Tuesday, 13 January 2026

मध्य प्रदेश पुलिस विवाद: मऊगंज के 1,000 FIR में सिर्फ 6 गवाह, गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड ने खोला भेद”


 मऊगंज, मध्य प्रदेश: मऊगंज जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डिजिटल क्राइम रिकॉर्ड्स और गृह मंत्रालय की परियोजना CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) की जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2000 से अब तक दर्ज लगभग 1,000 FIR में केवल छह लोगों को ही बार-बार गवाह के रूप में शामिल किया गया।

अधिकारियों और दस्तावेजों के अनुसार, यही छह गवाह एक ही समय में कई मील दूर अलग-अलग गांवों में मौजूद बताये गए, जिससे उनकी वास्तविक उपस्थिति और पुलिस कार्रवाई की वैधता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

RTI कार्यकर्ता कुंज बिहारी तिवारी ने 2022 में इस मामले की पहली शिकायत दर्ज कराई थी। दिसंबर 2025 में विस्तृत सबूतों के साथ दूसरी शिकायत में आरोप लगाया गया कि नईगढ़ी और लौर थानों के पूर्व SHO जगदीश सिंह ठाकुर ने अपने पद का दुरुपयोग कर चुनिंदा लोगों को बार-बार गवाह बनाकर FIR दर्ज कराए।

विशेष रूप से यह मामला अब भ्रष्टाचार और पुलिस कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है। मऊगंज पुलिस और SHO जगदीश सिंह ठाकुर की भूमिका पर जांच जारी है।

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