Tuesday, 24 February 2026

कालिंजर का अजेय किला और शेरशाह सूरी का अंत: तोप के धमाके के साथ थम गईं सांसें


 उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में विंध्य पर्वतमाला की ऊंची पहाड़ी पर स्थित Kalinjar Fort भारतीय इतिहास का एक अद्भुत और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दुर्ग रहा है। समुद्र तल से करीब 1200 फीट की ऊंचाई पर बना यह किला सदियों तक अजेय माना जाता रहा।

इसी किले की प्राचीरों के सामने 16वीं सदी के महान शासक Sher Shah Suri की आखिरी सांसें थमी थीं। शेरशाह सूरी ने अपने शासनकाल में प्रशासनिक सुधार, सड़क निर्माण (ग्रैंड ट्रंक रोड) और मजबूत सैन्य नीति के कारण उत्तर भारत में अपनी विशेष पहचान बनाई थी।

साल 1545 में कालिंजर किले को जीतने के अभियान के दौरान उन्होंने किले पर तोपों से हमला करने का आदेश दिया। किंवदंतियों और इतिहासकारों के अनुसार, एक तोप के गोला-बारूद में अचानक विस्फोट हो गया। इस धमाके में शेरशाह गंभीर रूप से घायल हो गए। कहा जाता है कि मौत की आहट से अनजान सम्राट ने आखिरी समय तक युद्ध जारी रखने का आदेश दिया, लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी मृत्यु हो गई।

शेरशाह सूरी का अंत जितना अचानक था, उतना ही ऐतिहासिक भी। उनके निधन के साथ ही सूरी शासन की शक्ति कमजोर पड़ने लगी। कालिंजर का किला आज भी उस निर्णायक क्षण का साक्षी बना खड़ा है, जहां इतिहास ने करवट ली और एक महान शासक का अध्याय समाप्त हो गया।

लखनऊ मर्डर केस: पिता की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाला बेटा ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे


 उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के आशियाना इलाके से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय अक्षत ने नीट की तैयारी को लेकर दबाव बनाए जाने से नाराज़ होकर अपने पिता मानवेंद्र सिंह की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश में आरी से शव के टुकड़े कर दिए। धड़ को एक नीले ड्रम में छिपा दिया गया, जबकि हाथ-पैर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए। इतना ही नहीं, उसने अपनी बहन को चार दिनों तक डरा-धमकाकर घर में ही कैद रखा ताकि राज़ बाहर न जाए।

पुलिस को शुरुआती जांच में तब शक हुआ जब आरोपी ने खुद पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पूछताछ के दौरान उसके बयान बार-बार बदल रहे थे। साथ ही, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में भी कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं।

जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी टूट गया और पूरी वारदात कबूल कर ली। इसके बाद घर से शव के अवशेष बरामद किए गए। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लाइव शो में भोजपुरी सिंगर निशा उपाध्याय से बदतमीजी, एंकर के सवाल पर भड़कीं सिंगर


 भोजपुरी इंडस्ट्री की चर्चित सिंगर Nisha Upadhyay का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक लाइव शो के दौरान एंकर द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर वह नाराज़ होती नजर आ रही हैं।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान एंकर ने उनसे कथित तौर पर “रेट क्या है?” जैसा सवाल पूछ लिया, जिसे लेकर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। इस टिप्पणी को सिंगर ने अपमानजनक बताते हुए मंच पर ही कड़ी आपत्ति जताई। वीडियो में देखा जा सकता है कि निशा उपाध्याय ने एंकर को फटकार लगाते हुए कलाकारों के सम्मान की बात कही।

घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने सिंगर के समर्थन में आवाज उठाई है और कार्यक्रम आयोजकों से कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कुछ लोग इस तरह के सवालों को मनोरंजन के नाम पर की जाने वाली बदसलूकी बता रहे हैं।

यह मामला एक बार फिर कलाकारों, खासकर महिला कलाकारों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल इस घटना पर आयोजकों या संबंधित एंकर की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

रांची एयर एम्बुलेंस क्रैश: 7 लोगों की मौत, बिहार के डॉ. विकास गुप्ता भी हादसे में शिकार


 झारखंड की राजधानी रांची से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। Birsa Munda Airport से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक चार्टर एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कथीयातु जंगल में क्रैश हो गई। इस भीषण हादसे में पायलट और क्रू मेंबर समेत सभी 7 लोगों की मौत हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विमान ने शाम करीब सात बजे उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद उसका संपर्क टूट गया। बाद में मलबा जंगल क्षेत्र में मिला। दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है।

हादसे में जान गंवाने वालों में डॉ. विकास गुप्ता भी शामिल थे, जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। वे रांची के कचहरी क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते थे। उनकी पत्नी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थानीय शाखा में कार्यरत हैं। डॉ. गुप्ता क्रिटिकल केयर एनेस्थेसिया विशेषज्ञ थे और चिकित्सा क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान थी।

इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

चावल में नहीं लगेंगे कीड़े, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय, महीनों तक रहेगा फ्रेश


 रसोई में चावल को लंबे समय तक सुरक्षित रखना अक्सर चुनौती बन जाता है। खासकर गर्मी और नमी के मौसम में चावल में कीड़े (वीविल्स) लगने की समस्या आम है। यदि चावल अधिक मात्रा में स्टोर किया गया हो तो यह परेशानी और बढ़ जाती है। लेकिन कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप अपने चावल को महीनों तक ताज़ा और बग-फ्री रख सकते हैं।

सबसे आसान तरीका है चावल के डिब्बे में 4-5 तेजपत्ते डाल देना। तेजपत्ते की तेज सुगंध कीड़े दूर रखती है। इसके अलावा 8-10 साबुत लौंग या कुछ सूखी नीम की पत्तियां भी चावल में रखी जा सकती हैं। नीम प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और कीट-रोधी गुणों से भरपूर होती है।

एक और कारगर उपाय है सूखी लाल मिर्च को कपड़े में बांधकर चावल के कंटेनर में रखना। इसकी गंध भी कीड़ों को पनपने से रोकती है। ध्यान रखें कि चावल को हमेशा एयरटाइट कंटेनर में और सूखी जगह पर स्टोर करें। यदि संभव हो तो चावल को स्टोर करने से पहले 1-2 घंटे धूप में हल्का सुखा लें, इससे नमी खत्म हो जाती है।

इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर आप अपने चावल को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं और बार-बार खराब होने की चिंता से बच सकते हैं।

तमिलनाडु चुनाव 2026: AIADMK का बड़ा दांव, हर परिवार को 10 हजार देने का वादा


 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा की सहयोगी पार्टी All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) ने तीसरे चरण की चुनावी घोषणाएं जारी करते हुए मतदाताओं को बड़ी राहत देने का वादा किया है।

पार्टी के महासचिव Edappadi K. Palaniswami ने घोषणा की कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य के हर परिवार को 10,000 रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही थाई पोंगल पर्व पर पारंपरिक गिफ्ट हैम्पर के साथ हर परिवार को 1,000 रुपये अतिरिक्त नकद देने का भी वादा किया गया है।

AIADMK ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, रोजगार सहायता योजनाएं और अन्य सामाजिक कल्याण कार्यक्रम लागू करने की बात भी कही है। पलानीस्वामी ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई से आम लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है, इसलिए उनकी पार्टी प्रत्यक्ष नकद सहायता के जरिए राहत पहुंचाना चाहती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की घोषणाएं मतदाताओं को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा हैं। अब देखना होगा कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा करती है और चुनावी नतीजों पर इसका क्या असर पड़ता है।

Monday, 23 February 2026

घर का माहौल भारी और बेचैन? अपनाएं ये 5 आसान फेंगशुई उपाय और बदलें ऊर्जा आज ही


  कभी-कभी घर में सब कुछ सही होने के बावजूद मन भारी या बेचैन महसूस होता है। तनाव, छोटी-छोटी झुंझलाहट या काम में बाधा जैसी समस्याएं बिना किसी स्पष्ट कारण उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घर की व्यवस्था, जमा पुरानी चीजें और रोजमर्रा की आदतें मानसिक ऊर्जा पर गहरा असर डालती हैं। यही वजह है कि पारंपरिक फेंगशुई उपाय आज भी चर्चा में हैं।

भोपाल निवासी ज्योतिषी और वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बताते हैं कि घर में अव्यवस्था, टूटे सामान या पुराने सामान के जमा होने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं होता, बल्कि रहने वालों की दिनचर्या, भावनाओं और आदतों से जुड़ा होता है।

घर का माहौल सकारात्मक बनाने के लिए ये 5 फेंगशुई टिप्स अपनाए जा सकते हैं:

  1. – अलमारियों और स्टोर रूम में वर्षों से पड़े टूटे या बेकार सामान को नियमित साफ करें।

  2.  – साफ-सफाई, वेंटिलेशन और समय-समय पर नमक रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

  3.  टूटा शीशा मानसिक असहजता बढ़ाता है; साफ और सही प्रतिबिंब सकारात्मक ऊर्जा देता है।

  4.  तकिए या बिस्तर के नीचे सामान न रखें, ताकि नींद और मानसिक शांति बनी रहे।

  5.  – लगातार टपकता पानी मानसिक बेचैनी और संसाधनों की बर्बादी का संकेत है।

फेंगशुई के ये उपाय असल में जीवनशैली से जुड़े हैं। साफ-सुथरा, व्यवस्थित और संतुलित घर रहने वालों के मन को हल्का और सकारात्मक बनाता है।

गोरखपुर में साउथ इंडियन जादू: सूर्य दिनेश रेड्डी के हाथों से बने डोसा और चटनी का असली स्वाद


  गोरखपुर के नौका विहार इलाके में इन दिनों साउथ इंडियन स्वाद का जादू देखने को मिल रहा है। सूर्य दिनेश रेड्डी, जो मूल रूप से साउथ इंडिया से हैं, अपने परिवार की पारंपरिक रेसिपी से बनाए गए डोसा, इडली और चटनी से स्थानीय लोगों का दिल जीत रहे हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ डोसा बेचना नहीं, बल्कि गोरखपुरवासियों को असली और ऑथेंटिक साउथ इंडियन टेस्ट का अनुभव कराना है।

सूर्य के स्टॉल पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। उनका कहना है कि उनकी रेसिपी किसी होटल या यूट्यूब से कॉपी नहीं की गई, बल्कि यह पीढ़ियों से परिवार में चल रही पारंपरिक रसोई की विधि है। खास बात यह है कि उनके डोसे का स्वाद मसालों के सही मिश्रण और प्याज के पेस्ट के सीक्रेट टच से और भी अद्वितीय बन जाता है।

सूर्य की बनाई चटनी भी ग्राहकों में बहुत लोकप्रिय है। इसे एक बार चखने के बाद ही लोग इसका ऑथेंटिक स्वाद पहचान लेते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि नौका विहार में अब उनका स्टॉल साउथ इंडियन व्यंजन का नया केंद्र बन गया है, जहां हर कोई सुबह-सुबह पहुंचकर डोसा और चटनी का आनंद लेता है।

सूर्य दिनेश रेड्डी का यह प्रयास सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साउथ इंडिया की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक खाने की कला को उत्तर भारत में ले जाने का भी प्रयास है।

पाक-अफगान तनाव चरम पर: एयरस्ट्राइक के बाद काबुल ने इस्लामाबाद को दिया सख्त अल्टीमेटम


  Pakistan और Afghanistan के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अफगान सीमा के भीतर नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में कथित पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद काबुल ने कड़ा रुख अपनाया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमलों में कई आम नागरिकों की मौत हुई, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।

अफगान विदेश मंत्रालय ने काबुल में तैनात पाकिस्तानी राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। एक सख्त ‘प्रोटेस्ट लेटर’ सौंपते हुए हमलों पर तत्काल स्पष्टीकरण और भविष्य में ऐसी कार्रवाई न दोहराने की चेतावनी दी गई। अफगान पक्ष ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

सीमा पार आतंकवाद और उग्रवादी गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से ही अविश्वास का माहौल रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम ने संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से आधिकारिक सैन्य टकराव की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर बयानबाजी तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में किसी भी तरह की चूक क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संयम बरतने की अपील कर रहा है।

टाइप 095: 30 बार धरती का चक्कर लगाने की क्षमता, चीन की नई परमाणु पनडुब्बी से बढ़ी समुद्री ताकत


 चीन ने अपनी नई परमाणु शक्ति संपन्न पनडुब्बी Type 095 submarine को लॉन्च कर रक्षा जगत में हलचल पैदा कर दी है। यह तीसरी पीढ़ी की न्यूक्लियर अटैक सबमरीन मानी जा रही है, जिसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे हूलूदाओ स्थित बोहाई शिपयार्ड में तैयार किया गया है।

इस पनडुब्बी की सबसे बड़ी खासियत इसकी परमाणु ऊर्जा क्षमता है। दावा किया जा रहा है कि एक बार ईंधन भरने पर यह लंबी अवधि तक समुद्र में रह सकती है और सैद्धांतिक रूप से पृथ्वी के कई चक्कर लगाने जितनी दूरी तय करने में सक्षम है। इसमें पंप-जेट प्रोपल्शन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे इसकी आवाज बेहद कम रहती है और दुश्मन के लिए इसका पता लगाना कठिन हो जाता है।

सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, टाइप 095 को उन्नत मिसाइल सिस्टम और आधुनिक सोनार तकनीक से लैस किया गया है। इससे चीन की समुद्री मारक क्षमता और रणनीतिक पहुंच में इजाफा हो सकता है।

हालांकि, आधिकारिक तकनीकी विवरण सीमित हैं और कई दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं। इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि नई पनडुब्बी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन पर प्रभाव डाल सकती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी क्षमताएं वैश्विक समुद्री प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती हैं, जहां पहले से ही अमेरिका और रूस जैसी बड़ी ताकतें सक्रिय हैं।

क्यों मैक्सिको में ड्रग कार्टेल खत्म नहीं होते? एक डॉन गिरता है, चार नए उभर आते हैं


  मैक्सिको में अक्सर बड़े ड्रग सरगनाओं के मारे जाने या गिरफ्तार होने की खबरें आती हैं, लेकिन इसके बावजूद ड्रग कार्टेल कमजोर नहीं पड़ते। हाल ही में कुख्यात सरगना Nemesio Oseguera Cervantes उर्फ “एल मेनचो” की मौत के बाद भी हालात यही संकेत देते हैं। वह Jalisco New Generation Cartel (CJNG) का प्रमुख था, जिसे देश के सबसे शक्तिशाली और हिंसक कार्टेल में गिना जाता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि मैक्सिको में कार्टेल के फलने-फूलने के पीछे कई गहरे कारण हैं। पहला, अमेरिका में ड्रग्स की भारी मांग। जब तक मांग बनी रहती है, तस्करी का नेटवर्क भी जिंदा रहता है। दूसरा, मैक्सिको की भौगोलिक स्थिति—यह दक्षिण अमेरिका के ड्रग उत्पादन केंद्रों और अमेरिका के बड़े बाजार के बीच अहम ट्रांजिट रूट है।

तीसरा बड़ा कारण है गरीबी और बेरोजगारी। कई इलाकों में कार्टेल स्थानीय लोगों को रोजगार, सुरक्षा और आर्थिक मदद देते हैं, जिससे उन्हें गरीब तबके की सहानुभूति मिलती है। कुछ जगहों पर वे सड़कें बनवाने या जरूरतमंदों की मदद जैसे काम कर “रॉबिनहुड” छवि भी गढ़ लेते हैं।

चौथा, राजनीतिक भ्रष्टाचार और कमजोर कानून व्यवस्था। जब एक डॉन मारा जाता है, तो संगठन का ढांचा पूरी तरह खत्म नहीं होता। उसकी जगह तुरंत नए गुट और नेता उभर आते हैं, जो सत्ता और इलाके के लिए संघर्ष शुरू कर देते हैं।

यही वजह है कि मैक्सिको में ड्रग कार्टेल की समस्या दशकों से बनी हुई है और हर कार्रवाई के बाद नए चेहरे सामने आ जाते हैं।

मामूली खरोंच बनी जानलेवा: पालतू कुत्ते के चाटने से हुआ सेप्सिस, भारतीय मूल की मंजीत ने गंवाए हाथ-पांव


 ब्रिटेन में भारतीय मूल की 56 वर्षीय मंजीत संघा की कहानी चेतावनी देती है कि छोटी लापरवाही भी कितना बड़ा खतरा बन सकती है। एक मामूली खरोंच पर उनके पालतू कुत्ते के चाटने से शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया और उन्हें सेप्सिस हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए दोनों हाथ और दोनों पैर काटने पड़े।

रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में यह एक साधारण खरोंच थी। लेकिन कुछ ही घंटों में मंजीत को तेज ठंड लगना, होंठ नीले पड़ना और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण महसूस होने लगे। अस्पताल पहुंचने तक संक्रमण पूरे शरीर में फैल चुका था। इलाज के दौरान उनका दिल छह बार धड़कना बंद हुआ, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने उन्हें हर बार वापस जीवन दिया।

सेप्सिस एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जो संक्रमण के शरीर में तेजी से फैलने पर होती है। समय पर पहचान और इलाज न मिले तो यह अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले घावों को साफ रखना, संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।

मंजीत अब लोगों को जागरूक कर रही हैं कि पालतू जानवरों के संपर्क के बाद घावों की अनदेखी न करें। उनकी कहानी इस अदृश्य लेकिन खतरनाक खतरे के प्रति सतर्क रहने का संदेश देती है।

गिरफ्तारी हुई तो भी करूंगा सहयोग: वाराणसी विवाद पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान


  वाराणसी में जारी विवाद के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी गिरफ्तारी भी होती है तो वे किसी प्रकार का विरोध नहीं करेंगे और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद और असत्य बताया।

स्वामी ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि संबंधित स्थल के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उनका कहना है कि सच्चाई से उन्हें डर नहीं है और जांच से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन कथित छात्रों का नाम इस प्रकरण में लिया जा रहा है, उनका उनके गुरुकुल से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर भ्रम और गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और कानून का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सत्य सामने आएगा और सभी आरोप निराधार साबित होंगे।