सुपौल, बिहार: बिहार में लगभग 2 लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) से वंचित हो सकते हैं। इसका कारण उनके पास अपनी जमीन का जमाबंदी प्रमाणपत्र नहीं होना बताया जा रहा है।
सुपौल जिले में कई किसान पुश्तैनी जमीन पर खेती करते हैं, लेकिन उनके पास सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का आधिकारिक दस्तावेज नहीं है। इसी वजह से उन्हें PM Kisan योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता नहीं मिल पा रही है।
किसानों का कहना है कि वे वर्षों से खेती कर रहे हैं और इसके लिए मेहनत और लागत वहन कर रहे हैं, लेकिन ब्यूरोक्रेसी और कागजी कार्यवाही की कमी के कारण उन्हें यह लाभ नहीं मिल पा रहा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जमाबंदी प्रक्रिया में सुधार और स्थानीय स्तर पर मदद नहीं की गई, तो यह समस्या और बढ़ सकती है।
सरकारी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जमाबंदी प्रमाणपत्र और भूमि रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे ताकि किसान योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
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