और रासायनिक पदार्थों से बना होता है, जो बेहद खतरनाक साबित होता है।

सरकार का कहना है कि आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न करें और कहीं भी इसकी बिक्री दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

अंगूर खरीदते वक्त रखें इन बातों का ख्याल, नहीं निकलेगा एक भी खट्टा, जानिए ट्रिक्स


 नई दिल्ली: अंगूर हर मौसम में पसंद किए जाने वाले फलों में शामिल हैं, लेकिन अक्सर खरीदारों को यह चिंता रहती है कि अंगूर मीठा होगा या खट्टा। विशेषज्ञों के अनुसार, अंगूर की मिठास केवल उसके आकार पर नहीं, बल्कि किस्म, रंग और पकने की अवस्था पर निर्भर करती है।

विशेष रूप से, गोल अंगूर जैसे रेड ग्लोब, ब्लैक किंग और फ्लेम सीडलेस अक्सर लंबे अंगूरों की तुलना में ज्यादा मीठे पाए जाते हैं। काले और लाल अंगूरों में प्राकृतिक मिठास अधिक होती है। अंगूर खरीदते समय यह भी ध्यान दें कि फल ताजा और चमकदार दिख रहा हो और उसका डंठल हरा और ताज़गी भरा हो।

कुछ अन्य टिप्स में शामिल हैं:

  • पकावट देखें: हल्का नरम लेकिन बहुत ज्यादा नहीं।

  • रंग का संतुलन: हर अंगूर पर समान रंग होना चाहिए।

  • बोटम से खुशबू: हल्की मीठी खुशबू यह संकेत देती है कि अंगूर स्वाद में अच्छा होगा।

बिहार में अश्लील गानों पर कार्रवाई, सम्राट चौधरी ने FIR जारी करने का निर्देश दिया


  बिहार में अश्लील और आपत्तिजनक गानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू होने जा रही है। राज्य के उच्च अधिकारी सम्राट चौधरी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चोली-भौजी और अन्य अश्लील गानों पर FIR दर्ज कर विशेष अभियान चलाया जाए।

सम्राट चौधरी ने कहा है कि यह कदम सामाजिक और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए जरूरी है। उनका मानना है कि अश्लील गाने युवाओं और बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं और समाज में अपशिष्ट संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।

बिहार पुलिस को दिए गए आदेश के तहत, प्रत्येक जिले में सख्त निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अधिकारी अब पब्लिक कार्यक्रम, शादी, और अन्य आयोजनों में बजाए जाने वाले गानों पर नजर रखेंगे और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर FIR दर्ज की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम राज्य में सांस्कृतिक और नैतिक चेतना को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि नए आदेश का जमीन पर कितना असर होगा और क्या यह वास्तविक बदलाव ला पाएगा।

समाज और प्रशासन दोनों ही इस पर नजर रख रहे हैं, और पुलिस की सख्त कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अश्लील सामग्री सार्वजनिक रूप से ना फैले।

ED के बाद दिल्ली पुलिस का एक्शन, अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार


 


 नई दिल्ली: की जांच के बाद दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी UGC की शिकायत पर दर्ज दो FIR में फर्जीवाड़े के आरोपों के सिलसिले में की गई।

सूत्रों के मुताबिक, ED की जांच में विश्वविद्यालय में आर्थिक अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के पर्याप्त सबूत मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने क्राइम ब्रांच के जरिए सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की जांच जारी है और संबंधित दस्तावेज़ों की पड़ताल की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में आर्थिक अनियमितताएँ और फर्जीवाड़ा गंभीर अपराध माना जाता है। UGC और ED की संयुक्त जांच से यह सुनिश्चित किया जाता है कि विश्वविद्यालयों में नियमों का पालन हो और छात्रों के हित सुरक्षित रहें।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन की गिरफ्तारी शिक्षा क्षेत्र में सख्ती और पारदर्शिता का संदेश देती है। आगे पुलिस और ED के सहयोग से सभी संबंधित आरोपों और फर्जी दस्तावेज़ों की जांच पूरी की जाएगी।

ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली से 15 दिन में 800 बच्‍चे गायब, जमीन खा गई या निगल गया आसमान? वसीम-ऋतिक के घरों में मातम


 


 दिल्ली: महज 15 दिनों में 800 से ज्यादा बच्चे गायब होने की खबर ने राजधानी में सनसनी फैला दी है। बुराड़ी के दो परिवारों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 19 वर्षीय वसीम रजा और 16 वर्षीय ऋतिक झा अभी भी लापता हैं।

परिवारों का आरोप है कि पुलिस की सुस्ती और सीसीटीवी फुटेज जुटाने में देरी के कारण अहम सुराग लगातार मिट रहे हैं। वसीम चैन से सोया था, लेकिन अगली सुबह वह बिस्तर से गायब था। वहीं, ऋतिक, जो JEE की तैयारी कर रहा था, कुछ समय बाद लापता पाया गया।

दिल्ली की सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस के नाक के नीचे इतने बच्चों का अचानक गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। माता-पिता की आँखें दरवाजों पर पथरा गई हैं, जबकि पुलिस फाइलें और लेटर लिखने में हफ्ते गुजार देती है। मेट्रो फुटेज और अन्य सुराग भी कई बार हमेशा के लिए गायब हो जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि उन माँ-बाप के दर्द और डर का सच है, जो हर रोज़ अपने बच्चों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। राजधानी अब बच्चों के लिए डरावना भूलभुलैया बनती जा रही है।

पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन आम जनता और परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है।

रहते हैं गाजियाबाद में और दिल्ली के एड्रेस पर बना है पासपोर्ट, तो अब जाएंगे जेल! शुरू होने जा रहा बड़ा अभियान


 गाजियाबाद: अगर आप गाजियाबाद में रहते हैं और दिल्ली के पते पर पासपोर्ट बनवाते हैं, तो सावधान हो जाइए। हाल ही में गाजियाबाद में एक बड़े पासपोर्ट फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसमें एक ही पते और मोबाइल नंबर से 22 पासपोर्ट बनवा लिए गए। इस खेल में पोस्ट ऑफिस का पोस्टमैन भी शामिल था।

पासपोर्ट एक्ट 1967 के तहत गलत जानकारी देना अपराध है और इसके लिए भारी जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना के बाद नई सख्त गाइडलाइन लागू की है: अब पासपोर्ट केवल उस एड्रेस पर बनाया जाएगा, जहां आवेदक का कम से कम एक स्थायी पता हो।

बीते कुछ सालों से Apply Anywhere in India योजना के तहत देश के किसी भी कोने से पासपोर्ट बनवाना संभव था। लेकिन नई गाइडलाइन में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पुराने या फर्जी पते का इस्तेमाल अब नहीं किया जा सकता। अगर आप गाजियाबाद में रहते हैं और पहले दिल्ली में नौकरी या पढ़ाई के लिए रह चुके हैं, तो अब दिल्ली के पते पर पासपोर्ट बनवाना गैरकानूनी होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी जानकारी देने से न केवल आपका पासपोर्ट रद्द हो सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए सभी आवेदकों को अब अपने स्थायी पते का ही प्रमाण देना अनिवार्य होगा।